बेटियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी, भड़कीं कैबिनेट मंत्री, अनिरुद्धाचार्य पर महिला आयोग सख्त, DM मथुरा को कार्रवाई का निर्देश
Objectionable comments on daughters, Cabinet Minister furious, Women Commission strict on Aniruddhacharya, DM Mathura directed to take action
लखनऊ : हमेशा अपने बयानों विवादों के कारण सुर्खियों में रहने वाले कथावाचक अनिरुद्धाचार्य इस बार बुरी मुसीबत में फंसते नजर आ रहे हैं. कथावाचक स्वामी अनिरुद्धाचार्य द्वारा बेटियों को लेकर की गई टिप्पणी के मामले पर महिला संगठनों व अन्य लोगों के विरोध के बाद शुक्रवार को राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान ने मथुरा के जिलाधिकारी को पत्र लिखा है.
चौहान ने कहा कि कथावाचक द्वारा की गई टिप्पणी का वह घोर विरोध करती हैं. जो उन्होंने बेटियों और महिलाओं को लेकर की है. उन्होंने कहा “मुझे लगता है कि इससे ज्यादा भद्दी और घटिया भाषा का प्रयोग कोई नहीं कर सकता है. व्यास गद्दी पर बैठकर इतने बड़े कथावाचक जिनको सुनने के लिए बड़ी तादाद में श्रद्धालु आते हैं. इसके बावजूद यह ऐसे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं. मुझे लगता है कि यह अच्छी बात नहीं है. इन्हें कम उम्र में ज्यादा शोहरत मिल गई है. जो जो इनको समझ में नहीं आ रहा है. मैं तो यही कहूंगी विनाश काले विपरीत बुद्धि. ”
उन्होंने कहा कि माफी मांगना किसी गलत बात का समाधान नहीं है. उन्होंने जिलाधिकारी मथुरा को पत्र लिखकर घटना को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश दिया है.
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का कथा के दौरान महिलाओं को लेकर दिया गया बयान इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है. इसको लेकर मथुरा समेत अन्य शहरों में भी महिलाएं व अन्य संगठन विरोध कर रहे हैं.
डॉक्टर बबीता चौहान ने कहा कि मैं उनके बयान का खंडन करती हूं. कम उम्र में लड़कियों की शादी करके वे क्या व्यवहार करना चाहते हैं? आयोग की तरफ से उन्हें नोटिस दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं को लेकर बेहद हल्की और घटिया बात की है.
चौहान ने कहा कि इनकी कथाओं को 80 प्रतिशत महिला सुनने आती हैं. उसके बाद भी महिलाओं को लेकर ऐसी बात कर रहे हैं. बबिता चौहान ने अनिरुद्धाचार्य को लेकर कहा कि या तो इन्हें बुद्धि नहीं है या फिर कम उम्र में इतनी ज्यादा शोहरत मिल गई है. तभी समझ नहीं आ रहा कि इसका कैसे उपयोग करें. माफी मंगाने से काम नहीं चलेगा. इसका संज्ञान लेकर इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो. आज बेटियां आंगन से अंतरिक्ष तक उड़ान भर रही हैं. बेटियों के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग करना, हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं.
वहीं यूपी कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने अनिरुद्धाचार्य का महिलाओं के प्रति दिए गए बयान को बहुत ही निंदनीय बताया है. उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस ऐसे लोगों का बचाव करती है. जो महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करते हैं. क्योंकि भाजपा और आरएसएस महिलाओं का सम्मान नहीं करती. उन्हें महिलाओं का अपमान करने वाले पसंद हैं.
मंत्री बेबीरानी मौर्य ने कहा कि जिस तरह का उन्होंने (अनिरुद्धाचार्य) बयान दिया है. उससे बच्चियों में रोष है. मैंने इस बयान की निंदा भी की है. आधुनिक होने के लिए वे कपड़े पहनती हैं. इस तरह के बयान शोभा नहीं देते हैं. हमारी जो सामाजिक रीतियां हैं. परंपराएं हैं. उन्हें बच्चियां समझती हैं. लेकिन आधुनिक होने के लिए अगर वो वस्त्र पहन रही हैं. अगर वो कहीं आ रही-जा रही हैं तो ऐसे बयान ठीक नहीं है. बहुत सारे स्कूल-कॉलेज हैं जहां पढ़ाई के लिए साथ में लड़के भी होते हैं.
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गौरतलब है कि बीते दिनों कथावाचक स्वामी अनिरुद्धाचार्य ने मथुरा जिले में स्थित वृंदावन के गौरी गोपाल आश्रम में कथित तौर पर कहा है कि 25 साल की अविवाहित लड़कियों का चरित्र ठीक नहीं होता. लड़कियों की शादी 14 वर्ष की उम्र में ही कर देनी चाहिए. कुछ लड़कियां ऐसी होती हैं कि लिव इन में रहकर चार जगह मुंह मारके किसी के घर जाएंगी, तो क्या वे किसी रिश्ते को निभा पाएंगी. इसलिए लड़की हो या फिर लड़का दोनों को चरित्रवान होना चाहिए. उनके बयान को लेकर महिलाओं में भारी आक्रोश है. हालांकि जगह-जगह हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उन्होंने माफी भी मांग ली है.



