स्कूली छात्रों के बीच गैंगवार, दौड़ा-दौड़ा कर एक दूसरे को पीटा, फोड़ा सिर, चार बच्चे हुए लहूलुहान, अभिभावकों ने जताई नाराजगी
Gang war among school students they ran and beat each other heads broke four children bled parents expressed displeasure
बिलासपुर : सरकंडा के मुक्तिधाम स्थित पंडित रामदुलारे दुबे शासकीय बालक उच्यतर माध्यमिक विद्यालय से एक हैरान करने वाली खबर आई है. आत्मानंद स्कूल के बच्चों के दो गुट के बीच जमकर मारपीट हुई. jisse चार बच्चे लहूलुहान हो गए. एक छात्र को सिर पर गंभीर चोट आई है. तीन छात्र घायल हो गए. घायल बच्चों को अस्पताल ले जाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद सभी को उनके पेरेंट्स को सौंप दिया गया.
अरपापार सरकंडा में स्कूल के बच्चों के बीच जमकर मारपीट हुई है. चार बच्चे लहूलुहान हो गए. मारपीट की असल वजह लड़कीबाजी बताई जा रहा है. फिलहाल बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है. अभी किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है.
जानकारी के मुताबिक बच्चों के अभिभावकों ने स्टाफ के खिलाफ पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है. नाराज अभिभावकों ने यहां तक कह दिया है कि इस प्राचार्य के रहते हम अपने बच्चों को मार खाने के लिए स्कूल हरगिज नहीं भेजेंगे.
स्वामी आत्मानंद स्कूल के दो क्लास के बच्चों के बीच मंगलवार को जमकर मारपीट हो गई. दोनों गुट के छात्रों ने स्कूल के गेट पर एक- दूसरे पर दौड़ा- दौड़ाकर हमला किया. जिससे एक छात्र को सिर पर गंभीर चोट आई. वही तीन अन्य छात्र घायल हो गए. इस मारपीट में चार बच्चे लहूलुहान हो गए. किसी का सिर फट गया है तो किसी के नाक से खून बह रहा था. जब बच्चों के बीच मारपीट हो रही थी तो स्कूल और स्कूल के बाहर दहशत का माहौल बन गया. बाकी छात्र डर के मारे इधर-उधर भागने लगे. किसी तरह बच्चों के इस मारपीट को रोका गया. तब तक चार बच्चे घायल हो चुके थे.
घायल बच्चों को अस्पताल ले जाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद सभी को उनके पेरेंट्स को सौंप दिया गया. बताया जा रहा है कि बच्चों के बीच लड़ाई की मुख्य वजह लड़कीबाजी को बताया जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से एक दूसरे की गर्लफ्रेंड को छेड़ने के कारण बच्चों के बीच विवाद चल रहा था. इसके पहले भी कोचिंग में इनके बीच विवाद हुआ था.
मालूम हो कि पहले भी स्कूल की प्रभारी प्राचार्य श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा का नाम कई विवादों से जुड़ा रहा है. अभी कुछ दिनों पहले ही बच्चों से विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य के आदेश से बारिश के बीच पुस्तकों की गाड़ी खाली करवाने का मामला सामने आया था.
लेकिन जिला शिक्षा विभाग हमेशा की तरह उसे बचाने की कोशिश की. लेकिन मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद दवाब में जांच टीम तो बना दी गई. लेकिन जांच टीम की रिपोर्ट बनाई गई लेकिन कभी पेश नहीं की गई. फिर उक्त प्रभारी प्रचार्य की सुविधा के मुताबिक बनाई गई और हमेशा की तरह उनको क्लीन चिट दे दी गई.
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