युक्तियुक्तकरण समेत कई मांगों को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने गरियाबंद और रायपुर में सौंपा ज्ञापन, 24 अगस्त को प्रदेश स्तरीय बैठक

Teachers Struggle Front submitted memorandum in Gariaband and Raipur regarding rationalization and many other demands state level meeting on August 24

युक्तियुक्तकरण समेत कई मांगों को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने गरियाबंद और रायपुर में सौंपा ज्ञापन, 24 अगस्त को प्रदेश स्तरीय बैठक

शिक्षक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने सीएम, शिक्षा सचिव व संचालक लोकशिक्षण के नाम कलेक्टर व डीइओ को सौंपा ज्ञापन

गरियाबंद : छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पदोन्नति, युक्तियुक्तकरण, ऑनलाइन अवकाश प्रक्रिया में संशोधन के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री व शिक्षा सचिव के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा.
शिक्षकों की मांग
1. प्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक, प्रधानपाठक (प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक) के पदों पर पहले पदोन्नति किया जाए.
2. 2008 के सेटअप जिसमें न्यूनतम छात्र संख्या पर एक प्रधान पाठक और चार शिक्षक पदस्थ करने का नियम बनाया गया था और इसी के आधार पर भर्ती व पदोन्नति विभाग द्वारा की गई है. एक पद घटाने से एक शिक्षक तो स्वमेव अतिशेष हो जाएंगे. यह नियम व्यवहारिक नही है यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उलंघन है. इसलिए 2 अगस्त 2024 के युक्तियुक्तकरण नियम में न्यूनतम विद्यार्थी संख्या पर भी एक प्रधान पाठक और चार शिक्षक का सेटअप स्वीकृत किया जाए.
3. 2008 के सेटअप में प्राथमिक शाला में न्यूनतम छात्र संख्या पर एक प्रधान पाठक और दो सहायक शिक्षक का पद स्वीकृत किया गया था. वर्तमान में एक पद कम कर दिया गया है. यह व्यवहारिक नहीं है यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उलंघन है. इसलिए 2 अगस्त 2024 के युक्तियुक्तकरण नियम में न्यूनतम विद्यार्थी संख्या पर एक प्रधान पाठक एवं दो सहायक शिक्षक का सेटअप स्वीकृत किया जाए.
4. प्रधान पाठक का पद खत्म करने वाला इस युक्तियुक्तकरण नियम से सहायक शिक्षक व शिक्षक की पदोन्नति 50 प्रतिशत तक कम होगी. इससे शिक्षकों के पदोन्नति के मौके कम होंगे जो पूरी तरह अनुचित है.
5. प्रत्येक प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शाला का स्वतंत्र अस्तित्व हो जिसके नियंत्रण और शिक्षण व्यवस्था के लिए स्वतंत्र प्रधान पाठक जरुरी है. इससे सहायक शिक्षक और शिक्षकों को पदोन्नति भी मिलेगी.
6. बालवाड़ी संचालित स्कूलों में बालवाड़ी 1 व प्राथमिक 5 कुल 6 कक्षा के संचालन हेतु न्यूनतम संख्या में भी 1 अतिरिक्त सहायक शिक्षक दिया जाए.
7. 2 अगस्त 2024 को जारी युक्तियुक्तकरण नियम से शाला में पदों की संख्या कम किया गया है. इससे नई भर्ती नहीं होने से प्रशिक्षित बेरोजगारों के साथ भी अन्याय होगा.
8. स्वामी आत्मानंद शालाओ में प्रतिनियुक्ति के शिक्षकों व शालाओ पर नियम की प्रभावशीलता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है.
9. युक्तियुक्तकरण से उच्चतर विद्यालय में काम का बोझ बढ़ जाएगा. जिससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पालन सही तरीके से नही हो पाएगा. इस पूरी प्रकिया में समय / शासकीय सम्पत्तियो (रिक्त भवन जो खंडहर हो सकता है) और छात्रों के भविष्य पर कुठाराघात होगा.
10. एक ही परिसर में उच्चत्तर शाला में निचले शाला को मर्ज करना स्वतंत्र शाला के नियंत्रण व शिक्षण व्यवस्था पर विपरीत असर डालेगा.
11. प्राथमिक शाला व माध्यमिक शाला में न्यूनतम शिक्षक संख्या घटाया गया है. इससे इन शालाओ के शिक्षण स्तर में गिरावट आएगा.
12. बस्तर संभाग के कई जिलों में संचालित पोटा कैबिन में विभागीय सेट-अप स्वीकृत किया जाए.
13. युक्तियुक्तकरण की संपूर्ण प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए और दावा आपत्ति करने और उसके निराकरण का समुचित अवसर प्रदान किया जाए.
14. स्कूल शिक्षा विभाग भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में एकतरफा आदेश निर्देश जारी करने से पहले कर्मचारी संगठनों से चर्चा कर सर्वसम्मत व प्रभावी कदम उठाए.
ऑनलाइन अवकाश:-
1. मेडिकल अवकाश, अर्जित अवकाश, संतान पालन अवकाश लेने के एक हफ्ते के अंदर एडुपोर्टल में ऑनलाइन एंट्री का ऑप्शन दिया जाए.
2. आकस्मिक अवकाश व ऐच्छिक अवकाश को ऑफलाइन आवेदन देने की प्रक्रिया को यथावत रखा जाए.
शिक्षक एलबी संवर्ग का एक सूत्रीय मांग: –
पूर्व सेवा की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से सही वेतन का निर्धारण कर सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्नति वेतनमान का निर्धारण कर पुरानी पेंशन निर्धारित करें और कुल 20 साल की पूर्ण सेवा में पुरानी पेंशन प्रदान किया जाए.
इस मौके पर पूरन लाल साहू, भुवन यदु, परमेश्वर निर्मलकर, कुमेंद्र कश्यप, प्रदीप पांडेय, किरण साहू, जागेश्वर ध्रुव, प्रहलाद मेश्राम, रवि अग्रवाल, बीसेलाल कुंजाम, सुरेश केला, जितेंद्र सोनवानी, संजय यादव, डॉ. ओमप्रकाश वर्मा, रिमायन सिंह कंवर, दिनेश निर्मलकर, ईश्वरी सिन्हा, गीता शरणागत, प्रतिभा सकरिया, संगीता पाटिल, संगीता सोनवानी, जानकी निर्मलकर, मनीषा वर्मा, अनीता मेश्राम, गायत्री नेताम, महेंद्र प्रधान, श्रद्धा साहू, आशा साहू, प्रेम बाई टांडी, कोमल देवांगन, पूनम चंद्राकर, सुभाष जोशी, सुनील मेहर, गणेश्वर साहू, कृष्ण कुमार बया, धनंजय वर्मा, त्रिलोक सेन, उमेश श्रीवास, अवनीश पात्र, दीनबंधु वैष्णव, वीरेंद्र ध्रुव, आशुतोष पात्र, रमेश ठाकुर, डिगेश देवांगन, सरस सोम, लोकेश यादव और सैकड़ो की तादाद में शिक्षक मौजूद रहे.
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युक्तियुक्तकरण सहित दो सूत्री मांगों को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने रायपुर में सौंपा ज्ञापन

