सूरजपुर में 15000 रुपये पटवारी और तहसील कार्यालय का बाबू 10000 और इधर मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

In Surajpur, a patwari was arrested for taking a bribe of Rs 15,000, a clerk of the tehsil office for Rs 10,000 and here, divisional inspector Sandeep Khandekar was arrested for taking a bribe of Rs 50,000.

सूरजपुर में 15000 रुपये पटवारी और तहसील कार्यालय का बाबू 10000 और इधर मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

रायपुर : छत्तीसगढ़ में एसीबी की टीम ने तीन घूसखोर लोकसेवकों को रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गये आरोपियों में आदिवासी विकास विभाग का मंडल निरीक्षक, पटवारी और बाबू शामिल है. तीनों कार्रवाई बिलासपुर और सूरजपुर में हुई है. नीचे देखें पूरी डिटेल्स...
सक्ती : सक्ती जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर की टीम ने जैजैपुर के मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. संदीप खांडेकर पर आरोप है कि उसने नौकरी बहाल करने के बदले 1.50 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी.
दअरसल ग्राम कुटराबोड़ निवासी राजेंद्र जांगड़े ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी की उसका बेटा रवींद्र जांगड़े बालक अनुसूचित जाति आश्रम कुटराबोड़ में दैनिक वेतनभोगी चौकीदार और रसोइये के तौर पर काम करता था. करीब एक महीने पहले छात्रावास में लगे इलेक्ट्रिक बोर्ड को अज्ञात लोगों ने तोड़ दिया था. जिसके बाद रवींद्र को नौकरी से हटा दिया गया था. इसके बाद राजेंद्र जांगड़े ने अपने बेटे की नौकरी बहाल करने के लिए संबंधित अधिकारियों से मिलकर निवेदन किया.
जैजैपुर कार्यालय में पदस्थ मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर ने रवींद्र की नौकरी दोबारा बहाल करने के एवज में 1.50 लाख रुपए की रिश्वत मांगी. ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया और पाया कि आरोपी संदीप खांडेकर ने पहले ही 50 हजार रुपए की रिश्वत ले ली थी. बाकी की रकम अगली किश्त के रुप में मांगी जा रही थी. इस पर ACB ने जाल बिछाकर कार्रवाई की योजना बनाई.
28 मार्च 2025 को प्रार्थी राजेंद्र जांगड़े को रिश्वत की बाकी के साथ संदीप खांडेकर से मिलने भेजा गया. आरोपी ने कलेक्ट्रेट से सटे आदिवासी विकास विभाग के कार्यालय में प्रार्थी को बुलाया. जैसे ही प्रार्थी ने 50 हजार रुपए की रिश्वत आरोपी की मारुति कार में रखी. ACB की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. ACB ने आरोपी संदीप खांडेकर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी है.
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बिलासपुर में मंडल निरीक्षक गिरफ्तार
दरअसल प्रार्थी राजेंद्र जांगडे, ग्राम कुटराबोड़, जिला सक्ती द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत की गई थी कि उसका बेटा बालक अनुसूचित जाति बालक आश्रम कुटराबोड़ में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रुप में चौकीदारी / रसोइया का काम करता है। छात्रावास में लगे इलेक्ट्रिक बोर्ड को अज्ञात लोगों ने तोड़ दिया था. जिससे उसके बेटे को उसके पद से हटा दिया गया था. जिस पर प्रार्थी द्वारा आदिवासी विकास विभाग जिला सक्ति के जैजैपुर कार्यालय में पदस्थ मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर से संपर्क करने पर पुनः सेवा में लेने के एवज में उसके 1.50 लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई थी.
प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडवाना चाहता था. शिकायत सत्यापन के दौरान 1 लाख रूपये में सहमति बनी और आरोपी द्वारा पहली किश्त के रुप में 50,000 रु. रिश्वत ले लिया गया था. ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से आरोपी मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर को बची हुई रकम 50,000 रु. रिश्वत लेते रंगे हाथो पकड़ा गया. आरोपी को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत् कार्यवाही की जा रही है.
सूरजपुर में पटवारी गिरफ्तार
पीड़ित राजेश कुमार सिंह, निवासी ग्राम गोविंदपुर, तहसील-प्रतापपुर जिला-सूरजपुर द्वारा एसीबी कार्यालय अंबिकापुर में शिकायत की गई थी कि उसके द्वारा करीब 13000 वर्गफूट जमीन खरीदने के लिए सौदा तय किया गया था. जिसकी जांच कर चौहदी बनाने के लिए पटवारी गोविंदपुर मोगेन्द्र प्रताप सिंह से मिलने पर उनके द्वारा 15,000 रु. रिश्वत की मांग की गई थी.
प्रार्थी पटवारी को रिश्वत नहीं देना चाहता था. बल्कि उसे रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था. इसलिए शिकायत का सत्यापन के बाद एसीबी अंबिकापुर द्वारा ट्रेप आयोजित कर 28 मार्च 2025 को 15,000 रूपये रिश्वती रकम लेते हुये पटवारी मोगेन्द्र प्रताप सिंह को रंगे हाथों पकड़ा गया. आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत् कार्यवाही की जा रही है.
सूरजपुर में रिश्वत लेते बाबू पकड़ाया
पीड़ित शिवचरण कुमार, ग्राम पोड़ी, तहसील प्रतापपुर जिला सूरजपुर का निवासी है. उसके द्वारा एसीबी अंबिकापुर में शिकायत की गई थी कि उसके भाई की मौत दंतैल हाथी के हमले में होने से शासन से मिलने वाले हाथी क्षतिपूर्ति मुआवजा राशि 6 लाख रुपये प्राप्त करने के लिये उसके द्वारा वन विभाग प्रतापपुर में आवेदन करने के बाद मृतक के वारिसान के नाम प्रस्ताव के लिए वन विभाग द्वारा तहसील कार्यालय प्रतापपुर से जानकारी मांगी गई थी. जहां प्रार्थी के द्वारा संपर्क करने पर वहां पदस्थ बाबू बृजभान सिंह के द्वारा जानकारी भेजने के लिये 20,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई.
प्रार्थी आरोपी बाबू को रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि उसे रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था. शिकायत सत्यापन के दौरान 10,000 रुपये में सहमति बनने के बाद ट्रेप आयोजित कर बाबू बृजभान सिंह को 10,000 रुपये रिश्वती रकम लेते हुये रंगे हाथों पकड़ा गया. आरोपी को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है.
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