सचिव के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, बदसलूकी का आरोप, गुस्साए ग्रामीणों ने जिला पंचायत का घेराव कर हटाने की किया मांग
Villagers' anger erupted against the secretary, allegations of misbehavior, angry villagers surrounded the district panchayat and demanded his removal
दुर्ग : दुर्ग जिले के ग्राम चंदखुरी में सचिव कामिनी चंद्राकर के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. गांव में सात साल से विकास न होने और सचिव के कथित दुर्व्यवहार को लेकर ग्रामीणों ने जिला पंचायत कार्यालय का घेराव किया. प्रदर्शनकारियों ने दुर्ग जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे को ज्ञापन सौंपते हुए सचिव को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की.
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात साल में गांव में कोई ठोस विकास काम नहीं हुआ है. उपसरपंच योगिता यादव ने बताया कि सचिव का व्यवहार बुजुर्गों और अशिक्षित ग्रामीणों के प्रति असम्मानजनक है. वहीं, ग्रामीण भूपेंद्र सिन्हा का कहना है कि सचिव कामिनी चंद्राकर मनरेगा, वृद्धा पेंशन या किसी भी सरकारी योजना के बारे में पूछने पर ग्रामीणों से बदसलूकी करती हैं.
ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव, सरपंच और उपसरपंच के बीच जानबूझकर विवाद कराती हैं. सचिव और सरपंच की आपसी सांठगांठ से कार्यों में पारदर्शिता नहीं है. शिकायत में कहा गया कि सचिव एसी कमरे में बैठकर काम करती है और उनके केबिन में कोई कैमरा भी नहीं लगा है. साथ ही गांव के स्टेडियम में लगी लाइट्स में भी भ्रष्टाचार की आशंका जताई गई है.
इस बारे में दुर्ग जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि मामले की जांच के लिए टीम भेजी जाएगी. उन्होंने कहा कि सचिव को हटाने की मांग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. जांच के बाद अगर अनियमितता पाई गई तो निश्चित तौर से कार्रवाई की जाएगी.
ग्रामीणों ने साफ किया है कि यह प्रदर्शन किसी निजी लाभ के लिए नहीं. बल्कि गांव के समग्र हित में किया गया है. वे सचिव का ट्रांसफर करवाना चाहते हैं. ताकि गांव में विकास और सुशासन सुनिश्चित हो सके.
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