स्वच्छता दीदियों ने ठेकेदार पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, निगम के बाहर किया प्रदर्शन, 8 नवम्बर को बंद रहेंगे सभी आंगनबाड़ी केंद्र, होगा धरना प्रदर्शन
Swachhta didis accused the contractor of harassment demonstrated outside the corporation all Anganwadi centers will remain closed on November 8 there will be a protest
स्वच्छता दीदियों ने ठेकेदार पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, निगम के बाहर किया प्रदर्शन
राजनांदगांव : शहर के पेंड्री स्थित कचरा संग्रहण केंद्र में कार्यरत स्वच्छता दीदियों ने सफाई ठेकेदार द्वारा प्रताड़ित करने और पेमेंट काटने का आरोप लगाया. नगर निगम परिसर में स्वच्छता दीदियों ने विरोध जताते हुए कार्रवाई की मांग की.
नगर निगम परिसर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली स्वच्छता दीदियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि शहर के पेंड्री एसएलआर सेंटर में 11 स्वच्छता दीदी और एक वाहन चालक काम करते हैं. इस महीने उनके बैंक अकाउंट में डालें गए सितंबर माह के वेतन में काफी कटौती कर दी गई.
स्वच्छता दीदी प्रीति मानिकपुरी, मंजू छेदईया सहित अन्य ने बताया कि ठेकेदार द्वारा उन्हें काम से निकलने की धमकी दी गई. वही सेंटर सुपरवाइजर रीभा यादव की जगह दूसरी सुपरवाइजर को भेजा जा रहा है. जिसके द्वारा भी स्वच्छता दीदियों को प्रताड़ित किया जा रहा है. नियम के मुताबिक स्वच्छता दीदियों को माह में दो दिन अवकाश देना है. वहीं उसके अलावा एक दिन छुट्टी करने पर दो-तीन दिनों का पेमेंट काटा जा रहा है.
वाहन चालक मंगेश ने बताया कि इस महीने उसके खाते में सिर्फ 5 हजार की रकम ही आई और उसकी 9 छुट्टी बताकर 12 हजार रुपये काट दिए गए हैं. जबकि उसने सिर्फ तीन छुट्टी किए थे.
नगर निगम के बाहर आक्रोश व्यक्त करते हुए महिलाओं ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत समस्या होने पर भी अवकाश नहीं दिया जाता है. तीज पर छुट्टी लेने वालों का भी पेमेंट काट दिया गया है. इस मामले में स्वच्छता दीदियों ने नगर निगम आयुक्त से कार्रवाई की मांग की.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका करेंगी धरना प्रदर्शन, 8 नवम्बर को बंद रहेंगे सभी आंगनबाड़ी केंद्र
रायपुर : छत्तीसगढ़ के सभी आगंनबाडी केन्द्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका 8 नवम्बर को धरना प्रदर्शन करेंगी. सभी जिला मुख्यालय मे धरना रैली प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री छ.ग.के नाम ज्ञापन सौपा जायेगा. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के प्रान्तीय बैठक में यह फैसला लिया गया.
गौरतलब छत्तीसगढ़ मे महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रो मे कार्यरत कार्यकर्ता और सहायिकाये जीने लायक वेतन, बुढ़ापे की सहारा पेशन ग्रेज्युवेटी, समूह बीमा योजना इत्यादी जैसे मूलभूत सुविधाओ के साथ ही साथ केन्द्र संचालन मे प्रतिदिन आ रही दै नंदनि ब्यवहारिक लम्बित समस्याओ को राज्य सरकार को समय समय पर अवगत कराते आ रहे हैं.
केन्द्र संचालन और विभागीय योजनाओ के कई योजनाओ के सफल क्रियान्वयन और उसका लाभ जन-जन को पहुचे इसके लिये भी चिन्तित है और उस काम को भी कर रहे हैं. पर्याप्त सुविधा और उचित प्रशिक्षण के अभाव के बाद भी सभी जानकारिया मोबाईल या विभाग के मंशानुरुप कर रहे हैं.
विभागीय कार्यो .आंगनबाड़ी केन्द्रो के संचालन के साथ ही साथ बी.एल.ओ. निर्वाचन.एनजीओ का और अन्य विभागो का बहुद्देशयी कार्यकर्ता के रुप मे भी काम कर रहे हैं. सचिव महिला एव बाल विकास का समय समय पर जारी आदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ से विभागीय कार्य के अलावा दुसरा काम ना लिया जाए. इसका भी कही कोई पालन नही हो रहा है.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को स्वय सरकार कहती है. मानसेवी है और ड्रेस नही पहनने पर मानदेय काटना.ड्रेस को ही पहचान बताना कहां तक सही है. जबकी ये खुद उस गांव के बेटी बहु है उनको सब पहचाते हैं. जानते. हकीकत में ड्रेस की जरुरत तो उसके लिए है जो सुपरवाईजर बीस पचीस केन्द्र अलग-अलग गांव में महीने में कभी कभार जाती है उसके लिये यह जरुरी है .
यह और दुखद बात है कि विभागीय गतिविधियो के संचालन मे आ रही समस्याये शासन के मंशानुरुप मिलने वाली सुविधा जैसे.समय पर हर माह के 5 तारीख तक मानदेय भुगतान.मिनी का पूर्ण करने मे हो रहे भ्रष्टाचार.सहायिकाओ को रिक्त कार्यकर्ता के पद पर पदोन्नति दिये जाने की विसंगति. मोबाईल और नेट सुविधा की बात करने और अपनी मूलभूत सुविधाओ की बात करने. अपने हक की आवाज को शासन प्रशासन तक रखने वाले संघ पदाधिकारियो को टारगेट मे रख कर सेवा बर्खास्तगी की कार्यवाहियो को संयुक्त मंच ने 20/9/2024 को विभागाध्यक्ष (सचालक के साथ बैठक कर चर्चा की गई ज्ञापन सौपा गया.
इसी तरह ड्रेस के संबंध मे चर्चा की गई लेकिन उसके कोई सार्थक परिणाम नही आने से क्षुब्ध है और शासन का ध्यानाकर्षण करते हुए. संयुक्त मंच के 19 अक्टूबर 2024 को रायपुर मे आयोजित बैठक मे फैसला लिया गया कि 8 नवम्बर को पूर्व में सौपे गए और लम्बित 15 सूत्रीय मांग पत्र के निराकरण, सुमन यादव मंच पदाधिकारी के बहाली और सुपरवाईजरो के लिये भी ड्रेस कोड लागू करने और विभाग के अतर्गत एक स्थान पर तीन साल से ज्यादा समय से पदस्थ अधिकारी कर्मचारियो के स्थानान्तरण अन्यत्र किये जाने के बारे में मांग को लेकर प्रदेश भर के हर जिला मे एक दिवसीय धरना प्रदर्शन काम बंद केन्द्र बंद कर किये जाने का फैसला लिया गया.
संयुक्त मंच की बैठक मे रूक्मणी सज्जन, प्रान्ताध्यक्ष बस्तर, सरिता पाठक, प्रान्ताध्यक्ष 409 हेमाभारती, प्रगतिशिल कल्पना चंद.पार्वती यादव, कबीरधाम संतोषी वर्मा, राजनांदगांव- पिंकींठाकुर, लता तिवारी, खैरागढ़-सुधा रात्रे, महासमुंद-जयश्री राजपुत, आर.पी.शर्मा, सौरायादव, विश्वजीत, देवेन्द्र पटेल.संयुक्त मंच के प्रमुख घटक संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb



