केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे साई भगीरथ को 17 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दी 7 दिन की अंतरिम जमानत

A court has granted 7 days' interim bail to Sai Bhagirath, son of Union Minister of State for Home Affairs Bandi Sanjay Kumar, in a case involving the alleged rape of a 17-year-old female student.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे साई भगीरथ को 17 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दी 7 दिन की अंतरिम जमानत

हैदराबाद : मोदी सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे साई भगीरथ को कोर्ट ने उसकी फ़ाइनल परीक्षा में शामिल होने की सुविधा देने के लिए यह अस्थायी राहत दी है. यह अंतरिम जमानत सात दिन की अवधि के लिए है. बंदी साईं भागीरथ को 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण' (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में 29 मई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था.
हैदराबाद के मलकजगिरी में बच्चों को यौन अपराधों से बचाने वाले कानून (POCSO) के तहत बनी एक स्पेशल कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे बंदी साई भागीरथ को सात दिन की अंतरिम ज़मानत दी है.
आरोपी पर बशीर बाग़ पुलिस स्टेशन में दर्ज POCSO मामले में गंभीर आरोप हैं. कोर्ट ने भागीरथ को उसकी फ़ाइनल परीक्षा में शामिल होने की सुविधा देने के लिए यह अस्थायी राहत दी है. यह अंतरिम ज़मानत सिर्फ सात दिन की अवधि के लिए है.
हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत
नाबालिग लड़की के बयान के बाद मामले में मंत्री के बेटे के खिलाफ गंभीर धाराएं जोड़ी गईं. मामला बढ़ता देख भगीरथ ने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की. आरोपी ने तेलंगाना हाईकोर्ट में अंतरिम राहत के लिए याचिका लगाई. लेकिन हाईकोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से राहत देने से साफ मना कर दिया. इसके बाद 16 मई की रात को पुलिस ने भगीरथ को गिरफ्तार कर लिया. तब से वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद था.
जानिए पूरा मामला
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का बेटे भगीरथ ने फार्म हाउस में शराब पिलाकर 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा से दो बार किया बलात्कार!
17 साल की नाबालिग छात्रा ने तेलंगाना में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे साई भगीरथ के खिलाफ शराब पिलाकर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया. हैदराबाद के पेट बशीरबाद पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 75 के अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 11/12 के तहत केस दर्ज किया गया था.
भागीरथ बुधवार को पुलिस द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद पेश नहीं हुआ. जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज पॉक्सो मामले में गिरफ्तारी के लिए दिल्ली और करीमनगर में टीमें भेजीं. पेट बशीराबाद पुलिस ने भागीरथ के चाचा को करीमनगर में दूसरा नोटिस भेजा. क्योंकि वहीं उसके मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन मिली थी.
भागीरथ ने बुधवार को पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को एक पत्र भेजकर पेश होने के लिए दो दिन का समय मांगा. केंद्रीय मंत्री के बेटे ने अंतरिम जमानत के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट का रुख किया. उसकी अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने ख़ारिज कर दी.
इसी बीच करीमनगर में पोस्टर लगाए गए. जिनमें दावा किया गया कि भागीरथ फरार है. लोगों से अपील की गई कि अगर वह कहीं दिखाई दे तो पुलिस को खबर दें. पोस्टरों में भागीरथ और उसके पिता बंदी संजय की तस्वीरें भी लगी. जो करीमनगर से सांसद हैं. ऐसे ही पोस्टर बुधवार को हैदराबाद के कुछ हिस्सों में भी लगाए गए थे.
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पुलिस महानिदेशक सी.वी. आनंद को मामले की जांच शुरू करने के निर्देश दिए थे. उसी दिन डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस रितिराज को जांच की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई. उन्होंने पीड़िता से बात कर ज्यादा जानकारी जुटाई थी.
मिली जानकारी के मुताबिक 17 वर्षीय लड़की की मां ने पेट बशीरबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि भगीरथ पिछले छह महीनों से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था. महिला का आरोप है कि भगीरथ ने मोइनाबाद के एक फार्महाउस में लड़की को शराब पिलाई और यौन उत्पीड़न किया. भागीरथ पिछले छह महीनों से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था.
शिकायतकर्ता ने बताया कि दोनों की मुलाकात हैदराबाद में कुछ दोस्तों के जरिए हुई थी. आरोप है कि भगीरथ ने शादी का झूठा वादा कर लड़की का भरोसा जीता और नजदीकियां बढ़ाईं. इसके बाद अरुणाचल प्रदेश, विजयवाड़ा और तिरुमाला मंदिरों समेत कई यात्रा भी हुई. पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और POCSO एक्ट की धारा 11 (यौन उत्पीड़न) के तहत केस दर्ज किया था. 
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t