NEET री-एग्जाम में NTA ने नागपुर के छात्र को दिया अबू धाबी परीक्षा केंद्र, परिजन बोले- अब तो रत्ती भर भरोसा नही बचा, गनीमत अमेरिका सेंटर नहीं मिला

For the NEET re-exam, the NTA allotted an Abu Dhabi exam center to a Nagpur student; the student remarked that not an iota of trust remains, adding that it was a relief not to have been assigned a center in America.

NEET री-एग्जाम में NTA ने नागपुर के छात्र को दिया अबू धाबी परीक्षा केंद्र, परिजन बोले- अब तो रत्ती भर भरोसा नही बचा, गनीमत अमेरिका सेंटर नहीं मिला

नागपुर : 21 जून को होने जा रही नीट यूजी की पुनर्परीक्षा (Re-NEET) से पहले उस वक्त हड़कंप मच गया. जब नागपुर के एक छात्र को भारत की जगह सीधे विदेश यानी 'अबू धाबी' में परीक्षा केंद्र अलॉट कर दिया गया. इस गंभीर लापरवाही पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी और एनटीए के सिस्टम पर सवाल खड़े किए.
मिली जांनकारी के मुताबिक नागपुर के रहने वाले छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब ने नीट री-एग्जाम के आवेदन में अपनी पसंद के शहरों के तौर पर नागपुर, वर्धा और भंडारा को चुना था. लेकिन जब उसने एनटीए की वेबसाइट से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया. तो उस पर परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी (UAE) का एक इंडियन स्कूल लिखा हुआ था.
छात्र के पिता डॉ. मोहम्मद तालिब ने बताया कि उनका बेटा एडमिट कार्ड देखकर रोने लगा था और सदमे में था. क्योंकि उसके पास विदेश जाने के लिए पासपोर्ट तक नहीं था. ऐसे में बिना पासपोर्ट के परीक्षा देने अबू धाबी जाना पूरी तरह नामुमकिन था. स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद यह मामला फौरन सुर्खियों में आ गया.
हालांकि, सोशल मीडिया पर मुद्दा उठने के बाद मामला संज्ञान में आते ही एनटीए ने फौरन एक्शन लिया. एनटीए अगले कुछ घंटों में वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्र को नागपुर में केंद्र आवंटित करेगा. लेकिन इस लापरवाही पर राहुल गांधी ने एनटीए को खरी-खरी सुनाई.
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एनटीए और सरकार को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने छात्र की मानसिक स्थिति का जिक्र करते हुए लिखा:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि 'नागपुर का एक बच्चा एक महीने से नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था. कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने एडमिट कार्ड डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी। न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है - क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?'
राहुल गांधी ने एनटीए से सीधा सवाल पूछा कि 'आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुंच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए.'
उन्होंने आगे कहा कि जो सिस्टम एक बच्चे को अपने ही शहर में सेंटर नहीं दे सकता. उसे परीक्षा करवाने का कोई हक नहीं है. यह शिक्षा व्यवस्था नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है.
महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता अनीस अहमद ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर छात्र की समस्या उठाई. NTA अधिकारियों ने तकनीकी गलती होने की बात कबूल की और छात्र की समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया. इसके बाद मामले के जल्द निपटारे की प्रक्रिया शुरू की गई.
सभी छात्र अपने एडमिट कार्ड की अच्छी तरह जांच कर लें. अगर परीक्षा केंद्र, व्यक्तिगत जानकारी या फोटो में कोई भी गड़बड़ी या विसंगति नजर आती है. तो बिना देरी किए फौरन एनटीए हेल्पलाइन पर इसकी रिपोर्ट करें। ताकि समय रहते उसमें सुधार किया जा सके. री-नीट 2026 की परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित समय पर आयोजित की जाएगी.
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