नशा मुक्ति अभियान में बड़ी कार्रवाई, धमतरी 18 दुकानदारों और गरियाबंद जिला में 51 मामलों पर कोटपा एक्ट के तहत केस दर्ज
Major action in the anti-drug campaign in Dhamtari on the instructions of SP a case was registered against 18 shopkeepers under the Kotpa Act
धमतरी : धमतरी पुलिस ने नशा नियंत्रण अभियान के तहत कोटपा एक्ट (2003) के प्रावधानों के मुताबिक बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना कुरुद और थाना नगरी पुलिस ने शासकीय स्कूल, अस्पताल, बच्चों के स्कूल और सार्वजनिक स्थानों के पास अभियान चलाया. इस दौरान 18 दुकानदारों पर कोटपा एक्ट के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई की गई है.
कोटपा एक्ट के तहत 18 दुकानदारों पर कार्रवाई
पुलिस ने थाना कुरुद क्षेत्र में 10 लोगों पर कोटपा एक्ट (2003) के तहत कार्रवाई करते हुए 2000 रुपये का जुर्माना वसूला. वहीं थाना नगरी क्षेत्र में 18 दुकानदारों के खिलाफ कोटपा एक्ट की धारा 5 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया गया. इन दुकानदारों को कोटपा एक्ट 2003 के नियमों की जानकारी भी दी गई.
नशा मुक्ति अभियान में अहम कदम
धमतरी पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई नशा मुक्ति अभियान का हिस्सा है. जिसके तहत तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री और उपयोग को नियंत्रित किया जा रहा है. पुलिस ने यह तय किया है कि सार्वजनिक स्थलों और बच्चों के पास ऐसे उत्पादों की बिक्री नहीं हो. जिससे उनकी सेहत पर प्रतिकूल असर पड़े.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI
गरियाबंद : वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन कल देर रात जिले के सभी थाना प्रभारियों ने अपने-अपने एरिया के अंदर आने वाले शैक्षणिक संस्थान (सरकारी एवं निजी) की आउटर बाउंड्री वॉल के 100 मीटर के अंदर किसी भी तरह के तंबाकू और नशे के समान बेचने वाले दुकानो व ठेले पर वैधानिक कार्यवाही करने के लिए कार्यवाही की.
इस दौरान थाना गरियाबंद द्वारा 11 मामले, थाना राजिम द्वारा 33, थाना फिंगेश्वर द्वारा 7 इस तरह कुल 51 मामलों में कोटपा अधिनियम के तहत चलानी कार्यवाही किया गया. साथ ही दुकानदार व ठेले वालों को ऐसी आपत्तिजनक सामग्री नहीं बचने की चेतावनी भी दी गई.
इस तरह के कार्रवाई का इंतजार मैनपुर ब्लॉक और देवभोग ब्लॉक के सभी निजी व सरकारी शैक्षणिक संस्था के पास करने की मांग बच्चों के परिजनों के द्वारा किया जा रहा है. खासकर यह समस्या अमलीपदर और देवभोग में देखने को मिल रही है. यहां तक कि यहां के स्कूल के बाउंड्री के अंदर भी कई बार दारु के बोतल और नशा सामग्री का खुला पैकेट भी देखने को मिला है. जिला गरियाबंद की यह अभियान एवं कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI



