गुरुदेव की फोटो रखकर बंद कमरे में पूजा उपासना, अंधविश्वास ने ली दो सगे भाईयों की जान, 4 लोग बेहोश, जिम्मेदार कौन?, जांच में जुटी पुलिस

Worship in a closed room by keeping Gurudev photo superstition took the lives of two brothers 4 people unconscious who is responsible police engaged in investigation

गुरुदेव की फोटो रखकर बंद कमरे में पूजा उपासना, अंधविश्वास ने ली दो सगे भाईयों की जान, 4 लोग बेहोश, जिम्मेदार कौन?, जांच में जुटी पुलिस

सक्ती : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक बार फिर अंधविश्वास का खेल देखने को मिला है. बता दें कि यहां पर अंधविश्वास के फेर में दो सगे भाइयों की मौत हो गई है, जबकि 4 लोग बेहोश हो गए हैं. पूरा मामला सक्ती जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र के लोहारकोट के तांडुल डीह ग्राम का है.
मिली जानकारी के मुताबिक अपने गुरुदेव की तस्वीर रखकर छः लोग साधना कर रहे थे. मंत्रोच्चार के दौरान दो युवकों की हालत बिगड़ने से जान चली गई. ये पिछले दो- तीन दिन से पूजा कर रहे थे.
पूरा मामला सक्ती जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र के लोहारकोट के तांडुल डीह ग्राम का है. जहां बंद कमरे में पूजा उपासना की वजह से दो सगे भाई विक्की सिदार उम्र 22 साल और विक्रम सिदार उम्र 25 साल की मौत हो गई. वहीं अन्य चार लोग बेहोश हो गए. जिसमें दो की मानसिक हालत सही नहीं है.
बताया जा रहा है कि एक ही परिवार के 6 लोग अपने किसी गुरुदेव की तस्वीर रखकर साधना कर रहे थे. जिनमें तीन लड़के, दो युवतियां और उनकी मां शामिल थी. वे पिछले दो तीन दिन से पूजा कर रहे थे. इसमें मंत्रोच्चार के दौरान दो युवकों की हालत बिगड़ने से मौत हो गई है. कमरा पूरी तरह से बंद था.
पुलिस मामले की खबर पर घटना स्थल पहुंची दरवाजा खटखटाया. जब परिवार वालों ने दरवाजा खोला तो टीम ने देखा कि दो युवक बेहोश पड़े थे. उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है. मृतक युवकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पीएम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी.
घटना के बाद गांव में डर का माहौल है. हालांकि घर में साधना कर रहे युवकों की मौत कैसे और किस हालात में हुई यह जांच का विषय है. इस मामले में एसपी अंकिता शर्मा ने कहा कि पीएम रिपोर्ट और परिवार वालों के बयान के बाद ही मामले का सच सामने आएगा.
बीते सुकमा जिले के कोंटा थाना क्षेत्र में अंधविश्वास ने जिंदगी छीनी थी. यहां के इकतल गांव में जादू-टोना के शक में ग्रामीणों ने लाठी-डंडे से पीट-पीटकर एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या कर दी गई. जानकारी के मुताबिक गांव के कुछ लोगों को एक परिवार पर जादू-टोने करने का शक था. इस शक के चलते गांव के 5 लोगों ने मिलकर परिवार के घर में घुसकर हमला किया और पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया.
इसके अलावा  बिलासपुर के सिरगिट्टी बन्नाक चौक स्थित मुक्तिधाम का है. यहां पर जलती चिता के सामने एक काला काला वस्त्र धारण किए हुए महिला हवन-पूजन करने बैठे हुई थी. इस दौरान वहां पर अंतिम संस्कार करने गए लोग वहां पहुंचे तो लोगों की नजरें उनपर पड़ी, तो देखते- देखते वहां भीड़ जुट गई. आसपास के लोगों ने किसी अनहोनी होने की आशंका से लोगों ने महिला तांत्रिक और उसके सहयोगियों को पकड़ कर सिरगट्टी थाने लाया. घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी थाने पहुंचकर तांत्रिक महिला व उसके सहयोगी से पूछताछ भी की तो पता चला कि ये तंत्र क्रिया कर रहे थे.
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