20 करोड़ का प्लॉट, 4 दोस्तों ने मिलकर अपने पक्के दोस्त को ही मौत के घाट उतारा...

Crime News : दिल्ली में 4 दोस्तों ने मिलकर अपने पक्के दोस्त को ही मौत के घाट उतार दिया. आरोपी 20 करोड़ रुपयों को लेकर उससे बदला लेना चाहते थे. आरोपियों ने पहले दोस्त को बुलाया और उसे खूब शराब पिलाई.

20 करोड़ का प्लॉट, 4 दोस्तों ने मिलकर अपने पक्के दोस्त को ही मौत के घाट उतारा...

Crime News : दिल्ली में 4 दोस्तों ने मिलकर अपने पक्के दोस्त को ही मौत के घाट उतार दिया. आरोपी 20 करोड़ रुपयों को लेकर उससे बदला लेना चाहते थे. आरोपियों ने पहले दोस्त को बुलाया और उसे खूब शराब पिलाई. इसके बाद नदी में फेंक कर उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने अब 4 महीने बाद इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया है.

गाजियाबाद. दिल्ली पुलिस ने फरवरी के महीने में हुई एक वकील की हत्या के मामले का पर्दाफाश कर दिया है. आरोपी दोस्तों ने ही वकील को खूब शराब पिलाई और उसे मौत के घाट उतार दिया. आरोपी भी मृतक के पहले पक्के दोस्त थे और साथ में खूब जाम छलकाया करते थे. लेकिन 20 करोड़ की हेरफेर ने दोस्ती के समीकरण बिगाड़ दिए.

पुलिस ने इस हत्या के मामले में 4 आरोपियों को हिरासत में लिया है. आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है. पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 50 साल का ‘राकेश वरसाणे’ पेशे से एक वकील था और इंदिरापुरम में रहता था. बीते कुछ साल पहले राकेश ने वकालत छोड़कर दिल्ली में प्रोपर्टी का काम शुरू किया था. बीते फरवरी महीने की 28 तारीख को राकेश के घरवालों ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी.

पुलिस की जांच में पर्त-दर-पर्त खुली हत्या की गुत्थी

पुलिस ने एफआईआर पर आगे की कार्रवाई करते हुए राकेश की गाड़ी डीएलएफ मॉल से बरामद की. पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी और खबर मिली की राकेश को कुछ दिनों पहले ही धमकी मिली थी. पुलिस ने इस नंबर की खोज शुरू कर दी. जल्द ही पुलिस को कृष्णा अग्रवाल उम्र 38 साल की जानकारी लगी. पुलिस ने कृष्णा से मामले की पूछताछ शुरू की. पूछताछ में कृष्णा ने हत्या की साजिश का खुलासा कर दिया. आरोपी कृष्णा ने बताया कि उसके साथ अनुज गर्ग, राजू उपाध्याय और हरीश गर्ग ने इस हत्या की साजिश की थी.

पहले शराब के लिए बुलाया और रचा षड़यंत्र

आरोपियों ने पहले राकेश को काकरडूमा बुलाया और उसे शराब पिलाई. शराब पिलाने के बाद आरोपियों ने हत्या की प्लानिंग की और उसे 6 एनिसथीसिया दे दिए. जिससे राकेश अचेतन्य अवस्था में कार में ही बैठा रहा. हरीश ने कार चलाई और राकेश को मुरादानगर ले गए. यहां एक नहर में राकेश को फेंक दिया. इसके बाद आरोपियों ने कार वापस लौटाई और डीएलएफ मॉल में खड़ी कर दी.

इसके कुछ दिनों बाद आरोपियों ने बाजार ने फर्जी सिम खरीदी और घरवालों को राकेश की किडनेपिंग की खबर कर दी. इसके बाद राकेश के परिजनों ने मामले की पुलिस में शिकायत की थी. अब पुलिस ने इस हत्या की गुत्थी को सुलझा दिया है. हालांकि अभी तक राकेश का शव बरामद नहीं हो पाया है. अब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा.(एजेंसी)