गरियाबंद जिले के छुरा में शिक्षकों के हटाने की मांग को लेकर स्कूल का पालकों और बच्चों ने किया बहिष्कार, विधायक रोहित साहू को सौंपा ज्ञापन
Pupils and children boycotted the school in Chhura of Gariaband district demanding removal of teachers, memorandum submitted to MLA Rohit Sahu.
गरियाबंद/छुरा : प्राथमिक शाला डोंगरी पारा खुडियाड़ीह में नए शिक्षक की मांग को लेकर ग्रामीणों ने स्कूल का बहिष्कार कर दिया है. स्कूल रोजाना खुलता तो जरुर है लेकिन वहां बच्चे नहीं आते हैं और यहां पर पदस्थ दो शिक्षक दिन भर बैठकर वापस चले जाते हैं. यहां तक कि पालकों ने पांचवी कक्षा के प्री टेस्ट में भी अपने बच्चों को नहीं भेजा.
ग्रामीणों ने 15 जनवरी से 15-16 दिनो से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं और स्कूल सुना है. इस पर प्रधान पाठक सहित विकासखंड शिक्षा अधिकारियों ने बैठक कर पालकों को समझाने की कोशिश की गई लेकिन पालक शिक्षकों के हटाने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं. ग्रामीण राजिम के विधायक रोहित साहू के पास पहुंचकर शिक्षक हटाने की मांग की है.
ग्रामीण चन्द्रहास सेन, भीखम नेताम सहित ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों की शिक्षा से संपर्क बना रहे इसलिए गांव के रंगमंच में ही एक शिक्षक की नियुक्ति कर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है और सभी बच्चों से ₹100 लेकर शिक्षक को भुगतान किया जाएगा.
लेकिन सरकारी स्कूल में बच्चों को नहीं भेजेंगे.
इस बारे में ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक शाला स्कूल में करीब 34 बच्चे अध्ययन रत हैं. दो शिक्षक पदस्थ है. जिसमें से प्रधान पाठक और एक संकुल समन्वयक है और दोनों अपने कार्यों में बीजी होने की वजह से दोनों शिक्षकीय कार्य में ध्यान नहीं होते देते हैं. जिससे बच्चों की शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए पालकों ने स्कूल बहिष्कार का फैसला लिया है. ग्रामीण चन्द्रहास सेन एवं भीखम नेताम ने कहा कि इस बारे में शिक्षकों को लगातार कहा गया कि आप लोग बच्चों को पढ़ाने में समय नहीं देते हैं. उन्हें समय प्रदान करें.
तब शिक्षकों ने कहा था कि वह अपने शासकीय कार्यों की वजह से बच्चों को पढ़ा नहीं पा रहे हैं. तब ग्रामीणों ने संकुल समन्वयक को हटाने और यहां पर प्रधान पाठक को लाने की मांग को लेकर स्कूल का बहिष्कार किया है.
इस बारे में विकासखंड शिक्षा अधिकारी के एल मतवाले ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर उच्च अधिकारियों से चर्चा कर संकुल समन्वयक से हटाया गया है और दो शिक्षक नियमित रुप से स्कूल जा रहे हैं लेकिन ग्रामीणों द्वारा दोनों शिक्षकों के हटाने की मांग की जा रही है. जो आचार संहिता में संभव नहीं है. और पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारी को दी चुकी है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI



