कवासी लखमा के साथ पुत्र हरीश से ईडी की पूछताछ जारी, डहरिया ने BJP सरकार पर साधा निशाना, बघेल- लोगों को बदनाम करने का काम कर रही एजेंसी
ED's questioning of Kawasi Lakhma and his son Kawasi Harish continues, Dahria targets BJP, Baghel- Agency is working to defame people
रायपुर : कवासी लखमा के ठिकानों पर मारे गए छापे के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने खुलासा कर बताया कि लखमा द्वारा किए गए नगदी लेन-देन के सबूत हासिल हुए हैं.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इसके साथ सोशल मीडिया एक्स पर किए अपने पोस्ट में बताया कि कवासी लखमा के ठिकानों पर की गई तलाशी अभियान में पीओसी के उपयोग से संबंधित सबूत जुटाने के साथ कई डिजिटल डिवाइस बरामद और जब्त की गई. जिनके आपत्तिजनक रिकॉर्ड है.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले में पैसों के लेन-देन को लेकर रायपुर, धमतरी और सुकमा जिलों में स्थित सात परिसरों में तलाशी अभियान चलाया गया था. तलाशी अभियान पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के आवासीय परिसर में चलाया गया था. जो कथित तौर पर आबकारी मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान नकदी में अपराध की आय (पीओसी) के मुख्य प्राप्तकर्ता थे. उनके बेटे हरीश लखमा और उनके करीबी सहयोगियों के आवासीय परिसरों पर भी तलाशी ली गई.
ईडी ने बताया कि तलाशी अभियान के परिणामस्वरूप, ईडी घोटाले की प्रासंगिक अवधि के दौरान कवासी लखमा द्वारा नकदी में पीओसी के उपयोग से संबंधित सबूत इकट्ठा करने में सक्षम हो गया है. इसके अलावा, तलाशी में कई डिजिटल उपकरणों की बरामदगी और जब्ती भी हुई, जिनके बारे में माना जाता है कि उनमें आपत्तिजनक रिकॉर्ड मौजूद थे.
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छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ईडी की कार्रवाई को लेकर सियासत गरमाई हुई है. विधायक देवेंद्र यादव के बाद कवासी लखमा की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है. छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में आबकारी मंत्री रहे कवासी लखमा के साथ उनके बेटे कवासी हरीश और तत्कालीन ओएसडी जयंत देवांगन से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पूछताछ शुरु कर दी है. कवासी लखमा के साथ उनके पुत्र कवासी हरीश और तत्कालीन ओएसडी देवांगन को ईडी ने पूछताछ के लिए तलब किया था.जिसमें ईडी ने नकद लेन-देन के सबूत मिलने की जानकारी दी थी, जिसके साथ ही संपत्ति की जानकारी देने आज तक का समय दिया था.
ईडी दफ्तर के लिए रवाना होने से पहले कवासी लखमा ने गिरफ्तार किए जाने के सवाल पर कहा था कि जो भी कानून का फैसला होगा मंजूर है. कानून से बाहर नहीं जाऊंगा. इसके साथ ही उन्होंने सरकार जानबूझकर फंसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक मेरी सांस रहेगी बस्तर का आवाज़ उठाऊंगा.
कवासी ने कहा कि विधानसभा में मैंने बस्तर का आवाज़ उठाई, इस वजह से इस तरह की कार्रवाई हो रही है. लगातार चुनाव जीत रहा हूं. बीजेपी न तो जिला पंचायत जीत पाई, और न ही नगर पंचायत. इसी वजह से मुझे दबाया जा रहा है. वहीं कवासी हरीश ने कहा कि मेरे पास से कुछ नहीं मिला. सभी को पता है छापा क्यों पड़ा. मैं बाद में अपनी बात कहूंगा.
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पूर्व मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ अहम सबूत मिलने वाले ED की ट्वीट पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एजेंसियाें पर देश में लोगों को प्रताड़ित और बदनाम करने का आरोप लगाया है. बघेल ने कहा ये सिर्फ लोगों को बदनाम करते हैं. पूरे देश में ये एजेंसी यही काम कर रही. अभी तक चालान ही पेश नहीं कर पाए. चालान पेश कर बताएं कि क्या सबूत मिला है.
छत्तीसगढ़ के नगर निगमों में प्रशासक की नियुक्ति को लेकर भूपेश बघेल ने कहा बहुमत के बल पर चुनाव को आगे बढ़ाने विधानसभा में संशोधन विधेयक लाकर पारित किया. अभी निगमों में प्रशासक बैठे हैं. एक महीने बाद पंचायतों का कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा. वहां भी प्रशासक बैठेंगे. एक देश एक चुनाव की बात करते हैं. स्थानीय चुनाव नहीं करा पा रहे हैं. चुनाव से सरकार डर रही है. बघेल ने कहा कि चुनाव को आगे बढ़ाने का असंवैधानिक कृत्य भाजपा सरकार ने किया है. इससे साफ है कि ये लोग संविधान को नहीं मानते हैं.
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ED की कार्रवाई पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि ED चाहती तो कार्रवाई पहले भी कर सकती है. लेकिन चुनाव से ठीक पहले बस्तर के मजबूत कड़ी को तोड़ने की कोशिश है. लखमा जैसे ईमानदार आदमी कही नहीं मिलेंगे. आदिवासी आदमी है. वो निर्दोष साबित होंगे.
डहरिया ने कहा कि विधानसभा में लखमा अच्छा बोलते हैं. प्रदेश के आदिवासी और गरीब तबके की आवाज उठाते हैं. कांग्रेस के नेताओं को टारगेट किया जा रहा है. ये कांग्रेस पार्टी को तोड़ने की साजिश है. गिरफ्तारी के बाद पार्टी की रणनीति पर डहरिया ने कहा कि बिना जांच के कोई एजेंसी किसी को दोषी नहीं बता सकती. अगर ऐसा होता है तो पार्टी के वरिष्ठ नेता तय करेंगे आगे क्या करना है.
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