मोदी की गारंटी लागू कराने स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, सभी जिलों एवं ब्लॉकों में निकली रैली, सरकार पर छल का आरोप

Statewide demonstration by health workers to implement Modi's guarantee, rallies held in all districts and blocks, government accused of deceit

मोदी की गारंटी लागू कराने स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, सभी जिलों एवं ब्लॉकों में निकली रैली, सरकार पर छल का आरोप

रायपुर : “मोदी की गारंटी” को लागू कराने और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेश भर में व्यापक आंदोलन देखने को मिला. राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के सामने कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया. इसी तरह राज्य के सभी जिला, विकासखंड और तहसील मुख्यालयों में रैली और प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया.
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में केंद्र के समान महंगाई भत्ता (DA/DR), लंबित DA एरियर को GPF/CPF खाते में समायोजित करना, निस्वार्थ अनुकंपा नियुक्ति, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण, भवनभाटा की पुनर्संरचना, स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता और वेतन विसंगति दूर करने जैसे मुद्दे शामिल हैं.
प्रदर्शन में जुटे कर्मचारियों का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्मचारियों को सुविधाएं और समानता की गारंटी दी है. लेकिन राज्य सरकार इन्हें लागू करने में देरी कर रही है. “अगर केंद्र के कर्मचारियों को DA और सुविधाएं मिल रही हैं, तो राज्य के कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों?” – यही सवाल प्रदर्शनकारियों के नारों में गूंजता रहा.
फेडरेशन ने साफ किया है कि अगर उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक पहल नहीं हुई. तो 22 अगस्त को प्रदेशभर के कर्मचारी अधिकारी टोकन स्ट्राइक करेंगे. इसके बाद चरणबद्ध आंदोलन की भी चेतावनी दी गई है.

प्रमुख 11 सूत्रीय मांग
केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाए।
DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए।
सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
विभिन्न वर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली पर गंभीर पहल हो।
सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए।
प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू की जाए।
अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।
दैनिक,अनियमित,संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने।
सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जावे।
छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न पेंशनर्स संगठनों ने इस बार फेडरेशन के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए आंदोलन में शामिल होने का फैसला लिया है.
फेडरेशन के प्रदेश संयोजक कमल वर्मा, जी आर चंद्रा, चंद्रशेखर तिवारी, बी पी शर्मा, राजेश चटर्जी, रोहित तिवारी, मनीष मिश्रा, विंदेश्वर रौतिया, संजय सिंह ठाकुर, मनीष ठाकुर, राकेश शर्मा, अजीत दुबे, केदार जैन, अरुण तिवारी, लक्ष्मण भारती, भागवत कश्यप, दीपचंद भारती, नागेश्वर मौर्य, राज नारायण द्विवेदी, पंकज पांडेय, आर एन ध्रुव, कैलाश चौहान, ऋतु परिहार, सुमन शर्मा, टारजन गुप्ता, रीना राजपूत, मनोज साहू, जय कुमार साहू, संतोष वर्मा, हरिमोहन सिंह, हरीश देवांगन, लैलून भारद्वाजआदि ने साफ किया कि यह प्रदर्शन पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ढंग से आयोजित किया जाएगा. राजधानी रायपुर से लेकर सुदूर अंचलों तक सभी जिलों एवं ब्लॉकों में कर्मचारी-अधिकारी रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे.
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महासमुंद : महासमुंद जिले के स्वास्थ्य कर्मचारी एमएचएम के सैकड़ों महिला पुरुष कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया. इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने संविदा कर्मचारियों के साथ छल किया हैं.
दोपहर 2.30 बजे कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. जिसमें कहा कि राज्य सरकार ने मांगों पर विचार नहीं किया. स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे. और आम जनता को होने वाली असुविधा के लिए राज्य की सरकार जिम्मेदार होगी.
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बालोद : छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर पूरे बालोद जिले में कर्मचारी और अधिकारी मोदी की गारंटी लागू करवाने की मांग और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम पर कलेक्टर बालोद को ज्ञापन सौंपकर और रैली निकाल कर प्रदर्शन किया गया. यह प्रदर्शन केंद्र सरकार गारंटी के अनुरुप सुविधाएं लागू करवाने और राज्य सरकार से लंबित मांगों के जल्द निराकरण की मांगों को लेकर किया गया.  बालोद जिले में स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर धरना जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया.
इस दौरान जिला संयोजक लोकेश कुमार,महासचिव घनश्याम पुरी, फेंसनर फोरम संयोजक मधुकात यदु, जिला अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संघ वीरेंद्र देशलहरे, छग प्रदेश शिक्षक फेडरेशन जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष परशुराम धनेन्द्र, छग प्रदेश शिक्षक संघ से तामेश्वर कौशल, पेंशनर संघ जिला अध्यक्ष आरएम चावड़ा, चेतन यादव, राज्य कर्मचारी संघ सचिव गजेंद्र पुरी गोस्वामी, राजेंद्र कुमार साहू, लोमन राणा, कृष्णापुरी गोस्वामी, गिरीश देवांगन, जिला सचिव मनसुख दास साहू, तहसील अध्यक्ष भूधर दास जोशी, मनीष साहू, आस्था चंद्राकर, यूरेका साह, राधा राहू व अन्य पदाधिकारीगण मौजूद रहे.
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मुंगेली : प्रांतीय टीम के आह्वान पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एन.एच.एम के तत्वाधान में जिला स्तर पर कलेक्टरेट कार्यालय घेराव एवं धरना रैली कर ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया. जिसमे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के मुख्य लंबित मांग नियमितीकरण, 27% वेतन वृद्धि, ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति, स्वास्थ्य बीमा, एवं 10 सूत्री मांगों को लेकर कार्यालय कलेक्टर का घेराव किया गया.
जिसमें जिला स्तर के राष्ट्रीय स्वास्थ्य कर्मचारी संघ दो दिवस 16 एवं 17 को सामूहिक अवकाश में है. आगे शासन प्रशासन द्वारा मांगे पूरा नहीं किया जाता तो कर्मचारी संघ अनिश्चित कालीन हड़ताल मे जाने मे बाध्य रहेंगे. जिसकी सम्पूर्ण जवाब दारी शासन प्रशासन की होंगी.
इस मौके पर अध्यक्ष अमित दुबे, पवन निर्मलकर, डॉ मीनाक्षी बंजारे, बलराम, जितेंद्र,अमित अहिरवार,संतोष निर्मलकर, गोविन्द साहू, राजेंद्र राजपूत, अवि साहू, नेहा सिंह, योगेश, विश्वनाथ, संघ के सभी कर्मचारी मौजूद रहे.
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