एक साथ होंगे नगरीय निकाय-त्रिस्तरीय चुनाव, चार शहरों में चलेंगी ई-बसें, मिलेगी इको-फ्रेंडली, किफायती, भरोसेमंद सुविधा

Municipal body three tier elections will be held simultaneously ebuses will run in four cities eco friendly affordable reliable facilities will be available

एक साथ होंगे नगरीय निकाय-त्रिस्तरीय चुनाव, चार शहरों में चलेंगी ई-बसें, मिलेगी इको-फ्रेंडली, किफायती, भरोसेमंद सुविधा

एक साथ होंगे नगरीय निकाय-त्रिस्तरीय चुनाव

रायपुर : भारतीय जनता पार्टी की बैठक में एक साथ नगरीय निकाय के साथ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर सहमति बनी. लेकिन महापौर और अध्यक्ष पद का चुनाव प्रत्यक्ष होगा या अप्रत्यक्ष इस पर अभी सस्पेंस बरक़रार है. इस बारे में सरकार जल्द फैसला लेगी.
महापौर और अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष होगा कि नहीं. इस फैसले के लिए अभी और इंतज़ार करना होगा. बहुत जल्द सरकार इस पर फ़ैसला लेगी.
महापौर, अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष एवं त्रि स्तरीय चुनाव एक साथ होगा की नहीं इस पर चर्चा हुई है. कार्यकर्ता से लेकर पदाधिकारी तक सभी इस बात पर सहमति है कि चुनाव एक साथ हो. बहुत ही जल्द सरकार इसको लेकर घोषणा करेगी.
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चार शहरों में चलेंगी ई-बसें, मिलेगी इको-फ्रेंडली, किफायती, भरोसेमंद सुविधा

रायपुर : छत्तीसगढ़ के चार शहरों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में नागरिकों को जल्द ही इको-फ्रेंडली, किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा मिलने जा रही है. इन चारों शहरों में कुल 240 ई-बसें संचालित की जाएंगी.
रायपुर के लिए 100, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई के लिए 50-50 और कोरबा के लिए 40 ई-बसों की स्वीकृति प्रदान की गई है. राज्य स्तर पर इसके लिए सुडा को नोडल एजेंसी तथा संबंधित जिलों में गठित अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-बस सेवा प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के शहरों में कम कार्बन उत्सर्जन से वायु गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण का संरक्षण होगा. कम ऊर्जा खपत और बेहतर ईंधन दक्षता के साथ ही नागरिकों को आरामदायक आवागमन की सुविधा सुलभ होगी. इसे शहरों में मेट्रो के विकल्प या उसके सहयोगी साधन के रुप में विकसित किया जाएगा. ताकि लोगों को किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा मिले.
शहरों को बसों की खरीद और उनके संचालन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. इसका एक बड़ा हिस्सा शहरों में बस डिपो और बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी अधोसंरचना विकास के लिए भी खर्च किया जाएगा. योजना के तहत तीन तरह की बसें स्टैंडर्ड, मीडियम और मिनी चलाई जाएगी. शहरों की आबादी के आधार पर बसों की तादाद तय की गई है.
चारों शहरों में बस डिपो और बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कुल 67 करोड़ 40 लाख रुपए मंजूर करते हुए निविदा आमंत्रण की भी अनुमति दे दी है. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण ने चारों शहरों में ई-बस सेवा के संचालन के लिए अलग-अलग गठित अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को इन दोनों कार्यों के लिए राशि स्वीकृत करते हुए निविदा आमंत्रित करने कहा है.
सुडा द्वारा रायपुर में बस सेवा शुरु करने के लिए बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर हेतु रायपुर अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को 14 करोड़ 33 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है. इसमें आठ करोड़ 60 लाख रुपए का केन्द्रांश और पांच करोड़ 73 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है. सुडा ने बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी 12 करोड़ 90 लाख रुपए मंजूर किए हैं.
दुर्ग-भिलाई में ई-बसों हेतु बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए दुर्ग-भिलाई अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को छह करोड़ 73 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति सुडा द्वारा जारी की गई है. इसमें चार करोड़ चार लाख रुपए का केन्द्रांश और दो करोड़ 69 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है. वहां बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 11 करोड़ दो लाख रुपए मंजूर किए गए हैं.
बिलासपुर में बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बिलासपुर अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को आठ करोड़ 37 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है. इसमें पांच करोड़ दो लाख रुपए का केन्द्रांश और तीन करोड़ 35 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है. बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए तीन करोड़ आठ लाख रुपए मंजूर किए गए हैं.
इसी तरह कोरबा में बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कोरबा अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को सात करोड़ 19 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है. इसमें चार करोड़ 31 लाख रुपए का केन्द्रांश और दो करोड़ 88 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है. बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए वहां तीन करोड़ 78 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं.
20 लाख से 40 लाख तक की आबादी वाले शहरों को 150, दस से बीस लाख और पांच से दस लाख तक की आबादी वाले शहरों को 100-100 तथा पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों को 50 ई-बसों की पात्रता है.
इसके आधार पर रायपुर को 100 मीडियम ई-बसों, दुर्ग-भिलाई को 50 मीडियम ई-बसों, बिलासपुर को 35 मीडियम और 15 मिनी ई-बसों और कोरबा को 20 मीडियम और 20 मिनी ई-बसों की स्वीकृति मिली है. बसों की खरीदी और संचालन एजेंसी का चयन भारत सरकार द्वारा किया जाएगा.
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