फिंगेश्वर ब्लॉक के सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर कलेक्टर कार्यालय का किया घेराव, आवास 2.0 पात्रता सूची में नाम जोड़ने सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग
Hundreds of villagers from Fingeshwar block staged a protest and surrounded the Collector's office; they submitted a memorandum demanding the inclusion of their names in the Awas 2.0 eligibility list and called for an inquiry.
गरियाबंद : आवास योजना 0.2 सर्वे सूची में नाम नही आने से नाराज जिले के फिंगेश्वर और छुरा ब्लॉक के ग्रामीणों ने जोहर पार्टी के समर्थन में कलेक्ट्रेक्ट पहुंच कर विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा.
मिली जानकारी के मुताबिक फिंगेश्वर एवं छुरा ब्लॉक के ग्राम टेका, किरवई, कोमा, परसदाकला, पण्डारीतरई, बोरसी, कौन्दकेरा, सुरसाबाँधा, भेंडरी, बोडकी, जामगांव, धुरसा, पौंड, पांडुका के सैकड़ो ग्रामीणों ने आवास सर्वे सूची में पात्रता के बावजूद नाम नही आने से नाराजगी जताई.
इससे पहले ग्रामीणों 26 जून को जनपद कार्यालय फिंगेश्वर भी विरोध प्रदर्शन किया था. ग्रामीणों का कहना है कि वहां कोई सुनवाई नहीं होने की वजह से आज उन्हें जिला मुख्यालय आना पड़ा.
ग्रामीण लिकेश साहू का कहना है कि पात्रता के बावजूद बहुत से ग्रामीणों का सर्वे सूची में नही है. जबकि अनेकों अपात्र हितग्राहियों का नाम सूची में शामिल है. जो कहीं ना कही सांठगांठ और मिलीभगत को इशारा करता है.
आरोप है कि पूरे जिले में ऐसे कई सरपंच और पंचों के नाम पात्रता सूची में शामिल कर लिये गये है. जो अपात्र है. जबकि जरूरतमंद गरीबों को आवास योजना का लाभ नही मिल पा रहा है.
किरवई के लिकेश साहू साफ कहते हैं कि बहुत से ऐसे लोगों को भी पात्रता श्रेणी में रखा जा रहा है, जिन्हें पूर्व में भी आवास योजना का लाभ मिल चुका है. कुछ कुंवारों का नाम भी पात्र हितग्राहियों की सूची में शामिल किया गया है. कहीं-कहीं कई एकड़ खेत के मालिक और शासकीय सेवारत परिवारों को भी आवास योजना की पात्रता सूची में शामिल कर लिया गया है. आलम ये है कि अनेकों पंचायतों में ग्राम सभा के दौरान बड़ी चालाकी से ऐसे अपात्र नामों पर अनापत्ति भी दर्ज कर ली गई है.
ग्रामीणों की मांग है कि इस तरह के मिलीभगत के खेल से पात्र हितग्राहियों को शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ नही मिल पाएगा. जिसकी पारदर्शी जांच जरुरी है. ग्रामीणों के इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी तादाद में महिलाएं भी शामिल रही.
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में प्रशासन से आग्रह किया गया कि इस मामले में जल्द कार्रवाई कर गरीब परिवारों को राहत प्रदान की जाए. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की. साथ ही चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने को मजबूर होंगे.
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