40 हजार महिलाओं से अरबों का फ्रॉड, जनजाति आयोग ने फ्लोरामैक्स-कंपनी के खिलाफ दिए इन्वेस्टिगेशन के निर्देश, सरकार से मांगी रिपोर्ट
40,000 women defrauded of billions of rupees; Tribal Commission orders investigation against Floramax company, seeks report from government
कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में फर्जी कंपनी फ्लोरा मैक्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा हजारों आदिवासी महिलाओं से की गई करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. आयोग ने राज्य सरकार को 30 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं.
यह मामला पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत के बाद आयोग के संज्ञान में आया था. आयोग के अध्यक्ष डॉ. अंतर सिंह आर्य की अध्यक्षता में 16 अक्टूबर को हुई सुनवाई में मुख्य सचिव को तलब किया गया था. जिनकी तरफ से बिलासपुर कमिश्नर सुनील कुमार जैन ने पक्ष रखा.
जांच में सामने आया कि कंपनी ने ग्रामीण आजीविका मिशन के नाम पर महिलाओं को झूठे सपने दिखाकर 40,000 से ज्यादा महिलाओं से प्रति महिला ₹30,000 तक की वसूली की. जिससे करीब ₹120 करोड़ का घोटाला हुआ.
आयोग ने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं बल्कि आदिवासी महिलाओं की गरिमा और विश्वास पर सीधा हमला है. आयोग ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि सभी आरोपियों की संपत्ति की जांच कर अवैध संपत्ति जब्त की जाए. पीड़ित महिलाओं को राहत और मुआवजा दिया जाए और अब तक हुई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा 30 दिनों में आयोग को सौंपा जाए.
अब तक पुलिस ने इस घोटाले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिनमें तीन मुख्य आरोपी शामिल हैं. जिन्होंने नेटवर्क का संचालन किया था.
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