रिलायंस ज्वेलर्स में लाखों रुपये के सोने के आभूषणों की हेराफेरी का खुलासा, पूर्व कर्मचारी मनोज यादव गिरफ्तार, 80 ग्राम सोना भी बरामद
Embezzlement of gold jewellery worth lakhs of rupees at Reliance Jewels exposed; former employee Manoj Yadav arrested, and 80 grams of gold recovered.
रायपुर : गोलबाजार स्थित रिलायंस ज्वेलर्स में लाखों रुपये के सोने के जेवरात की सुनियोजित हेराफेरी का मामला सामने आया है. स्टोर मैनेजर की शिकायत पर गोलबाजार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर कंपनी के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव को गिरफ्तार किया है. आरोपी की निशानदेही पर करीब 80 ग्राम सोने के जेवर कीमत करीब 14.50 लाख रुपए बताई जा रही है और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है.
स्टोर से 103.832 ग्राम वजन के तीन सेट (पांच नग) 22 कैरेट सोने के कंगन गायब कर उनकी जगह समान वजन और डिजाइन के नकली कंगन रख दिए गए थे. इस हेराफेरी से कंपनी को करीब 17.50 लाख रुपए का नुकसान हुआ. इस मामले की जांच शुरू की गई. स्टॉक ऑडिट, दस्तावेजी साक्ष्य और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर शक पूर्व कर्मचारी मनोज यादव पर गया. शुरुआती पूछताछ में वह पुलिस को गुमराह करता रहा. लेकिन सख्ती से पूछताछ और सबूतों के सामने आने के बाद उसने हेराफेरी की बात कबूल कर ली.
कर्ज चुकाने के लिए रची साजिश
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2017 से रिलायंस ज्वेलर्स में कार्यरत था. आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में उसने पहले ग्राहकों की मासिक जमा योजना (एमडीएस) की रकम का निजी उपयोग किया. बाद में ग्राहकों को जेवर देने की नौबत आने पर स्टोर से असली सोने के कंगन निकालकर उनकी जगह नकली कंगन रखना शुरू कर दिया.
यूनिफॉर्म पहनकर गलवाता था सोना
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कंपनी की अधिकृत प्रक्रिया का फायदा उठाता था. वह कंपनी की यूनिफॉर्म पहनकर अधिकृत मेल्टिंग यूनिट पहुंचता था. जहां उस पर किसी को शक नहीं होता था. वहां असली सोना गलवाकर उसका उपयोग ग्राहकों के लेन-देन में करता था और कुछ मामलों में ग्राहकों को फर्जी तरीके से जेवर उपलब्ध कराता था.
दो महिला ग्राहकों से भी ठगी
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने किश्तों पर जेवर खरीदने वाली दो महिला ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी की. उनके पैसों और जेवरात में हेराफेरी कर फर्जी बिलों के जरिए जेवरात दिए गए. पुलिस ने संबंधित जेवरात और बिल जब्त किए. कंपनी से सत्यापन में बिल फर्जी पाए जाने पर मामले में धोखाधड़ी और जालसाजी की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गईं.
AI और इंटरनेट से जुटा रहा था कानूनी जानकारी
जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल की तकनीकी जांच में यह भी पता चला कि वह पुलिस जांच, गिरफ्तारी, जमानत और पूछताछ की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी इंटरनेट और AI आधारित प्लेटफॉर्म से हासिल कर रहा था. पुलिस अब उसके आर्थिक लेन-देन, अन्य संभावित पीड़ितों और किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की भी जांच कर रही है. पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया. जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है.
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