शिक्षा से अंतिम संस्कार तक महंगाई, जनता पर बढ़ते कर्ज की जिम्मेदार भाजपा -विकास उपाध्याय, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश न करें -सुशांत शुक्ला
Inflation from education to funeral, BJP is responsible for increasing debt on people - Vikas Upadhyay, do not try to spoil social harmony - Sushant Shukla
शिक्षा से अंतिम संस्कार तक महंगाई, जनता पर बढ़ते कर्ज की जिम्मेदार भाजपा -विकास उपाध्याय
जोराबाट (असम) : असम कांग्रेस प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने जीएसटी के दुरुपयोग और इससे जनता को हो रही परेशानियों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं.
उन्होंने जोराबाट में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि जीएसटी को एक सरल और पारदर्शी कर प्रणाली के रुप में पेश किया गया था. लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे व्यापारियों, छात्रों और आमजन के लिए एक कर आतंक बना दिया है.
विकास उपाध्याय ने कहा कि स्कूल स्टेशनरी पर जीएसटी लागू कर दिया गया है. जिससे छात्रों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है. इतना ही नहीं उन्होंने खुलासा किया कि अंतिम संस्कार में उपयोग होने वाली वस्तुओं को भी जीएसटी के दायरे में लाकर भाजपा सरकार ने अमानवीयता का परिचय दिया है.
उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार महिलाओं को सिर्फ ₹1200 की सहायता राशि देकर उनका समर्थन हासिल करना चाहती है. जैसे छत्तीसगढ़, असम और मध्य प्रदेश में हो रहा है. दूसरी तरफ खाने के तेल और दूसरी जरुरी वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि कर हर घर का खर्च बढ़ा रही है. जिससे परिवारों पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है.
उन्होंने कहा कि बार-बार जीएसटी दरों में किए जा रहे बदलावों ने व्यापारियों और उद्योगपतियों को भ्रम और अस्थिरता की स्थिति में डाल दिया है. पूरे देश में व्यापारियों को सरकारी तंत्र की ज्यादतियों का सामना करना पड़ रहा है. जिससे आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं.
विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी जीएसटी के खिलाफ आवाज उठाने और इसे सरल व व्यापार-अनुकूल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी. उन्होंने आमजन से अपील की कि वे कांग्रेस के साथ मिलकर इस अन्याय के खिलाफ लड़ाई में शामिल हों.
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सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश न करें -सुशांत शुक्ला
बिलासपुर : पंचायत के आरक्षण प्रावधानों पर भ्रामक बयाना देने को लेकर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशवानी को आड़े हाथों लेते हुए कानूनी कार्यवाही करने की चेतावनी दी है.
उन्होंने ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष के बयान को छत्तीसगढ़ की सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला करार दिया है. पिछले दिनों हुए पंचायत चुनाव के आरक्षण प्रक्रिया को पिछड़ा वर्ग विरोधी बताते हुए जिला कांग्रेस के अध्यक्ष विजय केशवानी ने भारतीय जनता पार्टी को घेरने का प्रयास किया. जिस पर पटलवार करते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने कांग्रेस पार्टी और जिलाध्यक्ष को खुली चेतावनी दे डाली.
शुक्ला ने अपने जाने-पहचाने अंदाज में कांग्रेस अध्यक्ष को चेताते हुए कहा कि कांग्रेस के जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ की सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की हिमाकत ना करें आरोप लगाने के पहले वे साबित करे कि आरक्षण के प्रावधानों में भारतीय जनता पार्टी ने कहा पर साजिश किया और भाजपा को किस मुंह से ओबीसी विरोधी बता रहे हैं. कांग्रेस पार्टी ने छत्तीसगढ़ में वर्गभेद और वर्ग संघर्ष की राजनीति को बढ़ावा देने के इरादे से इस शांत प्रदेश को अशांत करने का जो अभियान छेड़ रखा है. उसमें जिले के कांग्रेस अध्यक्ष सरगना के रुप में सामने आ रहे हैं. शांति प्रिय इस राज्य को अशांत करने का जो ठेका कांग्रेस ने ले रखा है. उन्हें सचेत करते हुए चेतावनी के साथ कह रहा हूं कि दोबारा छत्तीसगढ़ को वर्ग संघर्ष की ओर झोंकने का प्रयास ना करें नहीं तो ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा.
सुशांत शुक्ला कहा कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष इस भ्रामक बयान के लिए प्रदेशवासियों से माफ़ी मांगे या फ़िर बताएं कि छत्तीसगढ़ में आरक्षण के प्रावधानों का कहा लेकिन उल्लंघ हुआ है वरना कानूनी कार्यवाही के लिए तैयार रहें.
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उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” कहते हुए अपनी सरकार की खूब गुणगान किया. लेकिन प्रेस वार्ता में जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे धान खरीदी में किसानों का किए जा रहे शोषण के सवालों का जवाब नहीं दे पाए और जवाब दिए बिना ही आगे निकल गए. किसानों को शोषण मुक्त व्यवस्था देने के बारे में पूछे गए पत्रकारों के सवालों पर मुख्यमंत्री के द्वारा चुप्पी साध कर चलते बनने से जिले के किसानों में मायूसी एवं सरकार के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली.
ज्यादातर सोसायटियों में कुछ भ्रष्ट किस्म के लोगों के द्वारा शासन द्वारा निर्धारित मापदंड से भी ज्यादा धान तौलकर किसानों का लगातार शोषण किया जा रहा है. जिसकी कुछ किसानों ने लिखित में बालोद कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रावाल को शिकायत किया। लेकिन किए गए शिकायत को लगभग पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी मामले की जांच किए जाने की जानकारी शिकायत कर्ताओं को उपलब्ध नहीं है. जिसके चलते शोषण कर्ताओं का हौसला बुलंद हैं. और किसान लगातार लुटे जा रहे हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि मुख्यमंत्री महोदय का हमने बनाया है हम ही संवारेंगे की परिकल्पना कैसे साकार होगी?



