नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ गैंगरेप की मेडिकल रिपोर्ट में डॉ. ने लिखा- नो इंजरी, सीएमएचओ कार्यालय का घेराव, डॉक्टर की बर्खास्तगी की मांग

In the medical report of the gang rape of a minor tribal girl, the doctor wrote, "No injury." The Chief Medical Officer's office was surrounded, and the doctor was demanded to be dismissed.

नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ गैंगरेप की मेडिकल रिपोर्ट में डॉ. ने लिखा- नो इंजरी, सीएमएचओ कार्यालय का घेराव, डॉक्टर की बर्खास्तगी की मांग

सरगुजा : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला के सीतापुर थाना क्षेत्र में नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में गलत रिपोर्ट देने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय का घेराव किया. कांग्रेस नेताओं ने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा.
मिली जानकारी के मुताबिक 24 अप्रैल को हुई सामूहिक बलात्कार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैयार की गई प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं की गई थी. कांग्रेस का दावा है कि बाद में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुए परीक्षण में रेप की पुष्टि हुई. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि प्रारंभिक स्तर पर मामले को दबाने का प्रयास किया गया. पार्टी की तरफ से गठित जांच दल ने पीडि़त बच्चियों और उनके परिजनों से मुलाकात की थी.
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने भी पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी. लेकिन इस मामले में आज तक दोषी पुलिस अधिकारियों और डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. आरोप है कि इस मामले की जांच सीतापुर थाने के उसी पुलिस अधिकारी के द्वारा अब भी जारी है. जिसने शुरु में इस मामले को दबाने का प्रयास किया था.
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि मामले की जांच ऐसे अधिकारी से कराई जानी चाहिए जो प्रारंभिक जांच से जुड़ा न रहा हो. पार्टी का आरोप है कि अब तक संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है.
5 मई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपे गये ज्ञापन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बताया था कि सीतापुर थाने के पुलिस अधिकारी का यह आचरण पॉक्सो एक्ट की धारा 21 की उपधारा 1 के अन्तर्गत आपराधिक है. इस मामले में कांग्रेस ने थाना सीतापुर के बजाय अन्य सक्षम महिला पुलिस अधिकारी से मामले की जांच की मांग भी की थी. लेकिन दोषी पुलिस अधिकारी और चिकित्सक के विरुद्ध कोई कार्रवाई होता न देख कांग्रेस ने आज के घेराव का फैसला लिया.
इस घेराव और प्रदर्शन के लिये कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता कोठीघर से जिला चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय के घेराव के लिए रवाना हुए. इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने आरोप लगाते कहा कि सुशासन का कथित सिस्टम दु:शासन बन गया है और बलात्कारियों को संरक्षण दे रहा है. 24 अप्रैल की घटना के इतने दिन बीत जाने के बावाजूद दोषी पुलिस अधिकारियों और गलत रिपोर्ट देने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई न होना आश्चर्य की बात है.
पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि जिस प्रकार के थाना सीतापुर और उसके बाद मेडिकल करने वाले चिकित्सक ने मामले को दबाने का प्रयास किया. उससे आमजन में रोष है. बच्चियों के साथ सामूहिक अनाचार की इस घटना को दबाने का प्रयास करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जरुरत है .ताकि आमजन को यह महसूस हो कि प्रशासन उनके लिये काम करता है न कि अपराधियों को संरक्षण देता है। उन्होंने कहा कि दोषी प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस और भी बड़ा आन्दोलन करेगी.
सीएमएचओ के इस लिखित आश्वासन के बाद कि आगामी 3 दिनों में संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई  की जाएगी. कांग्रेस ने इस चेतावनी के साथ घेराव और प्रदर्शन वापस लिया है कि कार्रवाई नहीं होने पर फिर से आन्दोलन होगा.
इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जिला एवं ब्लॉक कार्यकारणी के पदाधिकारी एवं सदस्य, ब्लॉक अध्यक्ष, मोर्चा संगठन के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, बूथ और वार्ड कमेटी के पदाधिकारी एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे.
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