राजिम कुंभ मेला पहुंचने मुफ्त बस सेवा का मिल रहा लाभ, श्रद्धालुओं के ठहरने लिए सर्वसुविधा युक्त स्विस कॉटेज, प्रयागराज की तर्ज पर बनाया गया टेंट सिटी

Rajim is getting the benefit of free bus service to reach Kumbh Mela, Swiss cottage with all facilities for the stay of devotees, tent city built on the lines of Prayagraj.

राजिम कुंभ मेला पहुंचने मुफ्त बस सेवा का मिल रहा लाभ, श्रद्धालुओं के ठहरने लिए सर्वसुविधा युक्त स्विस कॉटेज, प्रयागराज की तर्ज पर बनाया गया टेंट सिटी

राजिम कुंभ में हो रही महानदी की महाआरती शामिल हो रहे हजारों श्रद्धालु

राजिम कुंभ कल्प मेला के नदी क्षेत्र पुराने मेला मैदान में प्रतिदिन साध्वी प्रज्ञा भारती के सानिध्य में महानदी की महाआरती की जा रही है। आचार्य-पुरोहित द्वारा मां गंगा का आह्वान कर पूरी श्रद्धा के साथ वैदिक रीति से आरती उतारी जाती है। आचार्य तट पर बने 11 मंचों से बैठकर-खड़े होकर फिर चारों दिशाओं में घूमकर मां गंगा के स्वरूप की आरती की जाती है। आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु शाम से ही अपना स्थान सुरक्षित कर लेते हैं। महाआरती में 11 पंड़ितों द्वारा लयबद्ध तरीके से क्रमवार मां गंगा की आराधना करते हुए आरती करते हैं। तत्पश्चात शिव स्त्रोत और शिव तांडव का सस्वर पाठ पूरे वातावरण में ऊर्जा का संचार करते हुए धर्म, आस्था और श्रद्धा की खुशबू से क्षेत्र का कण-कण आतुर हो राममय हो जाता है।
महाआरती में प्रतिदिन साधु-संतों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि और मेला में पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इंदौर से पधारे धार्मिक प्रभाग के जोनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमार नारायण भाई ने महाआरती में शामिल होने के बाद कहा कि आज प्रकृति के पांच तत्व प्रदूषित हो गए है। उन्हें राजयोग के माध्यम से पुनः पवित्र सत्तो प्रधान बनाने का पावन कर्तव्य करना है। प्रकृति के ही हम स्वामी हैं। मालिक का फर्ज होता है अपने साथियों की सेवा करना। आज जल प्रदूषण से ज्यादा मन प्रदूषित हो गया है। इसे ही सारे तत्व प्रदूषित हो गए हैं। उन्होंने बताया कि राजयोग मेडिटेशन में इतनी शक्ति है कि संपूर्ण प्रकृति को सतो प्रधान बना सकते हैं इसलिए परमात्मा को सर्वशक्तिमान कहा जाता है

राजिम कुंभ मेला पहुंचने निशुल्क बस सेवा का लाभ ले रहे लोग

12 फरवरी माघ पूर्णिमा से राजिम कुंभ कल्प मेला का शुभारंभ हो गया है। राजिम मेला में पहुंचने वाले लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसे लेकर प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था रखी है। राजिम बस स्टैंड से मेला मैदान पहुंचने के लिए निशुल्क बस चलाया जा रहा है। इस बस सेवा का लाभ लेते हुए प्रतिदिन सैकड़ों लोग मेला मैदान पहुंच रहे हैं। साथ ही बस से ही वापिस लौट रहे हैं। बता दें कि इस बार राजिम कुंभ कल्प नवीन मेला मैदान में आयोजित किया जा रहा है, जहां मुख्य मंच में सांस्कृतिक कार्यक्रम, विभागीय स्टाल, फूड जोन, पंचकोशी धाम पर आधारित झांकी, मीना बाजार, मधेश्वर पहाड़ की झांकी आदि की भव्य प्रदर्शनी लगाई गई है। वहीं पुराने मेला मैदान में संत समागम, महानदी आरती, टेंट सिटी, मनोरंजन झांकी और विभागीय स्टॉल आदि देखने को मिलेगा। परिवहन विभाग के रविंद्र ठाकुर ने बताया कि राजिम बस स्टैण्ड में परिवहन विभाग द्वारा कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां किसी प्रकार की समस्या होने पर समाधान दिया जाएगा। श्री ठाकुर ने बताया कि राजिम बस स्टैंड से नवीन मेला मैदान पहुंचाने के लिए 2 बस की श्रद्धालुओं की सेवा में उपलब्ध रहेगी।

जिम मेला में  श्रद्धालुओं के ठहरने लिए सर्वसुविधा युक्त स्विस कॉटेज
प्रयागराज की तर्ज पर बनाया गया टेंट सिटी

12 फरवरी से प्रारंभ हुए राजिम कुंभ कल्प मेला में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। इस बार मेला के स्वरूप में काफी बदलाव किया गया है। राजिम चौबेबांधा के 54 एकड़ क्षेत्र में इस बार मेले का संचालन किया जा रहा है। वहीं पुराने मेला मैदान संगम क्षेत्र में महानदी आरती तथा संत समागम का आयोजन किया जा रहा है। राजिम कुंभ में इस बार नया प्रयोग करते हुए प्रयागराज महाकुंभ की तर्ज पर त्रिवेणी संगम में टेंट सिटी बनाई गई है। जिसमें मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की उत्तम व्यवस्था के रूप में राजस्थानी पैटर्न में स्विस कॉटेज बनाया गया है। इस कॉटेज में लोगों को होटल जैसी सुविधा मिलेगी।
स्विस कॉटेज में मिलेगी ये सुविधाएं - पुराने मेला मैदान त्रिवेणी संगम में लगभग 30 हजार (150 बाई 200) वर्ग फुट में सर्वसुविधा युक्त 10 स्विस कॉटेज बनाए गए है। प्रति कॉटेज का साइज 1125 (25 बाई 45) वर्गफीट में मौसम अनुकूल बनाया गया है। कॉटेज में दो सिंगल बेड, अटैच लेट बॉथ, 24 घंटे पानी की सुविधा, कूलर उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा एक एसी कॉटेज भी उपलब्ध है। इसके अलावा एक बड़ा कम्पाउंड एरिया बनाया गया है, जहां सोफा आदि की सुविधा दी गई है जहां आराम करते हुए मेले का लुत्फ उठाया जा सकता है।
कैसे करें बुकिंग - स्विस कॉटेज केयर टेकर अफजल ने बताया कि प्रतिदिन का किराया दो हजार रुपए प्रत्येक स्विस कॉटेज के लिए निर्धारित है। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। यहां आकर लोगों को रेत में महल का अहसास होगा। यह उनके लिए एक अद्भुत अनुभव होगा। बुकिंग के बाद अगले दिन 11 बजे तक चेक आउट का समय रहेगा। बुकिंग के लिए श्रद्धालु 9981559342 मोबाइल नंबर पर संपर्क कर असीमित सुविधा का लाभ ले सकते हैं.
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