गरियाबंद जिले के कोदोपाली में धान उपार्जन केंद्र खोलने की मांग को लेकर लामबंद किसान संघर्ष समिति का घेराव, किसानों ने कलेक्‍टोरेट घेरा

The Kisan Sangharsh Samiti which was mobilized to demand the opening of paddy procurement center in Kodopali of Gariaband district surrounded the collectorate

गरियाबंद जिले के कोदोपाली में धान उपार्जन केंद्र खोलने की मांग को लेकर लामबंद किसान संघर्ष समिति का घेराव, किसानों ने कलेक्‍टोरेट घेरा

गरियाबंद : खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में गरियाबंद जिले में समर्थन मूल्य पर ग्राम-कोदोपाली में नवीन धान उपार्जन केन्द्र खोलने को लेकर आज दोपहर 12 बजे सैकड़ो की तादाद में भलेवा अंचल क्षेत्रिय किसान संघ कोदोपाली संघ ने धान उपार्जन केंद्र खोले जाने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की वही सैकड़ों की तादाद में किसानों ने रैली निकाली. रैली गांधी मैदान से तिरंगा चौक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची. समर्थन मूल्‍य पर धान की खरीदी 14 नवंबर से लगातार 31 जनवरी तक की जाएगी. वहीं किसानों ने कलेक्‍टोरेट में नारेबाजी कर कलेक्‍टर के नाम ज्ञापन दिया.
किसानों की मांग है कि कोदोपाली में धान उपार्जन केंद्र खोला जाए. इसकी मांग को लेकर किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने कलेक्‍टोरेट का घेराव किया है. जहां किसानों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांग को लेकर ज्ञापन दिया.
छत्‍तीसगढ़ में 14 नवंबर से खरीदी शुरु हो जाएगी. इसको लेकर सोसाटियों की समितियों ने केंद्र पर तैयारी भी पूरी कर ली है. 14 नवंबर से लगातार 31 जनवरी तक की जाएगी. वहीं किसानों ने कलेक्‍टोरेट में नारेबाजी कर कलेक्‍टर के नाम ज्ञापन दिया. इसी के साथ ही नया धान उपार्जन केंद्र खोलने की मांग की. किसानों की मांग है कि कोदोपाली में धान उपार्जन केंद्र खोला जाए. इससे क्षेत्र के किसानों को काफी सुविधा होगी. इस दौरान सैकड़ों की तादाद में किसान मौजूद थे.
किसानों ने बताया आदिम जाति सहकारी समिति मर्यादित पंजीयन क्रमांक-52, पीपरछेड़ी, तहसील एवं जिला-गरियाबंद मुख्यालय से दूरस्थ समस्त ग्राम पंचायत कृषकगण ने विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति भुजिया कमार गोड़ कंवर आदिवासी पिछड़ा वर्ग बाहुल्य पांच ग्राम पंचायतें लोहारी, डुमरबाहरा, दांतबायकला, तेन्दुबाय और मौहाभाठा आश्रित ग्राम दलदली क्षेत्र के किसान संगठित होकर नवीन धान उपार्जन केन्द्र ग्राम कोदोपाली में, खोले जाने के लिए लैम्पस पीपरछेड़ी पं सं 52 के अन्तर्गत तह. / जिला गरियाबंद छग से खोले जाने की मांग को लेकर विशेष बैठक का आयोजन किया गया था. उक्त बैठक में छत्तीसगढ़ शासन और प्रशासन के द्वारा अब तक की गई पत्राचार विभागीय जांच आवश्यक कार्यवाही पर गहन विचार विमर्श किया गया. और उक्त उपार्जन केन्द्र खोले जाने के लिए शासन प्रशासन में लम्बीत मामलों पर अफसोस जाहिर करते हुए तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय समिक्षा सक्षम आदेश सही फैसला के लिए आज सोमवार को गांधी मैदान में इकठ्ठा हुए. वही किसानों ने पदयात्रा रैली करते संयुक्त कलेक्टर कार्यालय गरियाबंद में कलेक्टर गरियाबंद द्वारा मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन राज्यपाल छत्तीसगढ़, मंत्री खाद्यान्न, सहकारिता, प्रभारी छत्तीसगढ़ के नाम ज्ञापन सौंपकर स्मरण ध्यानाकर्षण करने के लिए आवेदन दिया जा रहा है.
किसानों ने कहा उपरोक्तानुसार नवीन उपार्जन केन्द्र कोदोपाली पंजीकृत किसान सौकड़ो की तादाद पर मौजूद हैं. सभी संबंधित व्यवस्था तंत्र से सक्षम आदेश पारित करने शांति सद्भावना पुर्वक सहयोग पहुंचाने की अपेक्षा रखते हैं. कृषकगण सहयोग के प्रति सदैव ऋणी रहेगा.
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छत्तीसगढ़ सरकार ने 14 नवंबर से धान खरीदी करेगी. इसको लेकर पूर्व में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने जानकारी दी थी कि सरकार 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदेगी. इसके लिए सभी धान खरीदी केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन का उपयोग होगा और 30 हजार गठान बारदाने की खरीदी की गई है. यह निर्णय मंत्रीमंडलीय उपसमिति की बैठक में पहले ही लिया जा चुका है.
160 लाख मीट्रिक टन की होगी खरीदी
छत्तीसगढ़ में लगभग 37.46 लाख किसान परिवार हैं. जिनमें से 80% लघु और सीमांत किसान हैं. राज्य में धान, सोयाबीन, उड़द और अरहर मुख्य खरीफ फसलें हैं. पिछले साल राज्य में समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी. जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. वहीं इस साल सरकार ने 160 लाख मीट्रिक टन की खरीदी का लक्ष्य रखा गया है.
धान का उठाव 31 मार्च तक होगा
बैठक में धान खरीदी, उठाव, कस्टम मिलिंग, और परिवहन पर विस्तार से चर्चा हुई. फैसला लिया गया कि पिछले साल की तरह इस साल भी धान खरीदी के साथ-साथ धान का उठाव किया जाएगा. धान उठाव 31 मार्च तक अनिवार्य होगा. इसके अलावा, किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर बैठक, पेयजल, कंप्यूटर और इंटरनेट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए.
31 जनवरी 2025 तक की जाएगी खरीदी
प्रदेश में धान खरीदी 14 नवंबर से शुरु होकर 31 जनवरी 2025 तक की जाएगी. इस बीच प्रदेश के सभी धान खरीदी केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक तुलाई मशीन का उपयोग किया जाएगा. इस साल धान खरीदी के लिए 30 हजार गठान बारदाने की व्यवस्था सरकार ने की है. धान खरीदी के लिए किसानों ने 31 अक्टूबर 2024 तक रजिस्ट्रेशन कराया था.
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