म्यूल अकाउंट से 10 करोड़ का लगाया चूना, गुजरात-छत्तीसगढ़ से 3 इंटरनेशनल साइबर ठग गिरफ्तार, कंबोडिया से हो रहा ऑपरेट

10 crores defrauded from mule account, 3 international cyber thugs arrested from Gujarat-Chhattisgarh, operating from Cambodia

म्यूल अकाउंट से 10 करोड़ का लगाया चूना, गुजरात-छत्तीसगढ़ से 3 इंटरनेशनल साइबर ठग गिरफ्तार, कंबोडिया से हो रहा ऑपरेट

राजनांदगांव : राजनांदगांव पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कंबोडिया (एशिया का एक देश) से संचालित इस रैकेट में गुजरात और छत्तीसगढ़ के आरोपी शामिल हैं.
इस मामले का मास्टरमाइंड गुजरात का श्रेणिक कुमार सांघवी है. जो कंबोडिया के स्कैम कॉल सेंटर्स से जुड़ा हुआ था. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी भारतीय नागरिकों को फर्जी इन्वेस्टमेंट ऐप, शादी और सोशल मीडिया स्कैम और फर्जी जॉब और लॉटरी स्कीम के जरिए ठगी का शिकार बनाते थे.
पुलिस ने इंटरनेशनल सायबर ठग गिरोह के 3 लोगों को गिरफ्तार किया. पकड़े गए तीनों लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस की पूछताछ में ये खुलासा हुआ कि गिरोह के लोग अबतक 10 करोड़ की ठगी कर चुके हैं. ठगी के काम को कंबोडिया से ऑपरेट किया जाता है.
पुलिस के मुताबिक ठग कंबोडिया के कॉल सेंटर के जरिए इस धंधे को चला रहे हैं. ठगी के पैसों को भेजने के लिए किराए के खाते जिसे बैंकिंग की भाषा में म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है उसका इस्तेमाल किया करते हैं. ठगी की रकम को एक्सचेंज कर कंबोडिया के कॉल सेंटर पर पहुंचाया जाता है.
गिरोह के लोग अब तक भारत से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं. एसपी मोहित गर्ग के मुताबिक एक आरोपी को गुजरात जबकि दो आरोपियों की गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ से हुई है. पुलिस पकड़े गए लोगों के कॉल डिटेल और पूछताछ से पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.
इस मामले का खुलासा 23 जनवरी को हुआ, जब रुपेश साहू नाम के व्यक्ति ने अपने फ्रीज किए गए बैंक खाते की शिकायत साइबर सेल में दर्ज कराई. जांच में पता चला कि उसके खाते में आए 90 हजार रुपए ठगी के थे. पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्य आशुतोष शर्मा की निशानदेही पर गुजरात के वल्साड में छापा मारा. अजय मेहेर बेहद शातिर था और फर्जी नाम, नंबर और पहचान पत्रों का इस्तेमाल करता था. इसलिए पुलिस ने उसे बैंक अकाउंट देने के बहाने रेलवे स्टेशन पर बुलाया। जैसे ही वह अकाउंट लेने पहुंचा.
पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और धर दबोचा। पूछताछ में श्रेणिक ने कबूल किया कि वह 2024 में कंबोडिया गया था और वहां के स्कैम कॉल सेंटर्स में ठगी का काम सीखा था. भारत लौटने के बाद उसने अपने साथियों की मदद से कई लोगों के बैंक अकाउंट इकट्ठे किए और कंबोडिया भेजे। बदले में उसे ठगी की रकम का 8-9% कमीशन मिलता था.
जांच में पता चला है कि गिरोह ने अब तक करीब 10 करोड़ रुपए की ठगी की है और इसके तार देश भर के कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं. राजनांदगांव पुलिस अब इस ठगी रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है. मनी म्यूल यानी ऐसा बैंक अकाउंट जो साइबर ठगों द्वारा अवैध पैसों के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. कई बार ये अकाउंट मालिक जानबूझकर या अनजाने में ठगों की मदद कर बैठते हैं और जब पुलिस जांच करती है, तो वे खुद अपराध में फंस जाते हैं.
कंबोडिया के कॉल सेंटर के जरिए ठगी की वारदात को अंजाम दिया जा रहा था. ठगी के पैसों को ये लोग एक्सचेंज कर कंबोडिया भेजा करते थे. इस केस में गुजरात से एक और छत्तीसगढ़ से दो लोगों को पकड़ा है. जल्द ही कुछ और लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है - मोहित गर्ग, एसपी, राजनांदगांव
पुलिस की अपील: एसपी मोहित गर्ग ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने खाते की निजी जानकारी किसी को भी नहीं देनी चाहिए. ओटीपी और पासवर्ड हमेशा गुप्त रखें. अपने बैंक खातों का गलत इस्तेमाल या किसी को देने से बचें. गेमिंग एप और ट्रेडिंग एप डाउनलोड करने से परहेज करें. भेजे गए लिंक पर कभी भी क्लिक नहीं करें.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI