कारोबारी खेमराम केसरवानी ने घर को बनाया अवैध गोदाम!, छापेमारी में 50 लाख की दवाइयां जब्त, बेटे के मोबाइल से मिले सुराग, FDA की कार्रवाई

Businessman Khemram Kesarwani converted his house into an illegal warehouse; drugs worth 50 lakhs seized in a raid; clues found on his son's mobile phone; FDA action taken

कारोबारी खेमराम केसरवानी ने घर को बनाया अवैध गोदाम!, छापेमारी में 50 लाख की दवाइयां जब्त, बेटे के मोबाइल से मिले सुराग, FDA की कार्रवाई

सारंगढ़-बिलाईगढ़ : जिले में दवाओं के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीम ने सरस्वती मेडिकल स्टोर के संचालक खेमराम केसरवानी के घर पर छापा मारा. 50 लाख रुपए की एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाइयां बरामद की गईं. दवाएं नकली हैं कि नहीं जांच की जा रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक गोगांव के ट्रांसपोर्ट में मिली नकली दवा के मामले में सारंगढ़ तक पहुंची औषधि निरीक्षकों की टीम ने सरस्वती मेडिकल स्टोर्स के संचालक के घर छापेमारी कर करीब पचास लाख की दवाएं बरामद की हैं. कारोबारी ने घर को दवा का अवैध गोदाम बना रखा था. ज्यादातर दवा पेनकिलर, कफ सिरप, सर्दी-जुकाम की होने के साथ जेनेरिक है. दवा कारोबारी नकली दवा के मामले में संदेही भी है.
शनिवार को रायपुर के साथ रायगढ़ के खाद्य निरीक्षकों की टीम ने सारंगढ़ के दवा कारोबारी खेमराम केसरवानी के निवास में छापेमारी की. केसरवानी ने अपनी दवा दुकान के अलावा मकान के पिछले हिस्से में बनाए गए गोदाम में लाखों रुपये की दवा डंप कर रखी थी. दवा के मामले में उसके पास खरीदी संबंधित कोई दस्तावेज नहीं थे और ना ही उसे सुरक्षित तरीके से रखा गया था. जांच टीम ने इसे अवैध संग्रहण का मामला मानते हुए दवा कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की है. उसकी दवा दुकान से कुछ दिन पहले भारी तादाद में और दवा बरामद की गई थी. जिसका भी उसके पास कोई रिकार्ड नहीं है.
खेमराम गोगांव के ट्रांसपोर्ट में पकड़ी गई नकली दवा के मामले में भी संदिग्ध है. उसके मोबाइल पर ही संबंधित दवा की तस्वीर मिली थी. जिसे खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जब्त कर रखा है. सूत्रों के मुताबिक संदेही दवा कारोबारी के मेडिकल स्टोर्स और गोगांव के ट्रांसपोर्ट में मिले बिल के संस्थान का नाम एक ही है. इस आधार पर जांच टीम अपने इंवेस्टीगेशन के तहत वहां तक पहुंची है.
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक अग्रवाल के निर्देश पर रायपुर जिले के सहायक नियंत्रक संजय नेताम, टेकचंद धिरहे के साथ रायगढ़ के विजय राठौर और अंकित राठौर, सविता रानी साय की टीम ने छापा मारा था. नकली दवा के मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई है, जो जांच के लिए इंदौर जाने वाली है.
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