ऑनलाइन कार्य का पटवारियों ने किया विरोध, काला कपड़ा पहनकर किया कामकाज, संघ ने दी चेतावनी- प्रदेश में 15 दिसंबर से करेंगे बायकाट
Patwaris protested against online work worked wearing black clothes Sangh warned will boycott in the state from December 15
बिलासपुर : राज्य शासन ने राजस्व विभाग में ऑनलाइन कामकाज काे लागू कर दिया है. पटवारियों को भुइंया साफ्टवेयर में भूमि स्वामियों के दस्तावेजों को ऑनलाइन अपडेट करने की अनिवार्यता कर दी गई है.
प्रदेश पटवारी संघ ने ऑनलाइन कामकाज के लिए जरुरी संसाधन उपलब्ध कराने के साथ ही राज्य शासन ने इंटरनेट भत्ते की मांग की है. भत्ता और जरुरी संसाधन ना उपलब्ध कराए जाने के विरोध में प्रदेशभर के पटवारी काला कपड़ा पहनकर सरकारी कामकाज कर रहे हैं.
संघ ने जिले के कलेक्टर के अलावा राजस्व सचिव को चेतावनी दी है कि 15 दिसंबर से ऑनलाइन कामकाज का बहिष्कार करने और 16 दिसंबर से शासकीय वाट्सएप ग्रुप का बायकाट करेंगे.
राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ ने अपने जिले की कार्यकारिणी के जरिए सबसे पहले कलेक्टर को ज्ञापन साैंपकर ऑनलाइन कामकाज के लिए जरुरी संसाधन और इंटरनेट भत्ता उपलब्ध कराने के बारे में ज्ञापन सौंपकर मांग की थी. जिलाध्यक्ष की तरफ से कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि प्रान्तीय बैठक रायपुर में 8 दिसंबर 2024 को लिए गए फैसले के मुताबिक सभी तरह के ऑनलाइन कार्य और प्रशिक्षण शासन से संसाधन और नेट भत्ता उपलब्ध न कराये जाने की सूरत में राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ के सभी पटवारीगण सभी ऑनलाइन कार्य और ऑनलाइन प्रशिक्षण संबंधित कार्य का 16 दिसंबर 2024 से प्रान्तीय निर्देशानुसार नहीं किए जाने का फैसला लिया गया है.
ऑनलाइन कामकाज को लेकर शासन स्तर पर बनाए जा रहे दबाव के बीच पटवारियों ने अब जरुरी संसाधन और नेट भत्ता का मुद्दा उछाल दिया है. इसे लेकर अब गतिरोध की स्थिति बनने लगी है.
राजस्व सचिव को पत्र लिखकर बनाया दबाव
प्रदेश पटवारी संघ ने राजस्व सचिव को पत्र लिखकर अपनी मांगों को दोहराया है. संघ ने लिखा है कि वर्तमान में राजस्व संबधी सभी कार्यों को भुइयां के जरिए ऑनलाइन किया गया है. इसके अलावा ज्यादातर काम जैसे कृषि संगणना, फसल कटाई प्रयोग भी ऑनलाइन मोबाइल एप् या कम्प्यूटर के जरिए किया जाता है. उपरोक्त कार्यों के लिये आज तक पटवारियों को किसी भी तरह का संसाधन / संसाधन भत्ता उपलब्ध नहीं कराया गया है. उसके बावजूद पटवारियों द्वारा अपनी नौकरी बचाये रखने की मजबूरी में निजी/किराये के संसाधन से उपरोक्त कार्यों का संपादन किया जाता है.
राजस्व पटवारी संघ द्वारा बीते कई साल से समय समय पर संसाधन / संसाधन भत्ता की मांग की गई. मगर आज तक शासन द्वारा इस पर कोई पहल नही की गई. जो कि बेहद दुखद है.
संघ ने दी चेतावनी
राजस्व सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि समस्या का निराकरण न होने की स्थिति में राजस्व पटवारी संघ के सभी सदस्य 16 दिसंबर 2024 से सभी तरह के ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करन को नज्बुर होंगे. जिसकी पूरी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी.
चेतावनी में दी गई इस तरह की जानकारी
9 दिसंबर 2024 को प्रदेश के सभी पटवारी अपने अपने जिला मुख्यालय में विरोध स्वरुप काले ड्रेस कोड में अपने अपने जिलाधीश को ज्ञापन सौपेंगे और संसाधन उपलब्ध न कराये जाने तक हर सोमवार को काले कपड़े धारण कर शासकीय कार्यों को निर्वहन करेंगे.
9 दिसंबर 2024 से आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जाने तक काली पट्टी लगाकर काम करेंगे.
15 दिसंबर 2024 तक आवश्यक संसाधन उपलब्ध न कराये जाने की दशा में प्रदेश के सभी पटवारी सभी तरह के ऑनलाइन कार्यो/ट्रेनिंग का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे.
16 दिसंबर 2024 से प्रदेश के सभी पटवारी सभी तरह के शासकीय व्हाट्सएप ग्रुप से बहिष्कार करने को मजबूर होंगे.
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