हिंदी विभागाध्यक्ष पर फूटा साहित्यकार के अपमान का ठीकरा!, डॉ. गौरी त्रिपाठी को पद से हटाकर, असिस्टेंट प्रोफेसर को सौंपी विभाग की कमान
The Hindi department head was accused of insulting a literary figure! Dr. Gauri Tripathi was removed from her post and the department was handed over to an assistant professor.
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ की गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में साहित्यकार के अपमान का विवाद अब और गहरा गया है. राष्ट्रीय परिसंवाद कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार मनोज रुपड़ा को अपमानित कर बाहर निकालने के मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. इस पूरे विवाद का ठीकरा हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. गौरी त्रिपाठी पर फूटा है. जिन्हें पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर रमेश गोहे को नया एचओडी बनाया गया है.
भरे कार्यक्रम से साहित्यकार को कराया था बाहर
आपको बता दें कि बीते दिनों विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय परिसंवाद का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में अध्यक्ष के रुप में भाषण देने के लिए कुलपति प्रोफेसर आलोक चक्रवालl मंच पर पहुंचे. बोलते-बोलते कुलपति विषयांतर हो गए और उन्होंने वहां मौजूद महाराष्ट्र, नागपुर से आए साहित्यकार, कथाकार मनोज रुपड़ा से पूछ लिया कि, “आप बोर तो नहीं हो रहे?” साहित्यकार रुपड़ा ने उनसे कहा, “आप इधर-उधर की जगह विषय पर बात कीजिए.”
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
इतना सुनते ही कुलपति आलोक चक्रवाल भड़क गए और उन्होंने आपा खोते हुए साहित्यकार से कहा, “कुलपति से कैसे बात करनी चाहिए. आपको नहीं पता, आप निकल जाइए. आपका यहाँ स्वागत नहीं है.” कुलपति ने उन्हें भरे कार्यक्रम से बाहर जाने को कह दिया था. इस घटना के बाद पूरे सहितिया जगत में आक्रोश था. वहीँ इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस घटना के बाद लोगों ने कुलपति को पद से हटाने की मांग थी.
इस पूरे मामले में जब कुलपति की चौतरफा आलोचना होने लगी. तो उन्होंने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए डॉ. गौरी त्रिपाठी को हटा दिया. जानकारों का मानना है कि यह कार्रवाई अपनी छवि बचाने और विवाद का ठीकरा विभाग पर फोड़ने के उद्देश्य से की गई है.
छात्र को चाकू के साथ दौड़कर किया हमला
आपको बता दे बिलासपुर का गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय लगातार अपनी अव्यवस्थाओं के कारण इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है. विश्विद्यालय में लगातार कोई ना कोई घटनाक्रम हो जा रही है. जिससे विश्वविद्यालय प्रबंधन पर सवालिया निशान लगना लाजिमी ही है. कुछ दिनों पहले यहां मेस में काम करने वाले दीपेंद्र और दीपक केवट ने बीटेक के छात्र के साथ मारपीट की और चाकू लेकर उसे दौड़ा दिया था. इसका भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसके बाद यहां पढ़ने वाले एक लॉ के स्टूडेंट ने खुद पर आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इसे पहले यूनिवर्सिटी में नमाज विवाद, छात्र अर्सलान और छात्रा की मौत के साथ छात्रों को रस्टिकेट करने का भी मामला सामने आया था.
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