छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अमित बघेल ने किया सरेंडर, उसी बीच मां का निधन, कोर्ट परिसर में उमड़ी भारी भीड़ ने पुलिस के साथ की झूमाझटकी
Chhattisgarhi Kranti Sena's Amit Baghel surrenders, his mother passes away; a large crowd gathered in the court premises and scuffled with the police.
रायपुर : छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना से जुड़े माने जाने वाले अमित बघेल ने आज पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. सरेंडर की कार्रवाई के दौरान ही उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. अमित बघेल की मां के निधन की खबर मिलते ही माहौल और भावुक हो गया. सरेंडर की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसरों और थाने के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
लोगों का कहना है कि अमित बघेल पर दर्ज मामलों को लेकर लंबे समय से विवाद और चर्चाएं जारी थीं. ऐसे में आज का दिन कई मोर्चों पर अहम माना जा रहा है. अमित बघेल की मां के निधन की पुष्टि होते ही समर्थक और परिजन गहरे शोक में डूब गए.
वहीं मौजूद भीड़ ने प्रशासन से अंतिम संस्कार में उन्हें फौरन जाने की अनुमति देने की मांग की. समर्थकों ने पुलिस के साथ झूमाझटकी भी की. कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस ने कहा है कि सभी कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज, सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. अमित बघेल के इस बयान के बाद जहां अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने प्रदेश और देश भर में प्रदर्शन किया था. वहीं छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों में अमित बघेल के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराया गया था. पुलिस में जुर्म दर्ज होने के बाद से ही अमित बघेल फरार चल रहे थे.
इसी बीच शुक्रवार को अमित बघेल की मां का निधन हो गया. उनके शव को उनके पैतृक गांव पथरी ले जाया गया. जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा. बघेल अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बेल के लिए कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे थे. इस बात की जानकारी पुलिस को लगते ही अमित बघेल को कोर्ट में सरेंडर से ठीक पहले गिरफ्तार कर लिया गया. अमित बघेल की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने पुलिस को रोकने का भरसक प्रयास किया गया.
लेकिन पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच अमित बघेल को गिरफ्तार कर कोर्ट से देवेंद्र नगर थाने ले गई. आपको बता दे इसके पहले 26 नवंबर को अमित बघेल ने वकील के जरिए सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगायी थी. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जहां याचिका खारिज कर दी थी. वहीं सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि अपनी जुबान पर लगाम रखें. जहां-जहां एफआईआर दर्ज है. वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करें. कोर्ट ने अमित बघेल के बयान पर सख्त टिप्पणी करते हुए साफ कहा था कि ऐसे मामले में कोई राहत नहीं दी जा सकती.
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