5 करोड़ की परियोजना में भ्रष्टाचार, निर्माण शुरु होते ही ढह गई 30 फीट की दीवार, किसानों में आक्रोश, कठोर कार्रवाई करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

Corruption in a 5 crore project, a 30-foot wall collapsed as soon as construction began, angering farmers, demanding strict action and threatening agitation.

5 करोड़ की परियोजना में भ्रष्टाचार, निर्माण शुरु होते ही ढह गई 30 फीट की दीवार, किसानों में आक्रोश, कठोर कार्रवाई करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

बलरामपुर : रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम भाला में साल भर बहने वाली गिरवानी नदी पर गिरवानी व्यापवर्तन योजना के तहत कंक्रीट नहर का निर्माण जल संसाधन विभाग द्वारा कराया जा रहा है. इस परियोजना पर करीब 5 करोड़ रुपए की लागत निर्धारित की गई है. योजना का मकसद ग्राम भाला और विजयनगर के सैकड़ों किसानों को सिंचाई की समस्या से राहत दिलाते हुए खेती को सुचारु बनाना है.
लंबे समय से प्रतीक्षित यह योजना किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही थी. लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता ने अब गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों के मुताबिक नहर का निर्माण शुरु हुए ज्यादा समय नहीं हुआ था कि करीब 30 फीट लंबा हिस्सा अचानक ढह गया. जिससे परियोजना की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और काम में कई अनियमितताएँ बरती गईं. भारी भरकम बजट वाली इस परियोजना में भ्रष्टाचार की बू आने लगी है. क्योंकि निर्माण के प्रारंभिक चरण में ही नहर का ढह जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है. ग्रामीण किसानों का कहना है कि अगर निर्माण इसी तरह निम्न गुणवत्ता का रहा तो बारिश और नहर में पानी छोड़े जाने पर पूरी संरचना खतरे में पड़ सकती है.
इससे न सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी होगी. बल्कि उन सैकड़ों किसानों को भी बड़ा नुकसान होगा. जो इस योजना पर अपनी खेती के भविष्य के लिए निर्भर हैं. ग्राम भाला और विजयनगर के किसानों ने विभागीय अधिकारियों से निर्माण स्थल की तत्काल जांच कराने और जिम्मेदार ठेकेदारों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है.
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दिया कि अगर विभाग ने समय रहते कार्रवाई नहीं की. तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. फिलहाल नहर के ढहने की घटना से पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज है और परियोजना की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं. इस संबंध में जल संसाधन विभाग के एसडीओ जी आर गेंडरे ने कहा कि मौके पर गया था. अभी निर्माणधीन कार्य है. ठेकेदार को सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं. यह सुनिश्चित किया जाएगा की कार्य गुणवत्ता पूर्ण हो.
एसडीएम आनंद नेताम ने कहा कि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से इसकी जानकारी ली जाएगी. गुणवत्तापूर्ण कार्य कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा.
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