अंधविश्वास के चक्कर में जलती चिता के सामने रखा फोटो, आधी रात तंत्र-मंत्र के जरिए कैंसर का इलाज करते मिले महिला और पुरुष, युवती समेत तीन गिरफ्तार
Photo kept in front of burning pyre due to superstition man and woman found treating cancer through tantra-mantra at midnight three including girl arrested
बिलासपुर : बिलासपुर में जलती चिता के पास फोटो लेकर तंत्र क्रिया कर रहे एक महिला और एक उसके सहयोगी पुरुष को पुलिस ने पकड़ा है. पूछताछ में पता चला कि सहयोगी युवक के भांजे को कैंसर है इसलिए उसके स्वास्थ्य सुधार के लिए मुक्तिधाम मे पूजा पाठ कर रहे थे.
मिली जानकारी के मुताबिक, सिरगिट्टी बन्नाक चौक के मुक्तिधाम में शनिवार की देर रात जलती चिता के सामने महिला और पुरुष को तंत्र पूजा करते लोगों ने पकड़ा. जो कि तंत्र क्रिया के दौरान फोटो रखकर मोमबत्ती और दिया जलाकर पूजा कर रहे थे. ऐसी घटना की जानकारी जब देर रात आसपास के लोगों को लगी और इस तरह माजरा देखा तो वे डर गए.
जिसके बाद किसी तरह हिम्मत जुटाकर मौके पर पहुंचे. वहां देखा कि महिला तांत्रिक और उसके सहयोगी जलती चिता के सामने तंत्र पूजा कर रहे थे. वहीं दियो के बीच में फोटो आदि सामान पड़ा हुआ था.। कुछ अनहोनी के डर से लोगों ने तांत्रिक से पूछताछ की तो वह गोल-मोल जवाब देने लगा. वहीं, महिला तांत्रिक लगातार मंत्र पढ़ रही थी. महिला से पूछने पर उसके पुरुष साथी उसे रोकने से मना कर रहा था. इस दौरान गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई कर दी. जिसके बाद पकड़ कर सिरगिट्टी थाने में सौंप दिया.
न्यू कॉलोनी के शंकर यादव ने अपने भांजे के इलाज के लिए अन्नपूर्णा जाटवर से संपर्क किया था. जिन्होंने तंत्र क्रिया के जरिए इलाज का यकीन दिलाया दिया था. इसलिए अन्नपूर्णा जाटवर अपने भतीजे कुलदीप के साथ बिलासपुर आई और मरघट में चिता की आग लेकर तंत्र क्रिया शुरु की. मोहल्ले वालों ने इस क्रिया का विरोध किया और इसे किसी अनिष्ट की आशंका के तहत देखा. पुलिस ने फौरन हस्तक्षेप किया और तीनों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की.
पुलिस का हस्तक्षेप और कार्रवाई
सिरगिट्टी थाना प्रभारी विजय चौधरी ने बताया कि महिला, उसके भतीजे और शंकर यादव के खिलाफ पुलिस ने जुर्म दर्ज कर लिया है. पुलिस ने इस घटना को लेकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की है. जांच के दौरान यह साफ़ हुआ कि तंत्र क्रिया का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं था. और यह पूरी तरह से अंधविश्वास पर आधारित था.
समाज में अंधविश्वास की जड़ें
यह घटना समाज में अंधविश्वास की गहरी जड़ों को उजागर करती है. तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वासों के पीछे लोग अपने रोगों के इलाज की उम्मीद लगाते हैं. लेकिन यह सिर्फ उनकी समस्याओं को और बढ़ा सकता है.
इस घटना से यह साफ होता है कि समाज में आज भी अंधविश्वास का बोलबाला है. और इसे खत्म करने के लिए जागरुकता फैलाने की जरुरत है. लोगों को यह समझना चाहिए कि चिकित्सा विज्ञान ही उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान है. न कि तंत्र-मंत्र जैसी अवैज्ञानिक गतिविधियां. पुलिस की कार्रवाई ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है, लेकिन इसके बावजूद समाज में ऐसे अंधविश्वासों के खिलाफ लड़ाई जारी रखनी होगी.
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