रायपुर : सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, शालेय शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ और टीचर्स एसोसिएशन ने प्रदेश भर में प्रदर्शन कर कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा.
संघर्ष मोर्चा ने दो टूक कहा कि युक्तियुक्तकरण के जारी निर्देश अव्यवहारिक और शिक्षकों को परेशान करने वाला है. सरकार को फौरन इसे वापस लेना चाहिये. सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, शालेय शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ और टीचर्स एसोसिएशन ने संयुक्त रुप से कहा कि युक्तियुक्तकरण नियम अव्यवहारिक हैं. इस दौरान शिक्षकों ने ऑनलाइन उपस्थिति पर भी आपत्ति दर्ज करायी.
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संचालक मनीष मिश्रा, वीरेंद्र दुबे, विकास राजपूत, संजय शर्मा ने चरणबद्ध आंदोलन की जानकारी देते हुए कहा है कि हमने प्रदेश व्यापी आंदोलन की रुपरेखा तैयार की है. आज पहला चरण खत्म हुआ है. जल्द ही आंदोलन का दूसरा चरण शुरु होगा. जिसके तहत मंत्री, विधायक व सांसदों को ज्ञापन सौंपा जाएगा.
इसी कड़ी में रायपुर जिले में संयुक्त कलेक्टर रायपुर उमाशंकर जायसवाल को और जिला शिक्षा आधिकारी कार्यालय में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने ज्ञापन सौंप प्रमुखता से विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण और ऑनलाइन अवकाश का विरोध किया.
इस आंदोलन कार्यक्रम में विरेंद्र दुबे, धर्मेश शर्मा, भानू डहरिया, ओमप्रकाश सोनकला, हेमकुमार साहू, अब्दुल आसिफ खान, बृजेंद्र तिवारी, चंद्रशेखर रात्रे, गंगा पासी, कन्हैया कंसारी, राजू टंडन, जितेंद्र मिश्रा, हासराम साहू, मनोज मूछावड़ समेत सैकड़ों की तादाद में शिक्षकों ने मौजूद रहकर अपनी आवाज बुलंद की.
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24 अगस्त को प्रदेश स्तरीय बैठक, बनेगी हड़ताल की रणनीति

