540 से ज्यादा पेड़ों की कटाई, बिना परमिशन बनी सड़क, लौह परिवहन के लिए कंपनी ने किया बड़ा खेल!, तीन वन रक्षक-दो क्षेत्रीय सहायकों का ट्रांसफर
Felling of over 540 trees, road constructed without permission, company's major maneuver to transport iron ore; three forest guards and two range assistants transferred.
कांकेर : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बिना अनुमति 500 पेड़ काटने का आरोप लगा है। रावघाट खदान से लौह अयस्क के परिवहन के लिए वन विभाग की पूर्व अनुमति के बिना एक कच्ची सड़क बनाने के उद्देश्य से 500 से ज्यादा पेड़ काट दिए गए. खदान का आवंटन पाने वाली कंपनी ने इस आरोप से इंकार किया है.
बीएसपी को मिला आवंटन
रावघाट खदान का आवंटन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी 'स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड' (सेल) की इकाई 'भिलाई इस्पात संयंत्र' (बीएसपी) को किया गया है. संयंत्र ने पेड़ काटे जाने की पुष्टि की है. लेकिन किसी भी तरह के उल्लंघन से इंकार करते हुए कहा कि सड़क का निर्माण उसी क्षेत्र में किया गया है जिसके लिए पहले ही वैधानिक वन मंजूरी मिल चुकी थी.
पीओआर दर्ज किया गया
बीएसपी अधिकारियों के मुताब्बिक सड़क का निर्माण मार्च-अप्रैल में किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि पेड़ काटने का कथित अवैध मामला सामने आने के बाद तीन वन रक्षकों और दो क्षेत्रीय सहायकों को उस क्षेत्र से हटा दिया गया है. पूर्वी भानुप्रतापपुर के उप वन संरक्षक (क्षेत्रीय) ऋषभ जैन ने बताया कि वन विभाग के कर्मियों ने 18 जून को सरगीपाली गांव के पास इस स्थल का निरीक्षण किया और वहां सड़क बनी हुई पाई. जिसके बाद एक प्रारंभिक अपराध रिपोर्ट (पीओआर) दर्ज की गई.
808 हेक्टेयर वन भूमि को मंजूरी
वन विभाग के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रावघाट लौह अयस्क खदान परियोजना के लिए पहले करीब 880 हेक्टेयर वन भूमि को मंजूरी दी गई थी. हालांकि यह नई सड़क उस मंजूरशुदा इलाके से बाहर, आरक्षित वन के अंदर बनाई गई है. अधिकारी के मुताबिक खदान से रेलवे माल ढुलाई केंद्र तक ट्रकों के जरिये लौह अयस्क भेजने के लिए करीब 1.34 किलोमीटर लंबी और 10 मीटर चौड़ी यह कच्ची सड़क बनाई गई थी.
बिना अनुमति बना दी कांकेर में सड़क
रावघाट में लौह अयस्क के परिवहन का मामला
आरोप बिना अनुमति के काट दिए 500 पेड़
कंपनी ने किया पेड़ काटने से इंकार
मंजूरी के बिना सड़क तैयार
अधिकारी के मुताबिक पांच सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आया है कि इस सड़क के निर्माण के लिए कोई कानूनी मंजूरी नहीं ली गई थी. शुरुआती जांच के मुताबिक, सड़क बनाने के लिए करीब 540 पेड़ काटे गए हैं. और पूरी जांच के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सड़क का रास्ता बनाने के लिए पहाड़ी के कुछ हिस्सों को भी काटा गया है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t



