छत्तीसगढ़ में गाड़ी चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली, फोन पे पर रिश्वतखोरी, महिला थाना प्रभारी और प्रधान आरक्षक सस्पेंड
Illegal recovery in the name of vehicle checking in Chhattisgarh, bribery on phone pay, women police station in-charge and head constable suspended
कोरबा : अवैध वसूली की शिकायत मिलने के बाद थाना प्रभारी और प्रधान आरक्षक को एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने निलंबित किया गया. वाहन चेकिंग के दौरान अवैध तरीके से युवक को थाने में बैठाने और फिर पैसा लेकर बिना कार्यवाही किए छोड़ने के मामले में एसपी ने आईपीएस रविन्द्र कुमार मीणा से जांच करवाने के बाद अवैध वसूली की पुष्टि होने पर कार्यवाही की है.
मिली जानकारी के मुताबिक बांगो थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था. चेकिंग में सचिन कुमार मिश्रा शराब पीकर वाहन चलाते हुए मिला. उसे थाना प्रभारी उषा सोंधिया के आदेश पर प्रधान आरक्षक जितेंद्र जायसवाल ने थाने में बैठा लिया गया.
थाना प्रभारी की शह पर उससे रुपयों की मांग की गई. रुपए नहीं देने पर गाड़ी की जप्ती कर कोर्ट में पेश करने की धमकी दे दी गई. वाहन चालक सचिन मिश्रा ने नगद रुपए नहीं होने पर फोन पे के जरिए दस हजार 500 रुपए पुलिसकर्मी को देन पड़ा. इसके बाद उसे बिना कार्यवाही के थाने से वाहन समेत जाने दे दिया गया.
नियमों के मुताबिक शराब पीता हुआ पाए जाने पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत गाड़ी को जप्त कर थाने में खड़ा करवाया जाता है. वाहन चालक जब कोर्ट में जाकर 10 हजार 500 रुपए का फाइन जमा कर कोर्ट का सुपुर्दनामा आदेश लेकर थाने में जमा करता है. तब वाहन को छोड़ा जाता है. जबकि इस मामले में थाने में सीधा ही पुलिसकर्मियों ने 10 हजार 500 रुपए फोन पे के जरिए ले लिया. नियमतः देखा जाए तो शराब पीकर वाहन चलाने वाले मामले में पुलिस गाड़ी जप्त तो कर सकती है लेकिन छोड़ना कोर्ट के आदेश से ही हो सकता है. इस मामले में युवक को घंटों थाने में बिठाने के बाद बिना कार्रवाई के छोड़ दिया गया.
युवक ने थाने से छुटने के बाद पाली जनपद अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों से शिकायत की. जनप्रतिनिधियों ने जब थाना प्रभारी से चर्चा की तो उनसे भी दुर्व्यवहार किया गया. इस मामले में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को शिकायत करते हुए बताया गया कि अवैध शराब पकड़ने और वाहन चेकिंग के नाम पर वसूली और जनप्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार किया गया है.
इस मामले की शिकायत मिलने पर एसपी ने आईपीएस रविन्द्र मीणा से जांच करवाई. जांच में अवैध वसूली के सबूत मिले और बिना कार्यवाही के पैसे लेकर थाने से वाहन चालक को छोड़ने की पुष्टि भी हुई. मामले में एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने आईपीएस रविन्द्र कुमार मीणा की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद थाना प्रभारी बांगो निरीक्षक सोंधिया और प्रधान आरक्षक जितेंद्र जायसवाल को सस्पेंड कर दिया. दोनों को रक्षित केंद्र कोरबा में अटैच किया गया है.
बता दें कि इस मामले में जनपद अध्यक्ष ने मंत्री के पास कोरबा एसपी से शिकायत की थी. तब शिकायत की गंभीरता को देखते हुए रविन्द्र कुमार मीना नगर पुलिस अधीक्षक, सायबर सेल, कोरबा से मामले की जांच कराई. शिकायत सही पाने पर एसपी ने बांगो थाना प्रभारी उषा सिंधिया और प्रधान आरक्षक जितेन जायसवाल को निलंबित कर दिया है. जांच में पाया गया कि सचिन कुमार मिश्रा से अनुचित तरीके से थाना प्रभारी उषा सौंधिया एवं प्रधान आरक्षक जितेन्द्र जायसवाल द्वारा 10,500 रुपए लियागया. जिससे अवैध वसूली प्रथम दृष्टया परिलक्षित होती है.
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