वचन दूध-शारदा डेयरी विवाद, भ्रामक एवं आपत्तिजनक विज्ञापन पर रोक लगाने के मांग के बाद गलती स्वीकार कर यादव समाज से मांगी माफी

Following the controversy surrounding the Vachan Milk-Sharda Dairy advertisement and demands to ban the misleading and offensive ad, the company admitted its mistake and apologized to the Yadav community.

वचन दूध-शारदा डेयरी विवाद, भ्रामक एवं आपत्तिजनक विज्ञापन पर रोक लगाने के मांग के बाद गलती स्वीकार कर यादव समाज से मांगी माफी

भाटापारा : यादव समाज छत्तीसगढ़ द्वारा वचन डेयरी कंपनी के कथित भ्रामक एवं आपत्तिजनक विज्ञापन के खिलाफ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था. ज्ञापन के माध्यम से समाज ने खुले दूध के व्यवसाय को गंदा, अस्वच्छ एवं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक दर्शाने वाले प्रचार पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था.
भाटापारा में 25 दिसंबर 2025 को सर्व यादव समाज की एक अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक का मकसद वचन दूध-शारदा डेयरी द्वारा पारंपरिक दूध विक्रेताओं के दूध की गुणवत्ता को लेकर किए गए कथित भ्रामक प्रचार के विरोध में विचार-विमर्श करना था.
इस बैठक में बड़ी तादाद में दुग्ध विक्रेता, समाज के प्रमुख पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे. समाज के दबाव और एकजुटता के बाद वचन दूध-शारदा डेयरी प्रबंधन को सार्वजनिक रुप से माफी मांगनी पड़ी.
बैठक में शारदा डेयरी के प्रतिनिधि- गोरख खमिद्धा (मैनेजर), राजेश द्रोण (कंसल्टेंट मार्केटिंग) और अन्य अधिकारियों ने कबूल किया कि कंपनी द्वारा दूध विक्रेताओं के दूध की गुणवत्ता को लेकर जो प्रचार किया गया. वह भ्रामक एवं तथ्यहीन था. इस विषय में छपवाए गए पंपलेट को भी त्रुटिपूर्ण मानते हुए भविष्य में इस तरह की गलती न दोहराने का आश्वासन दिया गया.
दूध विक्रेताओं के हित में लिए गए अहम फैसले बैठक में यह भी घोषणा की गई कि जनवरी महीने से दूध के खरीद दर में वृद्धि की जाएगी. पंजीकृत दूध विक्रेताओं को प्राथमिकता के आधार पर दूध संग्रह की सुविधा दी जाएगी. पारंपरिक दूध विक्रेताओं के हितों की रक्षा के लिए आगे भी समाज एकजुट रहेगा.
इस पूरे घटनाक्रम को सर्व यादव समाज की एकजुटता और साहसिक कदम के रुप में देखा जा रहा है. समाज के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक माफी नहीं, बल्कि पारंपरिक दूध व्यवसाय की प्रतिष्ठा और सम्मान की जीत है.
इस मौके पर बैठक में चंद्रशेखर, रोशन यादव, एम. यादव, शेषनारायण, योगेश यादव, राजेश, आलोक, लाला यादव, हीरामणी यादव, संतोष, मनोज यादव, सुखदेव यादव, सतीश एवं राजा यादव सहित अनेक लोग मौजूद रहे.
समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि यादव समाज छत्तीसगढ़ में पीढ़ियों से पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और खुले दूध के व्यापार से जुड़ा हुआ है. यह व्यवसाय न सिर्फ आजीविका का साधन है. बल्कि समाज की सामाजिक पहचान, परंपरा एवं सम्मान का अभिन्न हिस्सा भी है. वचन डेयरी द्वारा जारी पर्चा/विज्ञापन बिना किसी वैज्ञानिक आधार के खुले दूध को बदनाम करने वाला है. जिससे हजारों परिवारों की आजीविका और समाज की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है.
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