आंदोलन के लिए मजबूर IOCL, HPCL, BPCL के एलपीजी वितरक, सेवा शुल्क बढ़ाने की मांग, काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

LPG distributors of IOCL, HPCL, BPCL are forced to protest, demanding an increase in service charges, wearing black bands and submitting a memorandum to the Collector.

आंदोलन के लिए मजबूर IOCL, HPCL, BPCL के एलपीजी वितरक, सेवा शुल्क बढ़ाने की मांग, काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

रायपुर : भारत सरकार की सार्वजनिक तेल कंपनी, IOCL, HPCL एवं BPCL के एलपीजी वितरक अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन पर हैं चरणबद्ध आंदोलन के पहले दिन छत्तीसगढ़ एलपीजी वितरक संघ ने अपने-अपने जिलों में सचिव पेट्रोलियम मंत्रालय के नाम कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपा. रायपुर में भी संघ के सदस्यों ने ज्ञापन सौंपा ज्ञापन में एलपीजी वितरक के सेवा शुल्क और होम डिलीवरी प्रभार में वृद्धि की एक सूत्री मांग की गई है.
एलपीजी डिस्टीब्यूटर एसोसिएशन के सदस्य राजेश भेड़िया ने बताया गया कि भारत सरकार की तीनों सार्वजनिक तेल कंपनियों के एलपीजी वितरक अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर 24 अक्टूबर से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करे रहे हैं. आंदोलन के प्रथम चरण में सभी वितरक व उनके कर्मचारीयों ने काली पट्टी बांधकर काम किया और जिला कलेक्टर को सचिव पेट्रोलियम मंत्रालय के नाम ज्ञापन सौंपा.
आंदोलन का दुसरे चरण में 29 अक्टूबर 2025: शाम 7 बजे सभी वितरक अपने जिला मुख्यालय पर मसाल / मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.
आंदोलन के तृतीय चरण में 6 नवंबर 2025 गुरुवार नो मनी नो इंडेंटः न पैसा जमा करेंगे न इंडेंट करेंगे. आख़री चरण में अगर एलपीजी वितरक के सेवा शुल्क और होम डिलीवरी प्रभार में वृद्धि नहीं की गई तो एलपीजी वितरक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा करेंगे.
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के स्थानीय पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि भारत गणतंत्र के सभी वितरक अपनी मांगों को लेकर क्रमबद्ध तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं. क्योंकि भारत सरकार द्वारा महंगाई के अनुपात में उनके द्वारा की जा रही होम डिलीवरी एवं प्रशासकीय शुल्क में लंबे समय से वृद्धि नहीं की गई है. जिससे वितरक अपनी बेहतर सेवा देने में कठिनाइयों का सामना कर रहा है. एसोसिएशन ने भारत सरकार से अनुरोध किया कि उनकी मांगों को फौरन स्वीकार करने का कष्ट करें वरना अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने के अलावा उनके पास और कोई विकल्प नहीं है.
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