भिलाई में तांत्रिक पर रेप का आरोप, महिला बोली- जबरन शादी कर बनाया अश्लील वीडियो, घर से उठाकर ले गया, पुलिस दोनों को बता रही पति-पत्नी
Tantric accused of rape in Bhilai, woman says he forcibly married her and made pornographic video, took her away from home, police are calling them husband and wife
दुर्ग : दुर्ग जिले के भिलाई में 22 साल की युवती से तांत्रिक बनकर धोखा देने, रेप करने, किडनैप करने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है. पीड़िता के बयान ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है. युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी हेमंत अग्रवाल तंत्र-मंत्र का झांसा देकर उसके परिवार से जुड़ा और बाद में उसे सम्मोहित कर कई बार दुष्कर्म किया. साथ ही अश्लील वीडियो बनाकर धमकाता रहा. युवती का कहना है कि आरोपी हेमंत अग्रवाल ने जबरदस्ती रायपुर के आर्य समाज में शादी भी करवाई. जबकि उसकी कोई मान्यता नहीं है.
आरोप है कि 19 नवंबर को आरोपी हेमंत अग्रवाल दिनदहाड़े कार से युवती को घर से उठा ले गया था. पुलिस ने शुरुआती जांच में दोनों को पति-पत्नी बताया. लेकिन पीड़िता ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि वह आरोपी हेमंत अग्रवाल की दूसरी पत्नी नहीं है. उसने बताया कि आरोपी पहले भी कई लड़कियों को बहला-फुसला चुका है. उसके बैग से कई लड़कियों की तस्वीरें भी मिली थीं.
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने 2 से 3 बार उसका गर्भपात भी कराया. वह उसे किडनैप कर दंतेवाड़ा, कोंडागांव और फिर रायपुर ले गया. रास्ते में मारपीट करता रहा और वीडियो वायरल करने की धमकी देता रहा. मीडिया में खबरें आने के बाद आरोपी और भी आक्रामक हो गया.
घटना के बाद परिजनों ने जामुल थाने में शिकायत की. लेकिन युवती के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. परिजनों के मुताबिक पुलिस लगातार इसे ‘पति-पत्नी का मामला’ कहकर कार्रवाई से बचती रही. पीड़िता ने दावा किया कि सखी सेंटर तक ने आरोपी का साथ दिया और उसकी शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी पुलिस गिरफ्त में आने के बाद भिलाई-3 थाने से फरार हो गया. परिजनों ने इसे पुलिस की बड़ी चूक बताया है. वहीं, एसएसपी विजय अग्रवाल की कार्रवाई की पीड़िता ने सराहना की और कहा कि उनकी वजह से वह सुरक्षित घर लौट सकी.
परिजनों ने मांग किया कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो. ताकि पुलिस और सखी सेंटर की भूमिका भी उजागर हो सके. यह घटना सवाल खड़े करती है कि पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और इंसाफ के लिए सिस्टम कितना संवेदनशील है.
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