मुर्गा पार्टी का खूनी न्यू ईयर, चाकू लेकर मुर्गी लूटने पहुंचे बदमाश, नए साल का जश्न मनाने किसान को लहूलुहान कर लूट ले गए 20 देशी मुर्गे

A bloody New Year of the 'Murga Party': Crocodiles arrive with knives to steal chickens. They leave a farmer bleeding and steal 20 native chickens while celebrating the New Year.

मुर्गा पार्टी का खूनी न्यू ईयर, चाकू लेकर मुर्गी लूटने पहुंचे बदमाश, नए साल का जश्न मनाने किसान को लहूलुहान कर लूट ले गए 20 देशी मुर्गे

धमतरी : साल नया हो या पुराना जिले में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. जैसा रवैया अपराधियों का पहले था. वैसा ही अब भी.. यानी इस नए साल में भी नजर आ रहा है. ये अलग बात है कि हर खास अवसरों पर असामाजिक तत्वों के दिलो में खौफ पैदा करने  के लिहाज से और लोगो में सुरक्षा की भावनाओ को जगाने के लिहाज से पुलिस बार बार फ्लैग मार्च करती हुई नजर आ रही है. मगर खासबात तो यह है इससे शायद अपराधियों पर कोई खास असर नहीं हो रहा है. फ्लैग मार्च के कुछ ही घंटों के बाद ग्राम दर्री से अजीब मामला सामने आया है. जहां चोरों ने पोल्ट्री फार्म में धावा बोला और 20 नग से ज्यादा मुर्गा मुर्गी लेकर जाने लगे जब मुर्गी फार्म के मालिक ने इसका विरोध किया तो उसकी भी पिटाई बदमाशो ने कर दी और एक इलेक्ट्रानिक तराजू के साथ करीब ढाई हजार रुपए लेकर चलते बने.
कुरूद इलाके में मुर्गी फार्म का संचालक मारपीट में घायल होकर अस्पताल में भर्ती है बताया जा रहा बदमाश चाकू लेकर मुर्गी लूटने पहुंचे थे जिनका चोरी के मुर्गा मुर्गी में न्यू ईयर की पार्टी करना था. बहरहाल जिले में जुर्म की रफ्तार पहले की ही तरह तेज है. जहां सुरक्षा का अभाव माना जा रहा है. जहां अब ऐसी भी घटनाएं सामने आ रही जो जिलेवासियों को हैरान भी करने लगी है.
बताया जा रहा है कि ​31 दिसंबर की रात जब घड़ी की सुइयां 12 बजाने की तरफ़ बढ़ रही थीं. दर्री निवासी जागेश्वर देवांगन के पोल्ट्री फॉर्म में मौत जैसा सन्नाटा था. अचानक मुर्गों की फड़फड़ाहट ने सन्नाटे को चीर दिया. तीन नकाबपोश चोर कटर से जाली काटकर फॉर्म के अंदर घुस चुके थे.
​जागेश्वर ने जब उन्हें रोकना चाहा तो जश्न के नशे में धुत चोरों ने उन पर हमला कर दिया. बुजुर्ग किसान को बेदम पीटा गया और लहूलुहान हालत में छोड़कर चोर 20 कीमती देशी मुर्गे, अंडे, नगद राशि और इलेक्ट्रॉनिक कांटा लेकर रफूचक्कर हो गए.
​इस मामले ने छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पीड़ित का बेटा जब शिकायत लेकर कुरुद थाने पहुंचा. तो पुलिस की संवेदनशीलता की जगह 'सीमा विवाद' ने ले ली.
​कुरुद पुलिस का तर्क: "घटनास्थल हमारे दायरे में नहीं, भखारा थाने जाओ."
​हकीकत: पुलिस की इस 'इलाका-नापने' की प्रक्रिया में चोरों को भागने का सुरक्षित रास्ता मिल गया.
​ 35 हजार का नुकसान: किसान की साल भर की कमाई खाक
​जागेश्वर देवांगन के लिए ये महज मुर्गे नहीं थे. बल्कि उनके परिवार का पेट पालने का जरिया थे. चोरों ने करीब ₹35,000 की संपत्ति पर हाथ साफ साफ किया है.
​20 देशी मुर्गे: पार्टी के लिए विशेष निशाना
​इलेक्ट्रॉनिक कांटा: व्यापार का मुख्य औजार
नगद: कमरे में रखे ₹2,500 की मेहनत की कमाई
​मामले की गंभीरता को देखते हुए कुरुद थाना प्रभारी चंद्रकांत साहू ने बताया कि पुलिस को जैसे ही घटना की खबर मिली फौरन कार्रवाई शुरु कर दी गई थी. उन्होंने कहा कि ​"पीड़ित जागेश्वर देवांगन का आवेदन पहले ही लिया जा चुका है. उनका मुलाइजा(मेडिकल चेकअप) करवाया गया है और चोट की गंभीरता को देखते हुए एक्सरे सहित अन्य सभी जरुरी प्रोसीजर पूरे कर लिए गए हैं.
​थाना क्षेत्र को लेकर उठ रहे सवालों पर थाना प्रभारी ने कहा कि घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति के कारण यह जांचना जरुरी था कि क्षेत्र कुरुद में आता है या भखारा में.. मैंने टीम को यह चेक करने भेजा था कि क्षेत्र हमारे में आता है या भखारा में.. अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है. लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि पुलिस पीड़ित को गुमराह कर रही है. मामले में पहले ही काम शुरु कर दिया गया है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t