मजदूरी का भुगतान करने के बदले पंचायत भवन में सचिव ने आदिवासी महिला शारीरिक शोषण, सुरेश बोपचे निलंबित, पुलिस ने दर्ज किया मामला
In lieu of paying wages the secretary sexually exploited a tribal woman in Panchayat Bhawan Suresh Bopche suspended police registered a case
सिवनी : मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के एक सचिव ने पंचायत भवन को अपनी अय्याशी का अड्डा बना रखा था. जिसने सिवनी जिले को शर्मसार करके रख दिया है. सिवनी जिले से पंचायत भवन में ग्राम पंचायत सचिव की अय्याशी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. सिवनी जिले के पंचायत सचिव का एक वीडियो इन दिनों जमकर वायरल हो रहा है. सचिव को सस्पेंड कर दिया गया है.
बरघाट पुलिस थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत चिरचिरा के सचिव द्वारा शासकीय पंचायत भवन में बीते दिनों आदिवासी महिला के साथ की गई घिनौनी हरकत एवं शारीरिक शोषण पर बरघाट पुलिस थाना द्वारा आदिवासी समाज की सामुहिक मांग व पीड़ित महिला के द्वारा की गई शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेकर कानूनी कार्यवाही 5 अक्टूबर को की गई.
मिली जानकारी के मुताबिक सिवनी जिले के बरघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत चिरचिरा ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने सचिव सुरेश बोपचे को पंचायत भवन के अंदर ही एक महिला के साथ आपत्तिजनक या यूँ कहें संभोग करते हुए पकड़ा है. इसका पूरा वीडियो बनाकर उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया.
इस वीडियो के वायरल होने के बाद से ही सरकारी कार्यालयों पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं.
सचिव सुरेश बोपचे ने सरकारी योजनाओ का लाभ दिलाने के एवज में आदिवासी महिला का शारीरिक शोषण पंचायत भवन में किया. उस पर कई ग्रामीणों ने आरोप भी लगाया कि सरकारी योजनाओ का फायदा दिलाने के नाम पर पांच-पांच हजार की उगाही भी कर चूका हैं.
ग्रामीणों के मुताबिक उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि चिरचिरा पंचायत का सचिव महिला को अपनी हवस का शिकार बनाने जा रहा है. उन्होंने पंचायत भवन पर जाकर देखा तो सचिव सुरेश बोपचे एक महिला के साथ अश्लील हरकत कर रहा था. ग्रामीणों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया.
पीड़ित महिला की शिकायत के मुतबिक ग्राम पंचायत के सचिव सुरेश बोपचे के द्वारा मनरेगा की मजदूरी के भुगतान करने के लिए लालच देकर उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार करने के बारे में रिपोर्ट दर्ज करने की शिकायत दर्ज कराई. जिस पर आरोपी पर बीएनएस 2023-64 (1) के साथ अनुसूचित जाति एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत 3 (1) (डब्ल्यू)(आई), 3 (2) (व्हीए) के तहत मामला दर्ज किया गया. वहीं आरोपी सुरेश बोपचे के खिलाफ जुर्म कायम कर बरघाट पुलिस थाना द्वारा जांच में लिया गया.
बता दें कि आदिवासी महिला का पति बाहर रहकर मजदूरी करता है और पीड़ित आदिवासी महिला भी गांव में ही मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करती है. पीड़ित महिला के दो बच्चे हैं. जिनके भरण पोषण के लिये पीड़ित महिला और उसके पति दोनों मिलकर काम करते हैं.
पीड़ित आदिवासी महिला ने ग्राम पंचायत चिरचिरा में मनरेगा के तहत मजदूरी की थी. जिसकी मजदूरी का पैसा उसे नहीं मिला था. मजदूरी के भुगतान के लिये ग्राम पंचायत के सचिव सुरेश बोपचे से पैसो के लिये पीड़ित आदिवासी महिला ने कई बार बोला था तो सचिव टाल मटोल कर देता था.
17 सितंबर 2024 को ग्राम पंचायत चिरचिरा के सचिव सुरेश बोपचे ने पीड़ित आदिवासी महिला से कहा कि आज तुम्हारी मजदूरी का पैसा दे दूंगा. तुम ग्राम पंचायत में दोपहर में आना तो मजदूरी की रकम लेने आदिवासी महिला 17 सितंबर 2024 को दिन में करीबन 4 से 5 बजे के बीच ग्राम पंचायत भवन पहुंची. उस समय वहाँ पर सचिव सुरेश बोपचे ग्राम पंचायत में अंदर अकेला बैठा हुआ था.
पीड़ित आदिवासी महिला ने ग्राम पंचायत के सचिव से पूछा कि यहां कोई नहीं है. आपने मुझे अकेले में क्यों बुलाया है तो सचिव सुरेश बोपचे ने आदिवासी महिला से बोला कि तुम्हारी मजदूरी का भुगतान करने में मेरा क्या फायदा होगा. अगर तुम मेरा ध्यान रखोगी. तो मैं भी तुम्हारे फायदे के बारे में सोच सकता हूँ.
तब पीड़ित आदिवासी महिला ने सचिव सुरेश बोपचे से से बोली कि मैं बहुत गरीब हूँ. मेरी मजदूरी का भुगतान आप अभी करवा दो. तो सचिव सुरेश बोपचे ने पीड़ित आदिवासी महिला से बोला कि उसके लिये तुम्हें मुझे खुश करना पड़ेगा.
इसके बाद पीड़ित आदिवासी महिला ने ग्राम पंचायत के सचिव सुरेश बोपचे से कहा कि आप कैसी गंदी बाते कर रहे हो. तो सचिव ने आदिवासी महिला से बोला कि तू मुझे पहले से पसंद है. मेरे साथ अगर तुम संबंध बनाओगी तो तुम्हें कई फायदे करवा दूँगा.
इस दौरान पीड़ित आदिवासी महिला ने ग्राम पंचायत सचिव सुरेश बोपचे को टोकते हुये कहा कि आप मुझ पर गलत नियत क्यों रखे हो. तो सचिव बोला अगर मजदूरी का भुगतान चाहिये तो जैसा में कह रहा हूँ, वैसा तुझे करना पड़ेगा.
पीड़ित आदिवासी महिला ने ग्राम पंचायत के सचिव सुरेश बोपचे के इरादे को देखकर वहां से निकलने की कोशिश की तो सचिव सुरेश बोपचे ने आदिवासी महिला को पकड़ लिया और उसकी मर्जी के खिलाफ उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने लगा.
पीड़ित आदिवासी महिला कमजोर होने के चलते सचिव सुरेश बोपचे की हरकत का विरोध नहीं कर पाई तो बचने के लिये चीखना चिल्लाना शुरु किया तब आवाज सुनकर ग्राम पंचायत चिरचिरा का चपरासी दिनेश उईके और सहायक सचिव महेश ठाकरे ग्राम पंचायत भवन के अंदर आए और सचिव को चिल्लाये तो सचिव ने फौरन पीड़ित आदिवासी महिला को छोड़ दिया.
ग्राम पंचायत के चपरासी दिनेश उईके और सहायक सचिव महेश ठाकरे ने सचिव सुरेश बोपचे को कहा कि अभी हम सब गांव वालो को बुलाकर लाते हैं तो सचिव उन दोनो से बात करने का ढोंग करते हुये फौरन वहां से दौड़कर भाग गया. इसके बाद घटना की जानकारी सरपंच कैलाश उड़के को दी और पति को भी फोन केजरिए बताई.
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