सलाइन चढ़ाकर मरीज को छोड़ चले गए डॉक्टर, बॉटल खत्म होने के दौरान परिजनों की पड़ी नजर, एक्सपायरी डेट देख अस्पताल में मची अफरा-तफरी

The doctor left after administering an IV drip to the patient; relatives noticed the bottle as it was running out, and panic ensued in the hospital upon seeing the expiry date.

सलाइन चढ़ाकर मरीज को छोड़ चले गए डॉक्टर, बॉटल खत्म होने के दौरान परिजनों की पड़ी नजर, एक्सपायरी डेट देख अस्पताल में मची अफरा-तफरी

महासमुंद : महासमुंद जिला में बसना विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भंवरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. गांव की दस्त से पीड़ित एक महिला मरीज को कथित रूप से एक्सपायरी अवधि खत्म हो चुकी नॉर्मल सलाइन (एनएस) की बॉटल चढ़ा दिए जाने के आरोप के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली चर्चा में आ गई है. घटना के बाद मरीज के परिजनों में भारी नाराजगी है और पूरे मामले की जांच की मांग उठने लगी है.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम भंवरपुर की अहिल्या राणा को दस्त और कमजोरी की शिकायत होने पर परिजनों ने भंवरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था. इलाज के दौरान उन्हें एनएस सलाइन चढ़ाई गई. मरीज के पति हारलाल राणा का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. मुकेश पटेल ने सलाइन चढ़ाने के बाद थोड़ी देर में वापस आकर देखने की बात कही और वहां से बाहर चले गए. 
इसी बीच जब सलाइन की बोतल तकरीबन खत्म होने लगी तो परिजनों की नजर उस पर लिखी एक्सपायरी डेट पर पड़ी. परिजनों के मुताबिक बॉटल पर लिखी वैधता अवधि मार्च 2026 में ही खत्म हो चुकी थी. यह देखकर उनके होश उड़ गए और अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
परिजनों का कहना है कि जिस एक्सपायरी डेट को उन्होंने आसानी से पढ़ लिया. वह अस्पताल के जिम्मेदार कर्मचारियों और इलाज कर रहे चिकित्सक मुकेश पटेल की नजर से कैसे चूक गई. यह अपने आप में बड़ा सवाल है. 
घटना ने अस्पताल में दवाओं और चिकित्सा सामग्री के रखरखाव और निरीक्षण व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी एक्सपायर दवा या सलाइन का उपयोग मरीज के लिए जोखिम भरा हो सकता है. इससे संक्रमण, प्रतिकूल प्रभाव या अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है.
ऐसे में मरीज को एक्सपायर सलाइन चढ़ने का आरोप बेहद गंभीर माना जा रहा है. परिजनों ने फौरन मामले की शिकायत ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. नारायण साहू से की। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया.
बीएमओ ने बताया कि मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. हालांकि बीएमओ ने यह भी साफ किया कि संबंधित महिला की तबीयत वर्तमान में सामान्य है और उसकी हालत खतरे से बाहर है. 
इसके बावजूद यह घटना अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल छोड़ गई है. क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अस्पतालों में मरीज अपनी जान बचाने की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं लेकिन अगर इलाज के दौरान उपयोग होने वाली सलाइन और दवाओं की वैधता की भी समुचित जांच नहीं हो रही है. तो यह चिंता का विषय है. अब सभी की निगाहें विभागीय जांच पर टिकी हैं कि आखिर यह चूक किस स्तर पर हुई और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है.
बसना के बीएमओ नारायण साहू ने कहा कि भंवरपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डायरिया पीड़ित महिला को मार्च 2026 में एक्सपायर हो चुकी एन एस बॉटल चढ़ाने की जानकारी मिली है. डॉक्टर ने एनएस बॉटल की एक्सपायरी डेट पर ध्यान नहीं दिया. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के संबंधित डॉक्टर और कर्मचारियों को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. और उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है. उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगे मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार करवाई किया जाएगा.
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