चारधाम यात्रा में गंगोत्री के पास हेलीकाप्टर क्रैश, दर्दनाक हादसे में इंजीनियर मां-बेटी समेत छह श्रद्धालुओं के मारे जाने की खबर
Helicopter crashes near Gangotri during Chardham Yatra, six devotees including an engineer mother and daughter killed in the tragic accident
उत्तराखंड : उत्तराखंड में 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है. देश और दुनिया से लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड में मौजूद हैं. दोपहर गंगानी से आगे नाग मंदिर के नीचे भागीरथी नदी के पास उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद पायलट को तकनीकी खामी का आभास हुआ और देखते ही देखते हेलीकॉप्टर नियंत्रण खो बैठा. इस हादसे में बरेली की एक कैमिकल इंजीनियर युवती और उसकी मां समेत छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.
चारधाम यात्रा के बीच गुरुवार को उत्तरकाशी जिले में हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया. पुलिस और प्रशासन के साथ ही आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच गई है. टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. मौके पर पुलिस, आर्मी फोर्स, आपदा प्रबंधन QRT, टीम 108 एंबुलेंस वाहन पहुंच चुके हैं. तहसीलदार भटवाड़ी, BDO भटवाड़ी और राजस्व टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना की गई.
हेलिकॉप्टर प्राइवेट कंपनी एरो ट्रिंक का था जिसमें सात लोग सवार थे. हादसे में दो यात्री घायल हो गए. गौरतलब है कि उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम खराब चल रहा है. मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट जारी किया है. चारधाम यात्रा मार्गों पर कई जगह बौछार पड़ रही है. कहीं-कहीं गर्जन के साथ ओले भी गिरे हैं.
हेलिकॉप्टर में सवार लोगों की पहचान हो गई है. इनमें पायलट और छह यात्री शामिल हैं. पायलट का नाम कैप्टर रॉबिन सिंह है. छह यात्रियों में दो महिलाएं हैं. इनके नाम विनीत गुप्ता, अरविंद अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, पिंकी अग्रवाल, रश्मि और किशोर जाधव हैं.
हादसे में जान गंवाने वाली बुजुर्ग महिला राधा अग्रवाल बरेली के आलमगीरीगंज में पटवारी मंदिर के पास की रहने वाली थीं. पति की मौत के बाद पिछले दो साल से वह अपनी बेटी रुचि अग्रवाल के साथ मुंबई में रहती थीं. रुचि मुंबई में कैमिकल इंजीनियर थीं.
हादसे की खबर मिलते ही बरेली में राधा अग्रवाल के मोहल्ले आलमगीरीगंज में शोक की लहर दौड़ गई. जैसे ही परिजनों को खबर मिली. घर पर लोगों की भीड़ लग गई. वृद्धा के भतीजे उमंग अग्रवाल ने बताया कि वे वर्षों से मां-बेटी के साथ मुंबई में रह रही थीं. श्रद्धा से प्रेरित होकर चारधाम यात्रा पर निकली थीं. अब उन दोनों की मौत के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है.
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं. बावजूद इसके बीते कुछ सालों में हेलीकॉप्टर सेवाओं से जुड़े हादसों में वृद्धि देखी गई है. इससे पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं. जिन्होंने यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान मौसम और तकनीकी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध हालत में फौरन निकटतम प्रशासनिक इकाई को खबर करें.
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