महादेव सट्टा ऐप केस: Ebix Official के चेयरमैन विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार, ED ट्रांजिट रिमांड पर ला रही रायपुर, सट्टे की कमाई से खरीदी अमेरिकी कंपनी

Mahadev Betting App Case: Ebix official Chairman Vikas Garg arrested in Delhi; ED bringing him to Raipur on transit remand; US company purchased using betting proceeds.

महादेव सट्टा ऐप केस: Ebix Official के चेयरमैन विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार, ED ट्रांजिट रिमांड पर ला रही रायपुर, सट्टे की कमाई से खरीदी अमेरिकी कंपनी

रायपुर : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एबिक्स ऑफिशियल (Ebix Official) के चेयरमैन विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है. ED ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर ला रही है.
करोड़ों की संपत्ति कुर्क
हाल ही में ED के रायपुर जोनल कार्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए विकास गर्ग, उनके रिश्तेदारों और करीबियों की ₹940.77 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अटैच की थी. इसमें दिल्ली का आलीशान आवासीय भवन, गोवा और नैनीताल के दफ्तर, व्यावसायिक जमीनों के भूखंड और वित्तीय परिसंपत्तियां शामिल हैं.
सट्टे की कमाई से खरीदी अमेरिकी कंपनी
विकास गर्ग पर आरोप है कि उन्होंने महादेव ऐप और स्काई एक्सचेंज के जरिए कमाए गए काले धन को सफेद (व्हाइट) करने के लिए शेयर बाजार का सहारा लिया. उन्होंने अगस्त 2024 में ₹940 करोड़ का काला धन विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के जरिए ‘एराया लाइफस्पेसेज’ के क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) में लगाया और इसके जरिए अमेरिका की दिवालिया हो चुकी बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी ‘एबिक्स’ को खरीद लिया. ED ने एबिक्स में खरीदी गई उनकी 75% से ज्यादा की हिस्सेदारी को भी कुर्क कर लिया है.
अब तक ₹3,800 करोड़ की संपत्ति अटैच
इस मामले में ED पहले भी सात प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर करीब ₹2,825 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी थी. नई कार्रवाई के बाद अब तक इस पूरे घोटाले में कुल ₹3,800 करोड़ की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं.
महीने में 450 करोड़ रुपये की अवैध कमाई
ED की जांच के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सचेंज का पूरा नेटवर्क विदेशों से एक फ्रेंचाइजी आधारित पैनल सिस्टम के जरिए चलाया जा रहा था. देश भर में फैले एजेंटों और सब-एजेंटों के इस नेटवर्क के जरिए लाखों लोगों को सट्टेबाजी से जोड़ा गया था. जिससे यह गिरोह हर महीने ₹450 करोड़ से अधिक की काली कमाई कर रहा था.
कई राज्यों में दर्ज हैं मामले
इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच सबसे पहले छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू हुई थी. बाद में छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में दर्ज मामलों को भी ED ने अपनी जांच में शामिल किया है.
विकास गर्ग शेयर बाजार में लिस्टेड तीन बड़ी कंपनियों विकास ईकोटेक, विकास लाइफकेयर और एराया लाइफस्पेसेज के प्रमोटर हैं. और फिलहाल विशेष PMLA अदालत में इन मामलों की सुनवाई चल रही है.
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