देश भर में धूमधाम से मनाया गया करवा चौथ पर्व, सुहागिनों ने छलनी से पहले चांद, फिर सुहाग का दीदार कर तोड़ा निर्जला व्रत, लंबी उम्र की कामना
Karva Chauth festival was celebrated with great pomp across the country married women broke their Nirjala fast by seeing their husbands after the moon wishing for a long life
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों विशेषकर सभी विवाहित महिलाओं को करवा चौथ की बधाई और शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर उन्होंने सबके जीवन में सुख,समृद्धि और खुशहाली की कामना की.
नवा रायपुर के तुता में छत्तीगसढ़ समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ का महीनेभर से आंदोलन चल रहा है. संघ में महिला सदस्य भी हैं. वहीं आंदोलन की वजह से कई पुरुष अपने घर नहीं जा रहे हैं. ऐसे में संघ की महिलाओं ने धरना स्थल पर ही करवा चौथ का व्रत रखा और रात में वहीं पर पूजा पाठ की.
दिन भर के निर्जला उपवास के बावजूद आंदोलनकारी महिलाओं का जोश कम नहीं पड़ा. व्रत के दौरान भी उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की. उल्लेखनीय है कि संघ का आंदोलन 18 सितंबर से चल रहा है. ऐसे प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से आए संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं में से अधिकांश अब तक अपने घर नहीं गए हैं.
देश भर में पति की लंबी आयु के लिए रविवार को सुहागिनों ने करवाचौथ का व्रत रखा. महिलाओं ने निर्जल व्रत कर दिनभर पूजा-अर्चना की और देर शाम सुहागिनों ने चांद का दीदार व पूजा कर भोजन ग्रहण किया.
पति की लंबी आयु के लिए रखा जाने वाले करवा चौथ के त्योहार की तैयारी में सुहागिनें कई दिन पूर्व से जुट जाती हैं. रविवार को करवा चौथ के दिन सुहागिनों ने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखा और पति की दीघार्यु होने की कामना की.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष धनेश्वरी डांडे ने कहा कि विवाहित महिलाएं सौभाग्य के लिए आज करवा चौथ निर्जला व्रत रखती हैं. महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए ये व्रत करती हैं. इस बार भी करवा चौथ का व्रत रखा गया. करवा चौथ के दिन महिलाएं विधि-विधान से पूजा करने के बाद रात में चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही भोजन ग्रहण करती हैं. इस पर्व को सुहागिनों का प्रमुख त्योहार माना जाता है. करवा चौथ भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है. चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व है. क्योंकि चंद्रमा को शीतलता, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. चंद्रमा को अर्घ्य देने से पति-पत्नी के जीवन में चंद्रमा जैसी शीतलता और संतुलन की प्राप्ति होती है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb
गरियाबन्द में भी करवा चौथ को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला. जहां नव विवाहिताओं ने विशेष तैयारी की. सुबह से ही महिलाएं पूजा-पाठ की सामग्री तैयार करने में जुट गईं और पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर देर शाम सोलह श्रृंगार कर अपने चांद का दीदार किया. चांद के निकलते ही उन्होंने पति के हाथों से पानी पीकर अपना व्रत तोड़ा इस तरह से यह परंपरा अब सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रही. बल्कि अब पुरुष भी बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लेने लगे हैं. इस मौके पर शहर में जमकर आतिशबाजी भी हुई. जिससे वातावरण में उत्साह का माहौल बना रहा.
गरियाबंद में यह धूमधाम से मनाया गया। जैसे ही चांद निकला, महिलाएं छतों पर पूजा की थाली लेकर पहुंचीं. उन्होंने चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा-पाठ किया और एक-दूसरे को करवा चौथ की कथा सुनाईं. नव विवाहिताओं के साथ-साथ बुजुर्ग सुहागिनों में भी इस पर्व का खासा उत्साह देखने को मिला.
महिलाओं ने दिनभर उपवास रखा और शाम को चांद निकलने के बाद अपने पतियों के चेहरों को चलनी से देखा. इस विशेष पल में उन्होंने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत तोड़ा. इतना ही नहीं, बुजुर्ग दंपत्तियों ने भी इस पल को यादगार बनाने के लिए सेल्फी लेकर खुशियों को साझा किया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb



