33000 शिक्षक भर्ती मांग पर संघर्ष जारी, सीएम हाउस घेरने निकले हजारों युवा, पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठकर कर रहे हनुमान चालीसा का पाठ

Struggle continues on the demand for recruitment of 33000 teachers thousands of youth came out to surround CM House when police stopped them they were sitting on the road and reciting Hanuman Chalisa

33000 शिक्षक भर्ती मांग पर संघर्ष जारी, सीएम हाउस घेरने निकले हजारों युवा, पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठकर कर रहे हनुमान चालीसा का पाठ

रायपुर : छत्तीसगढ़ डीएड बीएड संघ, प्रशिक्षित कला संकाय संघ और छत्तीसगढ़ी भाषा पीजी डिप्लोमा धारी संघ के तत्वाधान में 33000 शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर फिर एक बार महा आंदोलन किया गया.
छत्तीसगढ़ में जल्द 33 हजार शिक्षकों की भर्ती करने समेत कई मांगों को लेकर महीने भर से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे आक्रोशित प्रदेश के हजारों डीएड बीएड अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा और CM हाउस घेराव के लिए निकले पड़े. जिसे पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया. इसके बाद प्रदेश के हजारों युवा सड़क पर ही बैठकर कई घंटों से हनुमान चालीसा का जाप किया. ताकि सरकार को सद्बुद्धि आए और उनकी मांग पूरी हो. डीएड-बीएड अभ्यर्थियों ने बताया कि हमारी सुनवाई नहीं होती है तो कुछ ही देर में हम नेशनल हाईवे पर चक्काजाम करेंगे. जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.
70 हजार से ज्यादा हो गए आजीवन अपात्र
बता दें कि उम्र बढ़ने से 70,000 से ज्यादा युवा नौकरी के लिए आजीवन अपात्र हो गए हैं, क्योंकि पिछले 15 सालों से आर्ट्स विषय में भर्ती ही नहीं निकाली गई है. बाक़ी धीरे धीरे करके हर दिन युवा अपात्र हो रहे हैं. निर्धारित उम्र सीमा पार कर रहे हैं. अगर अब भी भर्ती नहीं निकाली जाएगी तो इस साल लगभग 50,000 से ज्यादा युवा अपात्र हो जाएंगे.
33 जिलों में किया गया आंदोलन
आंदोलनकारियों ने बताया कि ऐसा नहीं है कि हम अचानक राज्य स्तर आंदोलन कर रहे हैं. पहले हम जिला स्तर ब्लॉक स्तर एक ज्ञापन सौंपे. प्रदेश के सभी विधायकों को ज्ञापन सौंपा गया, फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो सभी जिलों में न्याय यात्रा निकाली गई, फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो पिछले एक माह से अनिश्चितकालीन हड़ताल में हैं. आज CM हाउस के घेराव के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने रोक लिया है. अब सड़क पर ही बैठे हैं. डीएड-बीएड अभ्यर्थियों ने बताया कि अब भी हमारी सुनवाई नहीं होती है तो कुछ ही देर में हम नेशनल हाईवे पर चक्काजाम करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.
छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित डीएड एवं बीएड संघ की प्रमुख मांगें
सही समय पर भर्ती न होने से हजारों अभ्यर्थी ओवर एज होने वाले हैं, उन्हें आयु सीमा में अतिरिक्त छूट दी जाए.
विधानसभा सत्र 2024 में घोषित 33000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ हो, जिसमें सभी संकाय व विषय के पद शामिल हो
शिक्षक/वर्ग 2 की भर्ती विषयवार की जाए
युक्तियुक्तकरण के नाम पर 4077 स्कूलों को बंद करने का निर्णय स्थगित नहीं, निरस्त किया जाए
स्कूल शिक्षा विभाग का सेटअप 2008 को यथावत रखते हुए भर्ती प्रक्रिया यथाशीघ्र प्रारम्भ हो ⁠
आगामी भर्ती में आरक्षित वर्ग को 5% का छूट प्रदान किया जाए ⁠
प्रदेश के स्कूलों में छत्तीसगढ़ी में पीजी डिप्लोमा वाले के लिए पद सृजित कर इन पदों पर भर्ती की जाए
हनुमान चालीसा का जाप कर रहे आक्रोशित युवाओं ने बताया कि सरकार ने विधानसभा में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी, बृजमोहन अग्रवाल उस समय शिक्षा मंत्री थे. उन्होंने ट्वीट किया था कि शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है. 33,000 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी, लेकिन पिछले एक सालों से भर्ती ही नहीं निकाली गई है. कहीं न कहीं हम जॉब कर रहे थे भर्ती की तैयारी के चक्कर में हमने जॉब छोड़ दी. अब सड़क पर आ गए हैं.
डबल इंजन की साय सरकार को जुमलाबाजी की सरकार कहा और मोदी की गारंटी को गोदी गारंटी की सरकार के रुप में कहते हुए जमकर हमला बोला. छत्तीसगढ़ में मोदी की गोदी गारंटी और डबल इंजन की साय सरकार की सबसे बड़ी विफलता करार दिया.
कहा कि जो शिक्षा व्यवस्था की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं. यहां तक कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवमानना करना इससे और दुर्भाग्य छत्तीसगढ़ क्या हो सकता है. हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नही करने वाला पहला राज्य बन गया है. अब समझ सकते हो कि साय सरकार अपने को कोर्ट और संविधान से ऊपर समझते हैहैं. इस सरकार की काली करतूत और काला दिन साफ झलकता है. चुकि यह आंदोलन 21 सितंबर 2024 को एक विशाल रैली निकाला गया. फिर 22 सितंबर 2024 को आमरण अनशन में हमारे दृढ़ संकल्प और जुझारु साथी लगातार बैठे हुए हैं. लेकिन साय सरकार के कानो में जूं तक भी नहीं रेंगा. फिर संघ के द्वारा फैसला लिया गया कि 19 अक्टूबर 2024 को महा रैली निकालकर एनएच 6 को चक्का जाम करेंगे. लेकिन बीच में ही पुलिस अमला के बैरिगेट लगाकर रोक दिया. देर रात होने पर उसी जगह पर खाना बनाया गया और सब भोजन ग्रहण करने के बाद रात भर वही पर डटे रहे.
साय सरकार के निर्देश पर पुलिस द्वारा संघ को बहुत प्रताड़ित किया गया. पूरा स्ट्रीट लाइट को बंद करवा दिया. जिससे खाना बनाने और खाने और रहने बहुत दिक्कत हुई. इतना अत्याचार शायद ही कोई सरकार ने किया होगा. जितना साय सरकार कर रहे हैं. हमारे संघ के मुख्य दाऊद खान और प्रदेश सचिव ललित सर को पुलिस गिरफ्तार करने या फिर उठाने की बहुत कोशिश की गई. लेकिन हमारे साथियों का जज्बा है कि हमारे पदाधिकारियों को घेर का खड़े हो गए. और सामूहिक गिरफ्तारी देने की बात कहने पर पुलिस प्रशासन पीछे हट गए. फिर रात भर साथियों ने वही पर कमर कसकर बैठे रहे.
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