हाथियों के आतंक से परेशान एक दर्जन गांव के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में दिया धरना, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर फसलों और जन हानि को लेकर रखी मांग
Troubled by the terror of elephants the villagers of a dozen villages staged a protest in the Collectorate submitted a memorandum to the President and raised demands regarding loss of crops and people
गरियाबंद/मैनपुर : गरियाबंद जिला में मैनपुर रेंज में हाथियों के आतंक से प्रभावित गांवों के आदिवासी समुदाय के सैकड़ों लोगों ने ट्रैक्टर रैली के जरिए गरियाबंद मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टोरेट के सामने धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर फसल क्षति के लिए प्रति एकड़ 75 हजार रुपये मुआवजे और जन हानि के लिए 1 करोड़ रुपये की मांग की.
आदिवासी समुदाय के करीब 200 लोग अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के बैनर तले अध्यक्ष उमेंदी कोर्राम और महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष लोकेश्वरी नेताम के नेतृत्व में धरने पर बैठे. उन्होंने एसडीएम राकेश गोलछा को ज्ञापन सौंपा. जिसमें कच्चे घरों को नुकसान पहुंचाने वाले हाथियों की वजह से बढ़ी समस्या का समाधान मांगा.
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पीएम आवास योजना के तहत हर परिवार को 5 लाख रुपये मंजूर किए जाएं. इसके साथ ही मैनपुर रेंज के जिडार इलाके को सोनाबेड़ा अभ्यारण्य का हिस्सा बताने वाले गूगल मैप को सही करने की मांग की गई है.
बता दें कि पिछले डेढ़ महीने से 45 हाथियों ने इस क्षेत्र में स्थायी रुप से डेरा जमा लिया है. जिससे प्रभावित गांवों में काफी उत्पात मच रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि विभाग की अनदेखी के चलते वे मदद की गुहार लगाते रहे हैं. लेकिन सिर्फ कागजी कार्यवाही से उनकी समस्याएं हल नहीं हुई.
इस धरने के जरिए आदिवासी समुदाय ने अपनी हक की लड़ाई लड़ने की ठानी है. जहां एक तरफ पूरा देश दीपावली मनाने में मस्त है. वहीं दूसरी तरफ ये संकट में पड़े आदिवासी परिवार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
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