नदी में पानी के तेज बहाव में बहा युवक, दिनभर तलाश के बावजूद नहीं मिली बॉडी, 28 घंटे से लापता, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

Young man drowned in the strong current of water in the river body not found despite whole day search missing for 28 hours family members allege negligence

नदी में पानी के तेज बहाव में बहा युवक, दिनभर तलाश के बावजूद नहीं मिली बॉडी, 28 घंटे से लापता, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

रायपुर : राजधानी के धरसीवां के ग्राम मुर्रा से बहने वाली खारुन नदी में बीते दिन बुधवार 11 सितंबर को एक युवक मनीष चक्रधारी उम्र 20 साल नदी के तेज बहाव में बह गया. घटना के बाद से ही युवक की तलाश जारी है. लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है.
सुबह मनीष चक्रधारी नदी के पास मौजुद नाले के पास फंसी अपने पिता की बाइक लेने के लिए गया था. पैदल नाला पार करते वक्त अचानक पानी का बहाव बढ़ने से वह बीच में ही फंस गया. इस दौरान पास ही में मौजुद बड़े भाई ने उसे बचाने का प्रयास भी किया. लेकिन मनीष पानी के तेज बहाव के साथ बह गया.
मनीष के परिजनों ने पुलिस और एसडीआरएफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि घटना की खबर मिलने के बाद भी पुलिस और एसडीआरएफ की टीम देरी से मौके पर पहुंची. इसके अलावा, खोज अभियान में किसी भी तरह की विशेषज्ञ तकनीक का उपयोग नहीं किया गया.
परिजनों का आरोप है कि अगर समय पर कार्रवाई की गई होती तो शायद मनीष को बचाया जा सकता था. मनीष के परिजनों ने बताया कि मनीष अपनी बाइक लेने नाले के पास गया था. तभी पानी का बहाव तेज हो गया और वह बह गया.
परिजनों का कहना है कि घटना कल सुबह करीब 9 बजे घटीत हुई जिसके फौरन बाद उन्होने मदद के लिए स्थानीय थाना प्रभारी को कई बार फोन किया. लेकिन उन्होने फोन नहीं उठाया. इसके बाद जब मनीष के परिजनों ने विधायक अनुज शर्मा को फोन कर पुरी बात बताई. जिसके बाद विधायक शर्मा ने थाना प्रभारी को कॉन्फ्रेंस लेकर बात की. इसके बाद करीब 10:30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और SDRF को मौके पर बुलाया. लेकिन SDRF की टीम करीब 3 घंटे बाद मौके पर पहुंची. अगर टीम जल्दी मौके पर पहुंचती तो मनीष को ढूंढने में आसानी होती.
मनीष चक्रधारी का परिवार रायपुर के गुढ़ियारी में रहता है. जवान बेटे के इस तरह लापता होने से परिवार में मातम छाया हुआ है. सभी मनीष के सकुशल घर लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं.
एसडीआरएफ की टीम ने बताया कि पानी में खोज करने वाले सभी कैमरे सर्विसिंग में हैं. जिसके कारण खोज अभियान में दिक्कतें आ रही हैं. गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में मुर्रा गांव के खारुन नदी में हुई एक दुखद में शिक्षक सहित तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई थी.
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