टिकट न मिलने से BJP के पूर्व पार्षद का झलका दर्द, शैव्या ने पार्टी पर लगाया परिवारवाद और गुटबाजी का आरोप, कहा -हमारी मेहनत क्या कम थी?

Former BJP councillor expressed his pain after not getting the ticket, Shaivya accused the party of nepotism and factionalism, said - was our hard work not enough?

टिकट न मिलने से BJP के पूर्व पार्षद का झलका दर्द, शैव्या ने पार्टी पर लगाया परिवारवाद और गुटबाजी का आरोप, कहा -हमारी मेहनत क्या कम थी?

खैरागढ़/छुईंखदान : नगरीय निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशियों के ऐलान के बाद कार्यकर्ताओं में नाराजगी लगातार खुलकर सामने आ रही है. खैरागढ़ जिले के छुईंखदान नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा की सियासी गलियों में भूचाल आ गया है.
वार्ड नंबर एक की पूर्व पार्षद और जिला महिला मोर्चा मंत्री शैव्या वैष्णव ने टिकट न मिलने से आहत होकर सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी किया है. वीडियो में शैव्या रोते हुए न सिर्फ पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया. बल्कि राजनीति में महिलाओं के संघर्ष और उनके साथ होने वाले अन्याय पर भी खुलकर अपनी बात रखी.
बताया जा रहा कि शैव्या वैष्णव को अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं. लेकिन पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह के करीबी प्रदेश संगठन चुनाव प्रभारी खूबचंद पारख की बेटी शीतल जैन को उम्मीदवार बनाया है.
अपने वीडियो में शैव्या ने कहा, “मैं शैव्या वैष्णव, पूर्व पार्षद यह वीडियो उन सभी महिलाओं के लिए बना रही हूं. जो राजनीति में हैं. महिलाओं के लिए राजनीति करना आसान नहीं है. परिवार और बच्चों को छोड़कर मैदान में मेहनत करनी पड़ती है. मैंने भी दिन-रात मेहनत की थी. लेकिन नतीजा क्या मिला? उन महिलाओं को टिकट दिया गया. जिनके पीछे बड़े नेताओं और परिवार का हाथ है. हमारी मेहनत क्या कम थी? आरक्षण इसलिए आया था कि महिलाएं आगे बढ़ सकें. लेकिन यहां आरक्षण भी परिवारवाद का भेंट चढ़ गया.
शैव्या ने पार्टी पर सीधे-सीधे परिवारवाद और गुटबाजी का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि महिलाओं के संघर्ष और योगदान को नजरअंदाज कर दिया गया. उनका यह बयान न सिर्फ छुईंखदान ही नहीं बल्कि पूरे राजनीतिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है.
शैव्या का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सियासी हलकों में खलबली मच गई. लोगों ने भी इस वीडियो को शेयर कर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाया है. वीडियो पर कई स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी कमेंट कर शैव्या के प्रति सहानुभूति जताई है. कुछ ने पार्टी नेतृत्व के फैसले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह भाजपा की “महिला सशक्तिकरण” के दावे को कमजोर करता है.

कांग्रेस ने कहा – भाजपा में परिवारवाद और गुटबाजी हावी

शैव्या के वीडियो पर विपक्षी दलों ने भाजपा पर हमला बोला है. कांग्रेस नेताओं ने कहा, “भाजपा में परिवारवाद और गुटबाजी हावी है. महिलाओं को सिर्फ दिखावे के लिए आगे बढ़ाने की बातें होती हैं. असल में उनके साथ अन्याय होता है.” BJP नेतृत्व इस पूरे मामले पर अब तक चुप्पी साधे हुए हैं.
लेकिन जानकारों का मानना है कि यह विवाद चुनाव में पार्टी को भारी पड़ सकता है. शैव्या का यह बयान और वायरल वीडियो छुईंखदान में BJP के चुनावी समीकरण बिगाड़ सकता है. पार्टी के सामने अब शैव्या को मनाने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.

टिकट वितरण के बाद कई जिलों के भाजपाइयों में असंतोष

भाजपा में टिकट वितरण के बाद लगातार असंतोष देखने को मिल रहा है. सक्ती नगर पालिका से चिराग अग्रवाल को टिकट मिलते ही वरिष्ठ भाजपा नेता संजय रामचंद्र ने इस्तीफा दे दिया है. उनका आरोप है कि टिकट वितरण में लेन-देन और वरिष्ठ नेताओं की साजिशें शामिल हैं. इसी तरह रतनपुर नगर पालिका में टिकट काटे जाने पर भाजपा नेता कन्हैया यादव ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. वहीं सुकमा में वर्तमान पार्षदों समेत 19 लोगों ने बीजेपी से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है.
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