PM मोदी के मर्डर की साजिश का खुलासा, डार्क वेब का इस्तेमाल, CIA से को ई-मेल भेजकर मांगा फंड, 22 दिन की मांगी मोहलत, अमन तिवारी समेत 3 गिरफ्तार

Plot to murder PM Modi exposed, use of dark web, funds sought through email to CIA, 22 days' time sought, 3 arrested including Aman Tiwari

PM मोदी के मर्डर की साजिश का खुलासा, डार्क वेब का इस्तेमाल, CIA से को ई-मेल भेजकर मांगा फंड, 22 दिन की मांगी मोहलत, अमन तिवारी समेत 3 गिरफ्तार

बक्सर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या का साजिश रचने वाला के युवक बिहार के बक्सर जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर सिमरी थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए हत्या की साजिश करने वाले बक्सर के पुजारी के बेटे 22 साल के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी कथित तौर पर अमेरिकी खुफिया विभाग एजेंसी CIA (Central Intelligence Agency) संपर्क कर उनसे यह घटना का अंजाम देने के लिए बड़ी रकम की मांग की थी.
मिली जानकारी के मुताबिक बक्सर के एसपी शुभम आर्य ने बताया कि पुलिस को खबर मिली कि एक युवक प्रधानमंत्री के खिलाफ खतरनाक साजिश रच रहा है. जिसके बाद बक्सर जिले के डुमरांव उपखंड के सिमरी थाना क्षेत्र के ग्राम आशा पड़री निवासी पुजारी के बेटे अमन तिवारी उम्र 22 साल के घर पर छापेमारी की गई. और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.
विदेशी एजेंसी CIA को भेजा था प्रस्ताव
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी अमन तिवारी अमेरिका खुफिया एजेंसी CIA को मैसेज देख भेज कर प्रधानमंत्री की हत्या की जिक्र करते हुए उसके बदले भारी-भरकम राशि की मांग की थी. और उसने इस काम को अंजाम देने के लिए 22 दोनों का समय भी मांगा था.
नेटवर्क का पर्दाफाश: दो अन्य साथी भी गिरफ्तार
पुलिस ने मुख्य आरोपी अमन तिवारी के साथ-साथ उसके दो साथी को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस तीनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है. उसके घर की तलाशी ली गई. जहां से कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए. पुलिस ने आरोपियों के एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, दो पेन ड्राइव, विभिन्न बैंकों के नौ डेबिट कार्ड और एक फर्जी पहचान पत्र जब्त कर लिए हैं. उसके कमरे को सील कर दिया गया है. तकनीकी जांच में आरोपित के मोबाइल में कई वीपीएन और क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित ऐप्स मिले हैं. साथ ही लैपटाप में टार ब्राउजर भी इंस्टाल पाया गया.
 फर्जी पहचान पत्र का उपयोग साइबर अपराध से संबंधित गतिविधियों में किया जा रहा था. जिस पर क्राइम कंट्रोल एंड रिफार्म आर्गेनाइजेशन संस्था का नाम लिखा है. पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपित ने उक्त घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है.
उनके संपर्कों की भी गहन जांच की जा रही है. साइबर सेल की मदद से अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है. अमन इंटरनेट पर काफी सक्रिय रहता था. लेकिन उसने अधिक पैसे कमाने की लालच में यह साजिश रची.
पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. उसके खिलाफ साइबर थाना अंतर्गत केस दर्ज कर अनुसंधान की प्रक्रिया जारी है. उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 351-2, 353, 197-2, 61, 336-3 और 338 के अलावा आइटी एक्ट की धारा 66सी और 66डी लगाई गई है.
मुख्य आरोपी अमन तिवारी का अपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अमन तिवारी का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है. उस पर पहले वर्ष 2022 में भी कोलकाता एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी देने का भी आरोप लग चुका है. जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था. उस समय वह नाबालिग था. इसलिए उसे कानूनी राहत मिली थी. जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं.
उसकी गिरफ्तारी के लिए बनी विशेष टीम में पुलिस उपाध्यक्ष अविनाश कुमार कश्यप के साथ अंचलोऔ निरीक्षक ओम प्रकाश कुमार, संजय कुमार सिंह, ज्योति कुमारी, श्रीकांत कुमार, शुभम राज, अनुपम कुमारी, अमीषा कुमारी एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे.
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