सुशासन तिहार में लगातार हो रहा हंगामा, जनता पूछ रही ये कैसा त्योहार, ढकोसला बंद करो के लगे नारे, जनता की समस्या को लेकर नेताओं के बीच नोकझोक

There is continuous uproar during Good Governance Festival, the public is asking what kind of festival is this, slogans of stop the deception are raised, and leaders are bickering over public problems.

सुशासन तिहार में लगातार हो रहा हंगामा, जनता पूछ रही ये कैसा त्योहार, ढकोसला बंद करो के लगे नारे, जनता की समस्या को लेकर नेताओं के बीच नोकझोक

बिलासपुर : बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में जमकर हंगाम हुआ. किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों सड़क, बिजली, पानी और खाद के मुद्दे पर माहौल अचानक गरमा गया और देखते ही देखते यह शिविर सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया. सुशासन तिहार के मंच पर विकास के दावों की पोल खुल गई. बिलासपुर के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के गोड़ी गांव में आयोजित सरकारी शिविर राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया. जहां किसानों के सवालों ने सत्ता पक्ष को कठघरे में खड़ा कर दिया.
सड़क, बिजली, पानी और खाद की समस्याओं से नाराज ग्रामीणों ने मंच पर ही प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. बताया जा रहा कि क्षेत्र में जिस जगह शिविर लगा हुआ उस क्षेत्र में कांग्रेसी नेता की पत्नी श्रीमती अनिता राजेंद्र शुक्ला उस क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य है.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों के समस्या को लेकर कांग्रेसी नेता माइक में समस्याएं बता रहे थे. उसी दौरान शिविर में पहुंचे बिल्हा विधायक और उनके समर्थकों से माइक में बोलने को लेकर बहसबाजी शुरू हो गई. जो धीरे धीरे आक्रामक हो गई. इसी दौरान कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला और बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के बीच तीखी बहस हो गई. जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. वही विधायक और कांग्रेसी नेता की बीच किसी तरह बिल्हा थाना प्रभारी ने हस्ताक्षेप कर मामले को शांत भी करवाया.
सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में सरकार जहां अपनी उपलब्धियां गिनाने पहुंची थी. वहीं किसानों और ग्रामीणों ने जमीनी हकीकत सामने रख दी. लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सड़कें बदहाल हैं. बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है. पानी की समस्या बनी हुई है और किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है. इतना ही नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि हर घर पानी पहुंचाने के प्रधानमंत्री मोदी की जल मिशन योजना का भी लाभ आसपास के गांवों को नहीं मिल रहा है और भीषण गर्मी में जल मिशन योजना के हुए भ्रष्टाचार और आधे अधूरे पड़े काम के जलते उन्हें एक एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है.
ग्रामीणों के तीखे सवालों के बीच माहौल उस वक्त और गर्मा गया जब कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने किसानों की समस्याओं को लेकर माइक से ही पोल खोलना शुरु कर दिया. इसके बाद मंच पर ही विधायक धरमलाल कौशिक और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. देखते ही देखते कार्यक्रम में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया और सुशासन तिहार का मंच सियासी रणभूमि में बदल गया.
वायरल वीडियो में ग्रामीण खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि सरकार के सुशासन के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं. जबकि जमीनी स्तर पर जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है. वहीं भाजपा इसे राजनीतिक ड्रामा बताकर विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगा रही है.
फिलहाल बिल्हा विधानसभा के गोड़ी गांव का यह वायरल वीडियो सुशासन तिहार की सफलता से ज्यादा क्षेत्र की समस्याओं और राजनीतिक टकराव को लेकर चर्चा में है. सवाल यह है कि जनता के मुद्दों पर जवाब कौन देगा. यही अब राजनीतिक बहस का सबसे बड़ा विषय बन गया है.
राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के नाम पर सिर्फ दिखावा कर रही है और सुशासन तिहार महज एक राजनीतिक आयोजन बनकर रह गया है. राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अगर हक़ीकत में शासन-प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर होता तो लोगों को बार-बार आवेदन देने की जरुरत नहीं पड़ती. उन्होंने कार्यक्रम को ‘ढकोसला’ बताते हुए भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा.
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