6 राज्य, 19 दिन और 15 बीएलओ की मौत, SIR बना BLO’S के लिए सर दर्द!, मौतों पर खड़गे बोले- भाजपा चोरी के जरिए सत्ता की मलाई चाटने में व्यस्त
Six states, 19 days, and 15 BLO deaths, Sir has become a headache for BLOs! Kharge said on the deaths, “The BJP is busy enjoying the fruits of power through theft.”
चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया, जो वोटर लिस्ट को अपडेट कराने के लिए 4 नवंबर से 12 राज्यों में चल रही है, अब जानलेवा बन गई है. बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर फॉर्म-6, 6A, 7 और 8 भरवा रहे हैं. फोटो खींच रहे हैं और ऐप पर डेटा अपलोड कर रहे हैं. लेकिन बेहिसाब काम का बोझ, हर BLO को औसतन 1000-1200 वोटरों का टारगेट, सिर्फ तीन चरणों में पूरा करने की सख्त समय-सीमा जो 4 दिसंबर तक की है. अपर्याप्त ट्रेनिंग और ऊपर से कुछ राज्यों में लोकल बॉडी चुनाव का अतिरिक्त काम इन सबने BLOs को मानसिक और शारीरिक रुप से तोड़ दिया है.
ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में बूथ स्तर के अधिकारियों की मौतों के लिए एसआईआर की प्रक्रिया को दोषी ठहराया. सीएम ममता बनर्जी ने बीएलओ के सुसाइड पर चुनाव आयोग की आलोचना की है.
तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि अक्टूबर से बंगाल में ही 28 BLO मौतें हो चुकी हैं. सीएम ममता बनर्जी ने X पर नोट की कॉपी शेयर करते हुए लिखा कि SIR के नाम पर और कितनी जानें जाएंगी? यह अब चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है. प्रक्रिया फौरन रोकी जाए.
नवंबर से अब तक कम से कम 12 BLOs की मौत हो चुकी है आत्महत्या, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक से। सबसे ज्यादा मामले पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश से आए हैं। 22 नवंबर को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में 51 साल की पैरा-टीचर रिंकू तारफदार ने घर में फांसी लगा ली. सुसाइड नोट में उन्होंने साफ लिखा ‘SIR का दबाव सहन नहीं कर पा रही. ECI जिम्मेदार है.
पश्चिम बंगाल में एक महिला बीएलओ ने भी आत्महत्या कर ली. मृतकों के परिजनों ने ज्यादा काम और लक्ष्य पूरा करने के दबाव को मौत का कारण बताया है. पश्चिम बंगाल: में नदिया में बीएलओ रिंकू का शव घर की छत से लटका मिला। सुसाइड नोट भी मिला। राज्य में एसआईआर से जुड़ा दूसरा सुसाइड, तीसरी मौत है.
केरल में कन्नूर के BLO अनीश जॉर्ज ने 16 नवंबर को आत्महत्या कर ली. जिसके बाद पूरे राज्य में सरकारी कर्मचारियों ने SIR का बहिष्कार कर दिया। जयपुर में BLO मुकेश जांगिड़ ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी और सुसाइड नोट में SIR टारगेट का जिक्र किया। राजस्थान के सवाई माधोपुर में BLO हरिराम बैरवा को हार्ट अटैक आया. पश्चिम बंगाल में नामिता हंसदा को ब्रेन स्ट्रोक से जान गई.
गुजरात में चार दिन में चार BLOs की हार्ट अटैक से मौत हुई. मध्य प्रदेश के रायसेन और दमोह में दो BLO बीमारी से मरे, परिवारों ने SIR का दबाव बताया। छत्तीसगढ़ में पार्षद-विधायकों द्वारा BLOs को धमकाने और खींचतान की शिकायतें आई हैं. X पर #SIRControversy और #SaveBLO ट्रेंड कर रहे हैं, कुछ यूजर्स BLOs पर गुंडों के हमले का भी आरोप लगा रहे हैं.
तमिलनाडु में सरकारी कर्मचारी यूनियनों ने 18 नवंबर से SIR का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया और समय सीमा बढ़ाने की मांग की. BLOs का कहना है कि 1000-1200 वोटर्स का टारगेट तीन चरणों में पूरा करना नामुमकिन है. ऊपर से केरल-तमिलनाडु जैसे राज्यों में पंचायत चुनाव का काम भी जोड़ा गया है. सुप्रीम कोर्ट ने 11 नवंबर को SIR पर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और सभी हाई कोर्ट्स को केस टालने को कहा.
विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा. विपक्षी दल और कर्मचारी संगठन दबाव कम करने, पूरी ट्रेनिंग देने और समय सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. चुनाव आयोग का तर्क है कि SIR फर्जी वोटर हटाने और लिस्ट को साफ करने के लिए जरुरी है. साथ ही BLOs की शिकायतों पर कार्रवाई का वादा किया है. लेकिन जिस तरह मौतों का सिलसिला बढ़ रहा है. उसने आने वाले चुनावों से पहले वोटर लिस्ट की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला. खड़गे ने कहा कि भाजपा चोरी के ज़रिए सत्ता की मलाई चाटने में व्यस्त है. जबकि भारत का चुनाव आयोग मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है. बिना किसी योजना के जल्दबाजी में एसआईआर लागू करने से नोटबंदी और कोविड लॉकडाउन की यादें ताज़ा हो गई हैं.
कथित आत्महत्याओं को भाजपा की “सत्ता की भूख” का परिणाम बताते हुए कांग्रेस प्रमुख ने जनता से एसआईआर अभ्यास के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की. जो वर्तमान में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है.
सत्ता का दुरुपयोग करके संस्थाओं को आत्महत्या के लिए मजबूर करना, संविधान की धज्जियाँ उड़ाना और लोकतंत्र को कमज़ोर करना, ये भाजपा की सत्ता की भूख का नतीजा है. अब बहुत हो गया!! अगर हम अब भी नहीं जागे तो लोकतंत्र के आखिरी स्तंभ को टूटने से कोई नहीं बचा सकता. जो लोग SIR और वोट चोरी पर चुप हैं. वो इन निर्दोष BLO की मौत के लिए ज़िम्मेदार हैं. आवाज़ उठाइए, लोकतंत्र बचाइए,” X पोस्ट में लिखा था.
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