अभनपुर में बिना अनुमति आरा मिल हुई इधर से उधर, अधिकारी- मुझे मालूम नहीं किसने कहां कैसे हटा दिया, डिप्टी रेंजर व दो फॉरेस्ट बिट गार्ड सस्पेंड

Saw found here and there without permission in Abhanpur officer I dont know who removed it where and how deputy ranger and two forest bit guards suspended

अभनपुर में बिना अनुमति आरा मिल हुई इधर से उधर, अधिकारी-  मुझे मालूम नहीं किसने कहां कैसे हटा दिया, डिप्टी रेंजर व दो फॉरेस्ट बिट गार्ड सस्पेंड

अभनपुर में बिना अनुमति आरा मिल हुई इधर से उधर, अधिकारी-  मुझे मालूम नहीं किसने कहां कैसे हटा दिया

अभनपुर/रायपुर : मामला वन विभाग नया रायपुर परिक्षेत्र के अंतर्गत अभनपुर नया बस स्टैंड स्थित आरा मिल का है. जहां वन विभाग की अनुमति के बिना ही आरा मिल का स्थल परिवर्तन कर दिया गया. और अब रेंजर साहब को जानकारी ही नहीं दी.
बताया जा रहा है कि अवैध कार्य में कठिनाई होती देख आरा मिल संचालक ने वन विभाग से मिलीभगत कर बिना किसी अनुमति आरा मिल को इधर से उधर कर दिया. 
नियम के मुताबिक देखे तो किसी भी आरा मिल को दूसरी जगह पर स्थापित करने के पूर्व वनमण्डल अधिकारी को आवेदन के जरिए अवगत कराया जाता है. फिर अनुज्ञापत्र अवैध वैध दस्तावेजों को अध्ययन कर वनमण्डल अधिकारी द्वारा संबंधित परिक्षेत्र अधिकारी को जांच का निर्देश जारी कर जानकारी उपलब्ध कराने को कहा जाता है. जिसका नियम के तहत परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा सहायक परिक्षेत्र अधिकारी को स्थल निरीक्षण कर जी. पी. एस कर जानकारी दिया जाता है.
लेकिन अभनपुर में वन विभाग का कोई नियम कानून लागू नहीं होता दिखाई दे रहा है. रेंजर अभनपुर अपने मौखिक आदेश को सर्वोच्च मानकर नियम कानून का धज्जी उड़ा रहे हैं. वहीं इन सबके बावजूद रेंजर साहब  जानकारी के बावजूद कार्यवाही नही कर पा रहे हैं.
मिडिया ने रेंजर तीर्थराज साहू से इस बारे पूछा तो उनका कहना था मेरे पास ऐसा कोई मामला नही आया. आएगा तो बता दूंगा. लेकिन जनाब को पता कहां कि यहां तो मिल हट चुकी है .हटने के बाद ही रेंजर से पूछा गया था.
वन विभाग के अधिकारियों ने मूंदी आंखेंआए दिन अभनपुर में अर्जुन लकड़ी के अवैध परिवहन, अवैध आरा मिलो प्रतिबंधित लकड़ी, अवैध कोयला भट्ठा जैसे मामले तो आए लेकिन कार्यवाही अबत क शून्य है. जिससे विभाग की सबसे ज़्यादा बदनामी हो रही है.
अभनपुर मैडम डिप्टी रेंजर नवपदस्थ डिप्टी रेंजर मैडम को इस मामले के बारे में पूछा गया तो मिल स्थल परिवर्तन की मुझे कोई जानकारी नहीं है. ना हमारे पास ऐसा कोई ऐसा स्थल निरीक्षण के लिए कोई दस्तावेज आया है. इस हिसाब से मैडम को पता ही नही चला कि कब मिल दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया वो भी नियम के खिलाफ..
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डिप्टी रेंजर व दो फॉरेस्ट बिट गार्ड सस्पेंड

बिलासपुर : बिलासपुर वन मंडल के सोंठी सर्किल में सागौन के पेड़ों की अवैध तरीके से कटाई और तस्करी के मामले में बिलासपुर सीसीएफ प्रभात मिश्रा ने बड़ी कार्यवाही करते हुए सर्किल के डिप्टी रेंजर हफ़ीज खान, सोंठी बिट प्रभारी बहोरन साहू और बिटकुला बिट के प्रभारी चन्द्रहास तिवारी प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. इस कार्यवाही के बाद वन विभाग में हड़कम्प मच गया है.
बता दें कि कुछ दिन पहले सोंठी जंगल में सागौन के पेड़ की बड़ी तादाद में अवैध तरीके से कटाई के बाद तस्करी हुई थी. इस दौरान बिटकुला के ग्रामीणों ने डिप्टी रेज़र व बिट गार्ड पर वन अधिकार पट्टा दिलाने के नाम पर आदिवासियों से पैसा लेने का भी लिखित आरोप लगा था. इस पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए बिलासपुर सीसीएफ प्रभात मिश्रा ने सर्किल के डिप्टी रेंजर हफ़ीज़ खान को सस्पेंड कर दिया. वही सोंठी बिट गार्ड बहोरन साहू व बिटकुला बिट प्रभारी चन्द्रहास तिवारी को डीएफओ सत्यदेव शर्मा ने निलंबित कर दिया.
लोकमणि त्रिपाठी होंगे सोंठी सर्किल के प्रभारी, बिट गार्डों की भी नियुक्ति
वन विभाग के उड़नदस्ता टीम के सहायक प्रभारी लोकमणि त्रिपाठी को सोंठी सर्किल का प्रभारी बनाया गया है. वही बेलतरा सर्किल के बिटकुली बिट प्रभारी पन्ना लाल जांगड़े को सोंठी व सोंठी सर्किल के नवापारा बिट प्रभारी रविन्द्र महिलांगे को बिटकुला बिट का एडिशन चार्ज दिया गया.
निलंबन के बाद डिप्टी रेंजर को भेजा गया धरमजयगढ़ वन मंडल मुख्यालय
निलंबन की कार्यवाही के बाद पूरे मामले में दोषी पाए गए सर्किल के डिप्टी रेंजर हफ़ीज़ खान का ट्रांसफर सीसीएफ प्रभात मिश्रा ने धरमजयगढ़ वन मंडल मुख्यालय कर दिया है. वही बहोरन साहू को रतनपुर तथा चन्द्रहास तिवारी को बेलगहना मुख्यालय भेज दिया गया है.
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