करंट के जाल में फंसा शिकार, युवक की मौत, इलाके में फैली सनसनी, 6 आरोपी गिरफ्तार, सियार की भी गई जान, खतरनाक प्रवृत्ति पर उठे सवाल

A victim is caught in an electric current, resulting in the death of a young man, causing widespread panic in the area, with six suspects arrested, and a jackal also killed. Questions raised about the dangerous trend.

करंट के जाल में फंसा शिकार, युवक की मौत, इलाके में फैली सनसनी, 6 आरोपी गिरफ्तार, सियार की भी गई जान, खतरनाक प्रवृत्ति पर उठे सवाल

सरगुजा : सरगुजा जिले के मैनपाट वन परिक्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. अवैध शिकार के लिए बिछाए गए बिजली के करंट के जाल में फंसकर एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई. यह घटना 25 मार्च 2026 की बताई जा रही है. जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है.
मिली जानकारी के मुताबिक मैनपाट वन परिक्षेत्र के बंदना परिसर अंतर्गत कक्ष क्रमांक पी-2355, जिसे स्थानीय लोग बड़ेरा जंगल के नाम से जानते हैं. वहां एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया. मृतक की पहचान मिसर यादव (पिता- कांशी यादव), निवासी ग्राम मुड़गिडीह के रुप में हुई है. घटनास्थल पर एक सियार का शव भी मिला. जिससे साफ हो गया कि यह करंट का जाल जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाया गया था.
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करीब 1300 मीटर लंबा जीआई तार सीधे 11 केवी बिजली लाइन से जोड़ दिया था. इस तार को मड़ियाकोंना से घटना स्थल तक फैलाया गया था. जिससे यह साफ होता है कि पूरी साजिश सुनियोजित और खतरनाक तरीके से रची गई थी.
वन विभाग की कार्रवाई..
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) सरगुजा के निर्देश पर उपवनमंडलाधिकारी सीतापुर के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की. इस कार्रवाई के दौरान 6 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तार आरोपियों में जहर (उम्र 70 साल), जयपाल (उम्र 45 साल), निर्मल कुजूर (उम्र 65 साल), घुरसाय (उम्र 38 साल), विश्वनाथ (उम्र 46 साल) और श्यामसुंदर (उम्र 25 साल) शामिल हैं. सभी आरोपी अलग-अलग गांवों के निवासी हैं और मिलकर अवैध शिकार के लिए इस खतरनाक करंट जाल को बिछा रहे थे.
वन विभाग ने मौके से करंट प्रवाहित तार, खूंटियां और मृत सियार को जब्त किया है. इसके बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने सभी आरोपियों को कमलेश्वरपुर थाना लाकर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है.
कानूनी कार्रवाई और जांच जारी..
आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 एवं संशोधन अधिनियम 2002 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है.
खतरनाक प्रवृत्ति पर उठे सवाल..
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि अवैध शिकार के लिए बिजली करंट का उपयोग न सिर्फ वन्यजीवों के लिए, बल्कि इंसानों के लिए भी बेहद जानलेवा साबित हो रहा है. अगर समय रहते ऐसी गतिविधियों पर रोक नहीं लगी. तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं.
वन विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से इस पूरे मामले का खुलासा हो सका, लेकिन इस घटना ने जंगलों में फैल रही खतरनाक शिकार पद्धतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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