रायपुर : राज्य शासन ने दर्ज संख्या के आधार पर स्कूल और शिक्षकों की संख्या में कटौती का फरमान निकाला है और अपने इस तुंगलकी फरमान की क्रियान्वित करने के लिए विभागीय स्तर पर जोरशोर से लगा हुआ है. जिससे विद्यार्थियों के पालको को जहां अपने बच्चो के भविष्य की चिंता सता रही थी. वही शिक्षको को अपने नौकरी की. उक्त कथन है छत्तीसगढ़ संयुक्त शिक्षक महासंघ के प्रांतीय संयोजक कृष्णकुमार नवरंग व राजनारायण द्वीवेदी का है.
ज्ञात हो कि शुक्रवार 16 अगस्त को छत्तीसगढ़ संयुक्त शिक्षक महासंघ का महत्वपूर्ण बैठक रख गई. जिसमें राज्य शासन और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का घोर विरोध करते हुए सड़क की लड़ाई लड़ने का जंगी ऐलान किया गया. इसके लिए आगामी शनिवार को 24 अगस्त को राजधानी रायपुर में फिजिकल बैठक रखकर इसके खिलाफ व्यापक रणनीति बनाने और युक्तियुक्तकरण को रोकवाने आंदोलन किए जाने का प्रस्ताव बनाया गया.
महासंघ का राज्य सरकार पर सीधा प्रहार है कि शासन अपने तिजोरी भरने के लिए स्कूली बच्चों के भविष्य से खेल रहा है. वही प्रदेश के डी एड,बीएड और टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के शासकीय नौकरी का रास्ता बंद कर रहा है. साथ ही शिक्षा सत्र के शुरु में ही स्कूल और शिक्षक विरोधी काम से एक तरफ शिक्षको का मनोबल गिर रहा है वही दर्ज संख्या के आधार पर शिक्षकों की संख्या निश्चित करके आने वाले पीढ़ी को बरबाद करने तुला है.
इस बारे में शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राजनारायण द्विवेदी और गवर्मेंट एम्पलाईज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार नवरंग ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि जो लोग लेनदेन कर शिक्षको को मनमाने पोस्टिंग दिलवाते हैं. और भर्ती सेटअप के खिलाफ मनमाने ढंग से ज्वाइनिंग करवाए हैं. वही लोग मोर्चा बनाकर शिक्षको के रहनुमा बनने का नाटक कर रहे हैं. जिसका हमारा महासंघ पुरजोर विरोध करता है.
महासंघ से जुड़े प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बनाफर, शिव सारथी,शंकर यादव, धरम दास बंजारे,चेतन बघेल,अनिल टोप्पो, विक्रम राय सहित 10 से ज्यादा संगठन शामिल हैं.
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बिलासपुर : प्रदेश के सरकारी स्कूल मे 14 साल से 43301 सफाई कर्मचारी स्कूलों में साफ सफाई कर स्वच्छ वातावरण प्रदान कर रहे हैं. कर्मचारीयों से सिर्फ सुबह 2 घंटे काम लिए जाने को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर और प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारियों के द्वारा आदेश जारी करने के बाद भी प्रदेश के कई स्कूलों में 2 घंटे के काम को पार्ट-पार्ट में कराया जाता है और स्कूल (शाला) अलग-अलग समय में लगने की वजह से पूरा दिन स्कूल में व्यतीत करना पड़ता है.
स्कूलों में चपरासी का पद रिक्त होने की वजह से चपरासी के सभी काम सफाई कर्मचारी से लिया जाता है. स्कूलों में काम करने के बाद दूसरी जगह काम करने नहीं जा पातें हैं. जिसकी वजह से एक दिन की मजदूरी दर से वंचित हो जाते हैं. स्कूलों में पूरा दिन व्यतीत करने पर 1 महीने में 3000 से 3300 रुपए मानदेय भुगतान किया जाता है. जो की इस महंगाई भरे दौर में इतने कम रुपए में परिवार का भरण पोषण नहीं कर पाते हैं. कर्ज लेकर जीवन व्यतीत करने को मजबूर रहते हैं.
वही दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के द्वारा 2023 के विधानसभा चुनाव के पूर्व संघ से वादा किया गया था कि सरकार बनने पर 50% वेतन वृद्धि किया जाएगा. लेकिन सरकार बने करीब 1 साल होने जा रहा है. वेतन वृद्धि नहीं किया जाने पर सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त है.
इसलिए संघ के द्वारा प्रदेश स्तरीय बैठक दिनांक 24 अगस्त को बिलासपुर सरकंडा स्थित शासकीय प्राथमिक बालक शाला मुक्तिधाम में दोपहर 12 बैठक का आयोजन किया जाएगा. जिसमें संघ की मांग, समस्या और दिल्ली में हड़ताल किये जाने को लेकर फैसले लिए जाएंगे.
प्रधान पाठक संघ और शिक्षक संगठनों के द्वारा स्कूल सफाई कर्मचारीयों के 14 साल कार्य अनुभव और ईमानदारी के आधार पर, संघ की मांग कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान करते हुए चपरासी की पदों पर समायोजित किये जाने को लेकर समर्थन करते हुए  मुख्यमंत्री, शिक्षा सचिव, संचालनालय को पत्र भी लिखा गया है.
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