स्कूल खुलते ही शराबी गुरुजी पहुंचे क्लास, पालकों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी, जिला शिक्षा अधिकारी- जांच के बाद होगी कार्यवाही
As soon as the school opened, drunk Guruji reached the class, there was huge resentment among parents and villagers, District Education Officer- Action will be taken after investigation
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर : छत्तीसगढ़ के भरतपुर विकासखंड के मेहदौली गांव से एक शर्मनाक मामला सामने आया है. जहां एक शिक्षक शराब के नशे में बच्चों को पढ़ा रहा है. भरतपुर जिला के भरतपुर विधान सभा के मेहदौली ग्राम के शासकीय प्राथमिक शाला स्कूल में जहां बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव रखी जानी थी. वहां अब अंधकार मंडरा रहा है. जिससे पालकों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है.
लड़खड़ाते हुए कक्षा में पहुंचता है…
ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल में पदस्थ शिक्षक अक्सर शराब के नशे में आता है… लड़खड़ाते हुए कक्षा में पहुंचता है… और बच्चों पर चिल्लाने से लेकर आपत्तिजनक हरकतों तक से नहीं चूकता है. ऐसे में शिक्षा का तारा किस तरह होगा यह देखा जा सकता है.
इस बारे में जब जिला शिक्षा अधिकारी से बात की है. उनके द्वारा अगर इस तरह की हरकतें अगर शिक्षक के द्वारा की जा रही है तो यह सरासर आपत्तिजनक है. इस पर जांच कर कर इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अब देखने वाली बात होगी कि क्या ऐसे शिक्षकों पर किस तरह की कार्रवाई की जाती है.
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भैंसबोड़ माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक पर लगे गंभीर आरोप
धमतरी/कुरूद : शासकीय माध्यमिक शाला भैंसबोड़ के शिक्षक इंद्रमन बारले एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं. उन पर छात्रों से टाई-बेल्ट के नाम पर जबरन राशि वसूलने और कंप्यूटर घोटाले का आरोप लगा है. जांच में आरोपों की पुष्टि के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है.
150 रुपये प्रति छात्र की वसूली और 75,000 रुपये का कंप्यूटर घोटाला
ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक बारले ने प्रत्येक छात्र से टाई-बेल्ट के नाम पर 150 रुपये की अवैध वसूली की. इसके साथ ही विद्यालय में कंप्यूटर की आपूर्ति के नाम पर करीब 75,000 रुपये की राशि गबन करने का आरोप भी सामने आया है. हैरानी की बात यह है कि आज तक कंप्यूटर विद्यालय में उपलब्ध नहीं हो पाया है. जबकि कागजों में राशि व्यय दर्शाई जा चुकी है.
जांच में आरोपों की पुष्टि, फिर भी कार्रवाई शून्य
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तो करवाई, जिसमें आरोप सही पाए गए. लेकिन आरोपी शिक्षक के खिलाफ अब तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है. इस लचर रवैये से ग्रामीणों में असंतोष और प्रशासन की नीयत पर संदेह गहराता जा रहा है.
दस्तावेजों में हेरफेर के संकेत
पत्रकारों द्वारा शाला प्रबंधन समिति की 19 अक्टूबर 2024 की बैठक के रजिस्टर की जांच के दौरान पाया गया कि प्रस्ताव क्रमांक 16 में कॉलम 7 को दो अलग-अलग पेन से लिखा गया है. जो साफ करता है कि जानकारी छिपाने या दस्तावेजों में हेरफेर की कोशिश की गई है. जब शिक्षक से कंप्यूटर बिल की मांग की गई. तो उन्होंने कोई साफ जवाब नहीं दिया. विद्यालय में हाल ही में लाया गया कंप्यूटर देखकर यह शक भी उत्पन्न हुआ कि वह सिर्फ जांच अधिकारियों को दिखाने के लिए मंगवाया गया हो. अन्य शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप भी शामिल है
ग्रामवासियों का यह भी कहना है कि शिक्षक बारले का ब्यवहार अन्य शिक्षकों के साथ भी ठीक नहीं रहा है और वह अक्सर दुर्व्यवहार करते हैं। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को 25 दिन पूर्व लिखित शिकायत भी भेजी जा चुकी है. लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है.
ग्रामीणों का चेतावनी भरा रुख
इस पूरे प्रकरण से क्षुब्ध ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही दोषी शिक्षक पर कार्रवाई नहीं की गई. तो वे पंचायत स्तर पर आंदोलन करेंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर इस विषय में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराएंगे. उनका कहना है कि अगर विभाग दोषी को संरक्षण देता रहा. तो वे उग्र जनआंदोलन के लिए मजबूर होंगे. जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी.
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